क्या तेज गर्मी बढ़ा रही है माइग्रेन का दर्द? एम्स न्यूरोलॉजिस्ट ने बताए कारण और राहत के 10 प्रभावी उपाय

गर्मी और तेज तापमान से माइग्रेन का दर्द बढ़ सकता है। एम्स न्यूरोलॉजिस्ट ने 10 आसान उपाय बताए, जिनमें डाइट, पानी, नींद और लाइफस्टाइल में सुधार शामिल हैं।

गर्मी के मौसम में जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, वैसे-वैसे सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या भी कई लोगों में तेज हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह केवल एक कारण से नहीं होता, बल्कि कई छोटे-छोटे ट्रिगर्स मिलकर माइग्रेन अटैक को बढ़ा देते हैं।

दिल्ली स्थित All India Institute of Medical Sciences से प्रशिक्षित न्यूरोलॉजिस्ट Dr. Priyanka Sahrawat के अनुसार, गर्मी के मौसम में शरीर पर डिहाइड्रेशन, नींद की कमी और लाइफस्टाइल में बदलाव का सीधा असर माइग्रेन पर पड़ता है।

उनका कहना है कि माइग्रेन कोई एकल कारण से होने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि यह कई शारीरिक और पर्यावरणीय कारणों के संयुक्त प्रभाव से ट्रिगर होता है।

माइग्रेन क्या है और यह क्यों बढ़ता है?

माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है जिसमें सिर के एक हिस्से में तेज दर्द, धड़कन जैसा एहसास, उल्टी, रोशनी और आवाज के प्रति संवेदनशीलता जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

गर्मियों में यह समस्या इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि शरीर का तापमान असंतुलित हो जाता है और पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) तेजी से होने लगती है।

डॉक्टरों के अनुसार, तेज धूप, लंबे समय तक बाहर रहना, और अनियमित जीवनशैली माइग्रेन को और अधिक गंभीर बना सकते हैं।

माइग्रेन के प्रमुख ट्रिगर्स (कारण)

डॉ. प्रियंका सहरावत के अनुसार माइग्रेन के कई सामान्य कारण होते हैं, जो गर्मियों में अधिक सक्रिय हो जाते हैं:

  • भोजन छोड़ देना या लंबे समय तक भूखे रहना
  • पर्याप्त नींद न लेना
  • तनाव और मानसिक दबाव
  • रात में ज्यादा स्क्रीन टाइम
  • मासिक धर्म चक्र में बदलाव
  • तेज धूप में लंबे समय तक रहना
  • बहुत गर्म मौसम में यात्रा करना
  • प्रोसेस्ड और जंक फूड का सेवन

निष्क्रिय जीवनशैली

चॉकलेट और चीज़ जैसे खाद्य पदार्थ

गर्मी में माइग्रेन क्यों बढ़ता है?

गर्मी के मौसम में शरीर तेजी से पानी खोता है, जिससे डिहाइड्रेशन हो जाता है। इससे मस्तिष्क की नसों पर असर पड़ता है और सिरदर्द शुरू हो सकता है।

इसके अलावा:

  • लू और तेज धूप
  • अनियमित खान-पान
  • नींद की कमी
  • ज्यादा कैफीन या ठंडे पेय का सेवन
  • लंबे समय तक एसी या गर्म वातावरण में रहना

ये सभी कारण माइग्रेन के खतरे को बढ़ा देते हैं।

माइग्रेन को कंट्रोल करने के 10 महत्वपूर्ण उपाय

डॉक्टरों के अनुसार, जीवनशैली और खान-पान में कुछ बदलाव करके माइग्रेन को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

1. भोजन का समय नियमित रखें

माइग्रेन से पीड़ित लोगों को रोजाना एक तय समय पर खाना खाना चाहिए। लंबे समय तक भूखे रहने से सिरदर्द का खतरा बढ़ जाता है।

  • नाश्ता: सुबह 8–9 बजे
  • दोपहर भोजन: 1–2 बजे
  • रात का खाना: 7–8 बजे

2. शरीर को हाइड्रेट रखें

गर्मी में शरीर में पानी की कमी सबसे बड़ा ट्रिगर है। रोजाना 2–3 लीटर पानी पीना जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, नारियल पानी और प्राकृतिक पेय शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखते हैं।

3. प्रोटीन युक्त आहार लें

डॉक्टरों का सुझाव है कि माइग्रेन के मरीजों को प्रोटीन से भरपूर भोजन लेना चाहिए, जैसे:

  • दालें
  • अंडे
  • पनीर
  • टोफू
  • बादाम
  • चना
  • ग्रीक योगर्ट

4. प्रोसेस्ड और तले हुए भोजन से बचें

पैकेज्ड फूड, डीप फ्राइड स्नैक्स और ट्रांस फैट माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं। इसलिए इन्हें सीमित करना चाहिए।

5. खाली पेट चाय-कॉफी न पिएं

सुबह खाली पेट कैफीन लेने से सिरदर्द बढ़ सकता है। इसकी जगह हल्का और हाइड्रेटिंग पेय लेना बेहतर है।

6. कद्दू के बीज का सेवन करें

विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना 8–10 कद्दू के बीज (pumpkin seeds) माइग्रेन को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।

7. जूस की जगह साबुत फल खाएं

पैक्ड जूस में शुगर अधिक होती है, जो माइग्रेन को ट्रिगर कर सकती है। इसलिए ताजे फल बेहतर विकल्प हैं।

8. फल और सब्जियां बढ़ाएं

रोजाना लगभग 400 ग्राम फल और सब्जियों का सेवन शरीर को डिटॉक्स करता है और सिरदर्द की संभावना कम करता है।

9. मीठे ड्रिंक्स और शराब से बचें

एनर्जी ड्रिंक, सॉफ्ट ड्रिंक और अल्कोहल माइग्रेन को बढ़ा सकते हैं, इसलिए इनका सेवन सीमित करना जरूरी है।

10. नियमित व्यायाम करें

शारीरिक गतिविधि माइग्रेन को नियंत्रित करने में बहुत मदद करती है।

  • वॉकिंग
  • जॉगिंग
  • योग
  • स्विमिंग
  • डांस या ज़ुम्बा
  • तनाव और स्क्रीन टाइम भी बड़ा कारण

डॉक्टरों के अनुसार, लगातार मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन देखना, खासकर रात में, माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। साथ ही तनाव भी एक बड़ा कारण है।

गर्मी में विशेष सावधानी क्यों जरूरी है?

गर्मी के मौसम में शरीर पहले से ही तनाव में रहता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही जैसे पानी न पीना, बाहर धूप में निकलना या नींद पूरी न करना माइग्रेन अटैक को बढ़ा सकता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्मियों में दिनचर्या को संतुलित रखना सबसे महत्वपूर्ण है।

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