कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने ऑनलाइन पिटीशन शुरू की। वहीं उनके माता-पिता ने चिंता जताई कि उन्हें अपने बेटे की गिरफ्तारी का डर सता रहा है।
नई दिल्ली: भारत में डिजिटल एक्टिविज्म के नए रूप के तौर पर सामने आई “कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) एक बार फिर सुर्खियों में है। इस डिजिटल ग्रुप के संस्थापक अभिजीत दीपके ने हाल ही में NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए एक ऑनलाइन पिटीशन शुरू की है। यह पहल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और देशभर में युवाओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
अभिजीत का कहना है कि यह पिटीशन व्यवस्था में हो रही गड़बड़ियों के खिलाफ एक शांतिपूर्ण डिजिटल विरोध है, जिसमें जनता से समर्थन की अपील की गई है।
NEET पेपर लीक पर सरकार से जवाबदेही की मांग
अभिजीत दीपके ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक टकराव को बढ़ाना नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि NEET जैसे महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। इसी कारण उन्होंने शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर पिटीशन शुरू की है।
उनका दावा है कि अगर हजारों लोग इस पिटीशन पर हस्ताक्षर करते हैं, तो यह सरकार पर दबाव बनाने का एक लोकतांत्रिक तरीका बन सकता है।
“कॉकरोच जनता पार्टी” क्या है?
कॉकरोच जनता पार्टी कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि एक डिजिटल सोशल मूवमेंट है जिसे अभिजीत दीपके ने शुरू किया है। यह खुद को “सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक और लेजी” विचारधारा से जोड़ता है।
इसका उद्देश्य युवाओं, बेरोजगारों और सोशल मीडिया एक्टिव यूजर्स को एक मंच पर लाना बताया जाता है।
पार्टी की वेबसाइट और ऑनलाइन सामग्री में इसे व्यंग्यात्मक और प्रतीकात्मक आंदोलन के रूप में पेश किया गया है, जो व्यवस्था पर सवाल उठाने के लिए इंटरनेट संस्कृति का उपयोग करता है।
माता-पिता की चिंता: “हमें डर है बेटा मुश्किल में न पड़ जाए
इस डिजिटल आंदोलन के तेजी से फैलने के बाद अभिजीत दीपके के माता-पिता ने सार्वजनिक रूप से चिंता जताई है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहने वाले उनके माता-पिता ने एक मराठी न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि वे अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
पिता का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से वे ठीक से सो नहीं पाए हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि उनके बेटे को कानूनी या प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
मां ने कहा कि उन्हें इस पूरी गतिविधि के बारे में पड़ोसियों से पता चला और वे चाहती हैं कि उनका बेटा राजनीति और विवादों से दूर रहे।
सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक और हैकिंग के आरोप
CJP से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स को लेकर भी विवाद बना हुआ है। संगठन का दावा है कि उनका पुराना X अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया था, जिसके बाद नया अकाउंट बनाया गया।
नए अकाउंट के तेजी से बढ़ते फॉलोअर्स ने भी इस आंदोलन को और अधिक ध्यान दिलाया है।

इसके अलावा अभिजीत ने अपने इंस्टाग्राम और पर्सनल अकाउंट पर हैकिंग की कोशिशों का आरोप लगाया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
युवाओं के बीच लोकप्रियता के कारण
कॉकरोच जनता पार्टी की लोकप्रियता के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं:
1. डिजिटल और मीम कल्चर का उपयोग
यह आंदोलन पूरी तरह सोशल मीडिया, मीम्स और वायरल कंटेंट पर आधारित है। युवा वर्ग इससे आसानी से जुड़ रहा है।
2. बेरोजगारी और असंतोष का माहौल
देश में बढ़ती बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के कारण युवाओं में असंतोष है, जिसका यह प्लेटफॉर्म प्रतीकात्मक रूप से प्रतिनिधित्व करता है।
3. समयानुकूल एंट्री
NEET पेपर लीक जैसे बड़े मुद्दे के समय इस आंदोलन का सामने आना इसकी पहुंच को और बढ़ा गया।
कॉकरोच जनता पार्टी के विचार और घोषणाएं
इस डिजिटल मूवमेंट ने अपने अनौपचारिक घोषणापत्र में कई प्रतीकात्मक प्रस्ताव रखे हैं, जैसे:
- सिस्टम में जवाबदेही बढ़ाना और भ्रष्टाचार पर रोक
- महिलाओं के लिए अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व
- दलबदल विरोधी सख्त कानून
- मीडिया स्वतंत्रता को लेकर सख्त रुख
- चुनावी प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग
हालांकि ये सभी प्रस्ताव व्यंग्यात्मक और विचारात्मक स्वरूप में प्रस्तुत किए गए हैं, न कि किसी आधिकारिक राजनीतिक एजेंडे के रूप में।
कानूनी और राजनीतिक स्थिति
फिलहाल कॉकरोच जनता पार्टी किसी भी तरह की आधिकारिक राजनीतिक पार्टी नहीं है और न ही इसे चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त है। इसलिए यह चुनावी राजनीति में भाग नहीं ले सकती।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि भविष्य में इसे औपचारिक राजनीतिक दल के रूप में स्थापित करना हो, तो इसके लिए चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन आवश्यक होगा।
संस्थापक अभिजीत दीपके कौन हैं?
अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के रहने वाले डिजिटल मीडिया रणनीतिकार हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद राजनीतिक डिजिटल कैंपेनिंग में काम किया है।
वे पहले एक राजनीतिक दल के सोशल मीडिया कैंपेन से भी जुड़े रहे हैं और वर्तमान में विदेश में अध्ययन कर रहे हैं। वे लंबे समय से सोशल मीडिया पर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय हैं।











