ट्रेन की अनुमति लेकर फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे 8 पुलिसकर्मी, TI-SI समेत सभी निलंबित

कोरबा में कारोबारी विवाद की जांच के लिए ट्रेन की अनुमति के बावजूद फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे 8 पुलिसकर्मी निलंबित हुए। टिकट के भुगतान की भी जांच जारी है।

छत्तीसगढ़ के कोरबा में कारोबारी विवाद की जांच के लिए दिल्ली गए आठ पुलिसकर्मियों को ट्रेन की अनुमति मिली थी, लेकिन वे कथित तौर पर फ्लाइट से पहुंचे। मामला सामने आने पर TI और SI समेत सभी को निलंबित कर दिया गया।

रायपुर: छत्तीसगढ़ के कोरबा में विभागीय अनुमति की अनदेखी कर ट्रेन की जगह विमान से दिल्ली यात्रा करने के मामले में आठ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है। टीम अदालत के आदेश पर कटघोरा थाने में दर्ज कारोबारी विवाद की जांच के लिए दिल्ली गई थी। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के अनुसार, निरीक्षक और उप निरीक्षक समेत सभी आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है और विमान टिकट के भुगतान की भी जांच चल रही है।

ट्रेन की अनुमति के बावजूद फ्लाइट से दिल्ली पहुंची टीम

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पुलिस विभाग के जांच दल की यात्रा को लेकर मामला सामने आया है। दिल्ली में जांच के लिए जाने वाले आठ पुलिसकर्मियों को विभाग की ओर से ट्रेन से यात्रा करने की अनुमति दी गई थी। इसके बावजूद टीम के सदस्य कथित तौर पर विमान से दिल्ली पहुंच गए।

यह दल अदालत के आदेश पर कटघोरा थाने में दर्ज एक कारोबारी विवाद से जुड़े मामले की जांच के लिए पिछले महीने दिल्ली गया था। अधिकारियों के अनुसार, यात्रा के लिए निर्धारित अनुमति से अलग माध्यम का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद विभागीय जांच शुरू की गई।

जांच पूरी होने के बाद निरीक्षक और उप निरीक्षक समेत सभी आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

TI और SI समेत आठ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

निलंबित पुलिसकर्मियों में कटघोरा थाना प्रभारी मोती पटेल, उप निरीक्षक राम पांडे, प्रधान आरक्षक गुनाराम सिन्हा, प्रधान आरक्षक गोपाल यादव और प्रधान आरक्षक राजेश कंवर शामिल हैं।

इसके अलावा आरक्षक प्रदीप राठौर, साइबर प्रकोष्ठ के आरक्षक सुशील यादव और कोरबा रिजर्व केंद्र के आरक्षक प्रशांत सिंह को भी निलंबित किया गया है।

पुलिस विभाग की कार्रवाई के बाद अब यह जांच की जा रही है कि विभागीय अनुमति के विपरीत विमान से यात्रा करने का निर्णय किस आधार पर लिया गया और इसमें किन परिस्थितियों में नियमों की अनदेखी हुई।

फ्लाइट टिकट का पैसा किसने दिया, इसकी भी जांच

मामले में सबसे अहम सवाल विमान टिकट के भुगतान को लेकर उठ रहा है। पुलिस अधिकारियों के सामने यह सवाल भी रखा गया कि क्या जांच दल को कारोबारी विवाद के शिकायतकर्ता गौरव मोदी की ओर से विमान टिकट के लिए पैसे उपलब्ध कराए गए थे।

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि इस पहलू की भी जांच की जा रही है। टिकट किसने बुक कराया, उसका भुगतान किसने किया और रकम की व्यवस्था किस तरह हुई, इसकी जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।

जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी

पुलिस अधीक्षक के अनुसार, विभागीय जांच केवल ट्रेन की अनुमति के बावजूद विमान से यात्रा करने तक सीमित नहीं है। विमान टिकट की व्यवस्था और उसके भुगतान से जुड़े पहलुओं को भी जांच में शामिल किया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल आठों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले ने पुलिसकर्मियों की आधिकारिक यात्रा में निर्धारित अनुमति और विभागीय प्रक्रियाओं के पालन को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

Leave a comment