कूनो चीता प्रोजेक्ट डायरेक्टर के ‘दिमागी नक्सल’ बयान पर विवाद, वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट ने PMO से की शिकायत

कूनो चीता प्रोजेक्ट डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा के ‘दिमागी नक्सल’ बयान पर विवाद बढ़ा। वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने PMO और NTCA से शिकायत की।

कूनो नेशनल पार्क के चीता प्रोजेक्ट डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा की ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी विवाद में आ गई है। वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने पोस्ट पर आपत्ति जताते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय और NTCA से शिकायत की है।

भोपाल: कूनो नेशनल पार्क में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चेतावनी देते हुए चीता प्रोजेक्ट डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा की एक सोशल मीडिया पोस्ट विवाद का विषय बन गई है। उन्होंने वनकर्मियों को बाहरी लोगों के साथ संवेदनशील जानकारी साझा करने से सावधान करते हुए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया। वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए PMO और NTCA से शिकायत की है।

वनकर्मियों को संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करने की सलाह

कूनो नेशनल पार्क के चीता प्रोजेक्ट डायरेक्टर और IFS अधिकारी उत्तम कुमार शर्मा की एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद शुरू हो गया है। उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा में लगे कर्मचारियों को बाहरी लोगों के साथ संवेदनशील जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी थी।

उत्तम कुमार शर्मा ने एक अखबार की खबर साझा की थी, जिसमें कूनो नेशनल पार्क में तेंदुए के शिकार और उसकी खाल के कारोबार से संबंधित मामला सामने आया था। खबर में एक वन्यजीव संगठन का नाम भी सामने आने का उल्लेख था।

अपनी पोस्ट में उन्होंने वनकर्मियों से कहा कि ट्रैक किए जा रहे वन्यजीवों की लोकेशन ऐसे लोगों को नहीं बतानी चाहिए, जिन्हें इसकी जानकारी की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यह जानकारी केवल अधिकृत और जरूरतमंद लोगों के साथ ही साझा की जानी चाहिए।

‘हर जगह दिमागी नक्सल मौजूद हैं’

अपने पोस्ट में उत्तम कुमार शर्मा ने वन्यजीवों के संरक्षण का दावा करने वाले लोगों और संगठनों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति जो वन्यजीवों की मदद करने का दावा करता है, जरूरी नहीं कि वह जमीनी परिस्थितियों को समझता हो या उसके उद्देश्य भी समान हों।

इसी संदर्भ में उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए लिखा कि ऐसे लोगों से निपटने की जरूरत है और वनकर्मियों को सतर्क रहना चाहिए।

इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हो गया। उनके बयान को लेकर वन्यजीव क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सवाल उठाए हैं।

वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट ने PMO से की शिकायत

वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने उत्तम कुमार शर्मा की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कूनो नेशनल पार्क में तेंदुए के शिकार को रोकने में कथित विफलता के बावजूद एक सरकारी अधिकारी इस तरह की टिप्पणी कर रहा है।

अजय दुबे ने अपने पोस्ट में उत्तम कुमार शर्मा के पुराने कार्यकाल से जुड़े कुछ आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पन्ना टाइगर रिजर्व में उनकी तैनाती के दौरान रेडियो कॉलर वाले बाघ के शिकार की जानकारी कथित तौर पर एक महीने बाद सामने आई थी।

उन्होंने RTI और अन्य मामलों से जुड़े आरोप भी लगाए तथा दावा किया कि अधिकारी अपने खिलाफ दर्ज मामलों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

शिकायत में क्या कहा गया

अजय दुबे ने अपनी आपत्ति प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में PMO को टैग करने के साथ राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण यानी NTCA से भी शिकायत किए जाने की बात कही है।

उन्होंने कहा कि सवाल पूछने वालों को ‘दिमागी नक्सल’ बताने जैसी टिप्पणी को लेकर अधिकारी को जवाबदेही का सामना करना चाहिए। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित अधिकारी की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अधिकारी ने पोस्ट हटाने से किया इनकार

विवाद बढ़ने के बावजूद उत्तम कुमार शर्मा ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट नहीं हटाई है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने जो लिखा है, उसका वही अर्थ है और फिलहाल वह इस मामले पर आगे कुछ नहीं कहना चाहते।

यह पूरा विवाद ऐसे समय सामने आया है जब वन्यजीव संरक्षण, वनकर्मियों की सुरक्षा और संवेदनशील वन्यजीव जानकारी को सार्वजनिक किए जाने को लेकर पहले से सतर्कता बरतने पर जोर दिया जाता रहा है। पीएमओ और NTCA को की गई शिकायत के बाद अब मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।

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