देश के जाने-माने कवि और पूर्व नेता कुमार विश्वास ने एक बार फिर अपनी तीखी टिप्पणियों के माध्यम से कांग्रेस पर निशाना साधा। इस बार उनका तंज सीधे महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत से जुड़ी राजनीति पर था।
लखनऊ: देश के जाने-माने कवि और पूर्व नेता कुमार विश्वास ने एक बार फिर अपने तीखे अंदाज में कांग्रेस पर निशाना साधा है। इस बार उनका तंज देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल और महात्मा गांधी को लेकर था। लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान कुमार विश्वास ने कांग्रेस की विचारधारा और उसके इतिहास पर व्यंग्य करते हुए कहा कि कांग्रेस ने कभी सरदार पटेल को अपना नहीं माना।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की राजनीति हमेशा चुनिंदा व्यक्तित्वों के इर्द-गिर्द घूमती रही है और बाकी महान नेताओं को नजरअंदाज किया गया। कुमार विश्वास का यह बयान एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
सरदार पटेल और कांग्रेस पर तंज
कुमार विश्वास ने कहा कि कांग्रेस ने कभी सरदार पटेल को अपना नहीं माना। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा,
'ये लोग तो इतने तेज हैं कि कांग्रेस कार्यालय के बाहर एक पुरखा बिठा रखा था। सरदार पटेल बाहर बैठे थे तो बीजेपी वाले उठा लाए। कांग्रेस बोली पटेल तो हमारे थे।'
इस बयान के माध्यम से उन्होंने कांग्रेस की कथित इतिहास और महापुरुषों की विरासत पर राजनीति करने की प्रवृत्ति को उजागर किया। उनका कहना था कि कांग्रेस केवल अपने परिवार और नामों में उलझी रही और देश के महापुरुषों की असली पहचान पर ध्यान नहीं दिया।

परिवारवाद और राजनीतिक व्यंग्य
कुमार विश्वास ने कांग्रेस पर परिवारवाद का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, तुम तो अपने नानाजी, पापाजी, मम्मीजी, चाचीजी में ही लगे रहे। पटेल बाहर बैठे थे तो कोई पूछने वाला ही नहीं था। उनका इशारा स्पष्ट था कि कांग्रेस हमेशा परिवारवाद में उलझी रही और पार्टी की वास्तविक राजनीतिक विरासत और महापुरुषों की भूमिका को नजरअंदाज करती रही।
कुमार विश्वास ने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी को गांधी जी को अपनाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, गांधी जी स्वदेशी भी कह रहे हैं, आयुर्वेद भी, गीता भी पढ़ रहे हैं, खादी भी पहन रहे हैं। सारा काम तो वही है जो बीजेपी वाले कहते हैं। इस बयान में कुमार विश्वास ने यह बताने की कोशिश की कि महापुरुषों की विचारधारा और कार्यों को राजनीतिक एजेंडा बनाने की प्रवृत्ति दोनों ही पार्टियों में देखने को मिलती है, लेकिन कांग्रेस इसे अपनाने में विफल रही।
'कांग्रेस के पास फर्जी गांधी' - कुमार विश्वास
कुमार विश्वास ने व्यंग्य करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास पहले से ही “तीन फर्जी गांधी” हैं। इसलिए असली गांधी को लेने में बीजेपी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उनका यह तंज स्पष्ट रूप से कांग्रेस पर व्यंग्यात्मक हमला था और महापुरुषों की विरासत को लेकर चल रही राजनीति पर कटाक्ष था। कुमार विश्वास का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत में इतिहास और महापुरुषों की विरासत को लेकर राजनीतिक बहसें तेज हो रही हैं।
उनके इस व्यंग्य को राजनीतिक विश्लेषकों ने कांग्रेस पर सीधा हमला माना है। समर्थक इसे सटीक और तात्कालिक व्यंग्य बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस समर्थकों को यह बयान नागवार गुज़र रहा है।









