लैब रिपोर्ट से हुआ खुलासा, इंदौर में 14 लोगों की मौत का कारण आया सामने

लैब रिपोर्ट से हुआ खुलासा, इंदौर में 14 लोगों की मौत का कारण आया सामने

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में पानी की पाइपलाइन रिसाव से गंदा पानी घरों में गया। इससे दस्त और उल्टी की महामारी फैली, 14 की मौत और 1400 से अधिक लोग बीमार। राज्य सरकार ने जांच और SOP बनाने की प्रक्रिया शुरू की।

Madhya Pradesh: इंदौर में कमाल की स्वच्छता के बावजूद भागीरथपुरा इलाके में पीने के पानी की पाइपलाइन में रिसाव पाया गया। इस रिसाव के कारण पानी गंदा हो गया और लोगों ने इसे पी लिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉक्टर माधव प्रसाद हसानी ने बताया कि शहर के मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में गंदे पानी की पुष्टि हुई है।

रिसाव वाली पाइपलाइन पुलिस चौकी के पास स्थित थी और इसके ऊपर एक शौचालय बन जाने के कारण पानी की सप्लाई दूषित हो गई। इसी वजह से इलाके में दस्त और उल्टी की महामारी फैल गई। इस घटना ने शहरवासियों को चौंका दिया, क्योंकि इंदौर पिछले आठ सालों से लगातार भारत का सबसे स्वच्छ शहर माना जाता रहा है।

गंदा पानी पीने से 14 लोगों की मौत और 1400 से ज्यादा बीमार

इस महामारी से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है और 1400 से ज्यादा लोग बीमार पड़ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि 8 दिनों में कुल 272 मरीजों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से 71 मरीजों को छुट्टी दे दी गई है।

अभी भी 201 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें 32 की हालत गंभीर होने के कारण ICU में रखा गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे ने बताया कि भागीरथपुरा में पीने के पानी की जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं। उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने और पीने से पहले पानी उबालने की सलाह दी।

सरकारी कदम 

मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर संजय दुबे ने भागीरथपुरा का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग ने इलाके के 1714 घरों का सर्वे किया, जिसमें 8571 लोगों की जांच की गई।

सर्वे में 338 लोगों में हल्के लक्षण पाए गए, जिन्हें घर पर ही प्राथमिक इलाज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि पूरे इलाके में साफ पानी की आपूर्ति फिर से शुरू कर दी गई है।

भागीरथपुरा पानी त्रासदी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाने का फैसला किया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

सावधानी और स्वास्थ्य संदेश

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे पीने का पानी उबाल कर ही पिएं। उन्होंने बताया कि गंदे पानी से फैलने वाली बीमारियां तेजी से गंभीर रूप ले सकती हैं। उल्टी-दस्त से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। इस महामारी ने यह दिखाया कि स्वच्छ शहर होने के बावजूद पानी की पाइपलाइन और वितरण व्यवस्था में लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है।

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