तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने करुणानिधि की 103वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने करुणानिधि को महान नेता बताते हुए उनकी साहित्य, राजनीति और सामाजिक न्याय में योगदान को याद किया और उनकी विरासत को प्रेरणादायक बताया।
चेन्नई: तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के संस्थापक नेताओं में से एक एम. करुणानिधि की 103वीं जयंती के अवसर पर पूरे राज्य में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बहुआयामी योगदान को याद किया और उन्हें “तमिल समाज का युगपुरुष” बताया।
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि करुणानिधि केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे साहित्य, सिनेमा, प्रशासन और सामाजिक सुधारों के क्षेत्र में एक प्रभावशाली व्यक्तित्व थे, जिनकी विरासत आज भी लोगों के बीच जीवित है।
मुख्यमंत्री विजय ने बताया प्रेरणादायक व्यक्तित्व
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि करुणानिधि का जीवन तमिल भाषा और संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि करुणानिधि ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में न केवल राजनीति को नई दिशा दी, बल्कि तमिल साहित्य और फिल्म लेखन के माध्यम से भी समाज को प्रभावित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि करुणानिधि की लेखन शैली, उनकी संवाद क्षमता और सामाजिक मुद्दों पर उनकी गहरी समझ ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई।
तमिल भाषा और संस्कृति के मजबूत समर्थक
सीएम विजय ने करुणानिधि को तमिल भाषा का मजबूत संरक्षक बताते हुए कहा कि उन्होंने तमिल साहित्य को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि करुणानिधि का मानना था कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान की आत्मा होती है। इसी सोच के साथ उन्होंने तमिल भाषा के विकास और संरक्षण के लिए कई कदम उठाए।
राज्य अधिकार और संघीय ढांचे पर करुणानिधि की सोच
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि करुणानिधि ने हमेशा राज्यों के अधिकारों और संघीय ढांचे (Federal Structure) को मजबूत करने की वकालत की। उनका मानना था कि एक मजबूत भारत तभी संभव है जब सभी राज्यों को समान अधिकार और स्वतंत्रता मिले।
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सीएम विजय के अनुसार, करुणानिधि का यह दृष्टिकोण आज भी भारतीय राजनीति में प्रासंगिक बना हुआ है और नीति निर्माण में मार्गदर्शक भूमिका निभाता है।
सामाजिक न्याय आंदोलन में अहम योगदान
करुणानिधि को सामाजिक न्याय के प्रबल समर्थक के रूप में भी याद किया जाता है। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा समाज के वंचित, पिछड़े और कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा की।
उन्होंने शिक्षा, रोजगार और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया, जिससे तमिलनाडु में सामाजिक समानता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई।
करुणानिधि की साहित्य और फिल्म जगत में भूमिका
करुणानिधि का योगदान केवल राजनीति तक सीमित नहीं था। वे एक प्रसिद्ध लेखक, नाटककार और फिल्म पटकथा लेखक भी थे। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी रचनाओं ने तमिल सिनेमा को नई दिशा दी और सामाजिक मुद्दों को बड़े पर्दे पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
उनकी फिल्मों और लेखन में सामाजिक असमानता, न्याय और मानवता जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया गया, जिससे वे आम जनता से गहराई से जुड़ गए।
चेन्नई में DMK का भव्य श्रद्धांजलि आयोजन
इस अवसर पर DMK अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने चेन्नई के मरीना बीच स्थित करुणानिधि स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उनके साथ वरिष्ठ मंत्री, सांसद, विधायक और पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
स्टालिन ने कहा कि करुणानिधि का जीवन समर्पण, संघर्ष और जनता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे करुणानिधि के आदर्शों और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को आगे बढ़ाएं।
उदयनिधि स्टालिन और अन्य नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
डीएमके के युवा विंग सचिव और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने भी अपने दादा करुणानिधि को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि करुणानिधि का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
राज्य भर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने रक्तदान शिविर, सामाजिक सेवा कार्यक्रम और स्मरण सभाओं का आयोजन कर करुणानिधि को याद किया।
तमिलनाडु की राजनीति पर करुणानिधि का प्रभाव
एम. करुणानिधि तमिलनाडु के ऐसे नेता रहे हैं जिन्होंने लगभग पांच बार मुख्यमंत्री पद संभाला और करीब पांच दशकों तक DMK का नेतृत्व किया। उन्हें द्रविड़ आंदोलन का सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जाता है।
उनकी नीतियों और विचारों ने तमिलनाडु की राजनीति, समाज और प्रशासनिक ढांचे को गहराई से प्रभावित किया। वे राज्य में कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुधारों के लिए जाने जाते हैं।
स्थायी विरासत और राष्ट्रीय प्रभाव
करुणानिधि की विरासत केवल तमिलनाडु तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका प्रभाव राष्ट्रीय राजनीति तक फैला हुआ है। वे राज्यों के अधिकारों, सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक पहचान के मजबूत समर्थक थे।
विशेषज्ञों के अनुसार, उनकी राजनीतिक सोच ने भारतीय संघीय ढांचे में राज्यों की भूमिका को लेकर एक नई बहस को जन्म दिया।









