Sugar Stock Limit: बढ़ती कीमतों पर सरकार सख्त, थोक व्यापारियों के लिए स्टॉक लिमिट घटाकर 15 दिन की गई

Sugar Stock Limit: सरकार ने बढ़ती चीनी कीमतों पर सख्ती बढ़ाते हुए 10 मीट्रिक टन से ज्यादा मासिक खपत वाले थोक खरीदारों के लिए स्टॉक लिमिट 15 दिन कर दी है। नियम

भारत में चीनी की कीमतों में अचानक तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। दिल्ली के बाजारों में महज एक पखवाड़े के भीतर चीनी के खुदरा दाम में करीब 17 से 20 रुपये प्रति किलो तक का इजाफा हुआ है।

Sugar Price in India: देश के कई बाजारों में चीनी की कीमतों में तेजी के बीच केंद्र सरकार ने थोक व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा और कम कर दी है। सरकार के नए आदेश के मुताबिक, हर महीने 10 टन से अधिक चीनी बेचने वाले कारोबारी अब अधिकतम 15 दिनों की बिक्री के बराबर स्टॉक रख सकेंगे। इससे पहले यह सीमा 30 दिनों की थी।

सरकार का यह कदम खुले बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों में अचानक बढ़ोतरी को नियंत्रित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू नहीं होगा। सरकारी आदेश के अनुसार, यह व्यवस्था 1 सितंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।

दिल्ली में तेजी से बढ़े चीनी के दाम

राजधानी दिल्ली के बाजारों में हाल के दिनों में चीनी की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक, करीब दो सप्ताह के भीतर खुदरा कीमत में लगभग 17 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक की वृद्धि हुई है। फिलहाल दिल्ली के खुले बाजार में सामान्य चीनी का भाव करीब 70 से 72 रुपये प्रति किलो बताया जा रहा है। 

वहीं, ब्रांडेड या बड़े दाने वाली चीनी खरीदने पर उपभोक्ताओं को इससे अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। चीनी की कीमतों में तेजी के साथ गुड़ के दाम भी बढ़े हैं और कुछ बाजारों में इसका भाव करीब 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की जानकारी है।

किन व्यापारियों पर लागू होगा नया नियम?

सरकार की नई स्टॉक लिमिट उन चीनी विक्रेताओं पर लागू होगी, जिनकी मासिक बिक्री 10 टन से अधिक है। ऐसे थोक कारोबारी अब अपनी औसत बिक्री के आधार पर 15 दिनों से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख पाएंगे। इससे पहले केंद्र सरकार ने थोक विक्रेताओं के लिए 30 दिनों की बिक्री के बराबर स्टॉक रखने की सीमा तय की थी। अब इसे घटाकर आधा कर दिया गया है।

सरकार की कोशिश है कि व्यापारी बड़ी मात्रा में चीनी का भंडारण न कर सकें और बाजार में नियमित रूप से पर्याप्त आपूर्ति बनी रहे। इससे जमाखोरी और कृत्रिम कमी की आशंका को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

1 सितंबर से लागू होगा आदेश

सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, नई स्टॉक लिमिट 1 सितंबर 2026 से लागू होगी और 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि के दौरान सरकार बाजार की स्थिति, कीमतों और आपूर्ति पर नजर रख सकती है। चीनी की कीमतों में तेजी के बीच सरकार की ओर से आपूर्ति बढ़ाने के अन्य विकल्पों पर भी विचार किए जाने की खबरें सामने आई हैं। 

इनमें सीमित मात्रा में शुल्क-मुक्त चीनी आयात जैसे उपाय शामिल हैं। यदि घरेलू बाजार में उपलब्धता और कीमतों पर दबाव बना रहता है, तो सरकार स्थिति के अनुसार आगे भी नीतिगत कदम उठा सकती है।

Leave a comment