राजस्थान की लक्ष्मी शेखावत भारतीय महिला नेटबॉल टीम की उपकप्तान नियुक्त हुई हैं। वह हांगकांग में होने वाली एशियन नेटबॉल चैंपियनशिप 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। सड़क दुर्घटना के बाद शानदार वापसी कर उन्होंने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।
नवलगढ़: राजस्थान के झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के झाझड़ गांव की खिलाड़ी लक्ष्मी शेखावत को भारतीय महिला नेटबॉल टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया है। वह 6 से 15 अगस्त 2026 तक हांगकांग में आयोजित होने वाली एशियन नेटबॉल चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस प्रतियोगिता में लक्ष्मी राजस्थान की एकमात्र खिलाड़ी होंगी। उनकी नियुक्ति न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारतीय नेटबॉल में महिला खिलाड़ियों की बढ़ती भूमिका और प्रतिभा का भी प्रतीक है।
एशियन नेटबॉल चैंपियनशिप में भारत की बड़ी उम्मीद
एशियन नेटबॉल चैंपियनशिप एशिया की सबसे प्रतिष्ठित नेटबॉल प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है। इस टूर्नामेंट में महाद्वीप की कई मजबूत टीमें भाग लेती हैं और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिलता है।
भारतीय टीम में उपकप्तान के रूप में लक्ष्मी शेखावत की जिम्मेदारी केवल मैदान तक सीमित नहीं होगी, बल्कि टीम के मनोबल, रणनीति और नेतृत्व में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उनके अनुभव और प्रदर्शन को देखते हुए चयनकर्ताओं ने यह जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले भी कर चुकी हैं भारत का प्रतिनिधित्व
लक्ष्मी शेखावत इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम का हिस्सा रह चुकी हैं। लगातार अच्छे प्रदर्शन, अनुशासन और टीम भावना के कारण उन्होंने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं और कोचिंग स्टाफ का विश्वास जीता है।
भारतीय टीम के साथ उनका अनुभव उन्हें युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करने और चुनौतीपूर्ण मुकाबलों में टीम का नेतृत्व करने में मदद करेगा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि उपकप्तान के रूप में उनका चयन उनके निरंतर प्रदर्शन का परिणाम है।
कठिन संघर्ष के बाद हासिल की सफलता
लक्ष्मी शेखावत की सफलता केवल खेल उपलब्धियों की कहानी नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति का भी उदाहरण है।
स्कूल के दिनों में एक सड़क दुर्घटना में उनकी रीढ़ की हड्डी के एल-1 और एल-2 हिस्से में गंभीर फ्रैक्चर हो गया था। उस समय चिकित्सकों के सामने उनका इलाज एक बड़ी चुनौती था और लंबे समय तक उन्हें उपचार एवं पुनर्वास से गुजरना पड़ा।
गंभीर चोट के बावजूद उन्होंने खेल से दूरी नहीं बनाई। लगातार मेहनत, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने दोबारा मैदान में वापसी की। उनकी यह यात्रा उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो चोट या कठिन परिस्थितियों के कारण अपने सपनों को अधूरा मान लेते हैं।
परिवार का मिला मजबूत सहयोग
लक्ष्मी की उपलब्धि के पीछे उनके परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके पिता वीरेंद्र सिंह शेखावत भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और उन्होंने बचपन से ही अनुशासन तथा मेहनत की सीख दी।
वहीं उनके बड़े भाई स्वराज सिंह, जो उप जिला शिक्षा अधिकारी हैं, ने खेलों के प्रति उनका उत्साह लगातार बढ़ाया। परिवार के सहयोग और सकारात्मक माहौल ने लक्ष्मी को कठिन समय में भी आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया।
परिवार का कहना है कि लक्ष्मी ने हर चुनौती को अवसर में बदला और कभी हार नहीं मानी।
राजस्थान के लिए गर्व का अवसर
एशियन नेटबॉल चैंपियनशिप 2026 में राजस्थान से एकमात्र खिलाड़ी के रूप में चयनित होना राज्य के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। इससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को यह संदेश मिलता है कि ग्रामीण क्षेत्रों से भी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है।
खेल जगत के जानकारों का मानना है कि यदि खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण, सुविधाएं और निरंतर अवसर मिलें तो भारत नेटबॉल जैसे खेलों में भी वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बना सकता है।
महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण
लक्ष्मी शेखावत की कहानी विशेष रूप से उन युवा महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों या कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करना चाहती हैं।
उनकी यात्रा यह साबित करती है कि कठिनाइयां सफलता का रास्ता रोक नहीं सकतीं, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे।
खेल मनोवैज्ञानिकों के अनुसार ऐसे उदाहरण युवा खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देते हैं।
भारत की नजर बेहतर प्रदर्शन पर
हांगकांग में होने वाली एशियन नेटबॉल चैंपियनशिप में भारतीय टीम बेहतर प्रदर्शन के लक्ष्य के साथ उतरेगी। टीम को उम्मीद है कि अनुभवी खिलाड़ियों और नए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के संतुलन से वह मजबूत चुनौती पेश करेगी।
उपकप्तान के रूप में लक्ष्मी शेखावत का अनुभव टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। भारतीय खेल प्रेमियों की नजर अब इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में टीम के प्रदर्शन और लक्ष्मी के नेतृत्व पर रहेगी।









