कोलकाता STF की बड़ी कार्रवाई, NH-18 पर गांजे से भरा ट्रक पकड़ा, सात संदिग्ध हिरासत में

कोलकाता पुलिस STF और पुरुलिया पुलिस ने संयुक्त अभियान में NH-18 पर गांजे से भरे ट्रक और दो एस्कॉर्ट वाहनों को पकड़ा। सात संदिग्ध हिरासत में लिए गए। जांच जारी।

कोलकाता पुलिस STF और पुरुलिया पुलिस ने संयुक्त अभियान में NH-18 पर गांजे से भरे ट्रक को पकड़कर सात संदिग्धों को हिरासत में लिया। पुलिस ने दो एस्कॉर्ट वाहन भी जब्त किए हैं और अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और पुरुलिया जिला पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक कथित अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस अभियान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-18 (NH-18) पर एक ट्रक और उसके साथ चल रहे दो एस्कॉर्ट वाहनों को रोककर सात संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ट्रक से बड़ी मात्रा में गांजा बरामद किया गया है। हालांकि जब्त किए गए मादक पदार्थ की सटीक मात्रा और उसकी अनुमानित कीमत का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

NH-18 पर देर रात चला विशेष अभियान

जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई सोमवार रात पुरुलिया जिले के बेलकुरी टोल प्लाजा के पास की गई। कोलकाता पुलिस STF को मिली खुफिया सूचना के आधार पर पुरुलिया पुलिस के सहयोग से विशेष अभियान चलाया गया। जांच एजेंसियों ने ओडिशा से आसनसोल की ओर जा रहे एक ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान ट्रक में विशेष रूप से तैयार किए गए गुप्त खांचे से गांजा बरामद किया गया।

चालक सीट के पीछे बनाया गया था गुप्त स्थान

पुलिस के अनुसार, तस्करों ने प्रतिबंधित मादक पदार्थ को ट्रक की चालक सीट के पीछे बनाए गए विशेष छिपे हुए हिस्से में रखा था, ताकि सामान्य जांच के दौरान वह आसानी से दिखाई न दे।

प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि तस्करों ने परिवहन के लिए सुनियोजित तरीके अपनाए थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं तथा मादक पदार्थ को अंतिम रूप से किस स्थान तक पहुंचाया जाना था।

दो एस्कॉर्ट वाहन भी पकड़े गए

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ट्रक के साथ चल रही दो एस्कॉर्ट गाड़ियों को भी रोका। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन वाहनों का उपयोग ट्रक की आवाजाही पर नजर रखने और संभावित पुलिस जांच की सूचना पहले से देने के लिए किया जा रहा था। संयुक्त अभियान में कुल सात लोगों को हिरासत में लिया गया है। सभी से पूछताछ की जा रही है और उनके आपसी संबंधों तथा संभावित आपराधिक नेटवर्क की जांच की जा रही है।

अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच तेज

प्रारंभिक जांच में यह मामला अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मादक पदार्थ की आपूर्ति किस राज्य से शुरू हुई, इसका गंतव्य क्या था और किन-किन राज्यों में इस नेटवर्क की गतिविधियां फैली हुई थीं। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड, वाहन संबंधी दस्तावेजों और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही हैं।

मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान जारी

पश्चिम बंगाल पुलिस पिछले कुछ समय से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चला रही है। सीमावर्ती और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई है ताकि अवैध तस्करी में शामिल गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि खुफिया जानकारी के आधार पर ऐसे संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेंगे और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने दोहराई जीरो टॉलरेंस नीति

राज्य सरकार ने इस कार्रवाई को मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता बताया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध ड्रग तस्करी और युवाओं के भविष्य को प्रभावित करने वाली किसी भी आपराधिक गतिविधि के प्रति उसकी "जीरो टॉलरेंस" नीति जारी रहेगी। सरकार का कहना है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को ऐसे मामलों में आवश्यक संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा ताकि संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

युवाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर

विशेषज्ञों का मानना है कि मादक पदार्थों की तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से भी जुड़ा विषय है। ड्रग नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकने और समाज में अपराध को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है।

इसी कारण पुलिस और अन्य एजेंसियां केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहकर उनके वित्तीय स्रोतों, आपूर्ति श्रृंखला और पूरे आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं।

आगे क्या?

फिलहाल जब्त किए गए गांजे का वजन, उसकी अनुमानित बाजार कीमत और बरामद अन्य साक्ष्यों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। हिरासत में लिए गए सातों संदिग्धों से पूछताछ जारी है और उनके खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ से इस अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, आपूर्ति मार्गों और संभावित वित्तीय लेनदेन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच के आधार पर आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

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