लद्दाख संगठनों और केंद्र सरकार के बीच गतिरोध खत्म करने के लिए गृह मंत्रालय ने 22 मई को दिल्ली में बैठक बुलाई है। इसमें राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी, जिससे समाधान की उम्मीद बढ़ी है।
Jammu: Ladakh Dialogue Update लद्दाख के प्रमुख संगठनों और केंद्र सरकार के बीच लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को सुलझाने के लिए गृह मंत्रालय ने 22 मई को दिल्ली में उप-समिति की बैठक तय की है। इस बैठक में लेह और कारगिल के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जहां राज्य के दर्जे और छठी अनुसूची जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। 2025 की हिंसा के बाद रुकी बातचीत को फिर से शुरू करने की यह कोशिश क्षेत्र में स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
लद्दाख मुद्दों पर समाधान की दिशा में केंद्र की पहल तेज
लद्दाख क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार ने पहल तेज कर दी है। गृह मंत्रालय ने आगामी 22 मई को दिल्ली में उप समिति की बैठक बुलाने का निर्णय लिया है, जिसमें लद्दाख के प्रमुख हितधारकों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी। यह बैठक क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस बैठक में लेह अपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के तीन-तीन प्रतिनिधियों सहित अन्य संबंधित पक्ष भी शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों पर संवाद को आगे बढ़ाना और समाधान की संभावनाओं को मजबूत करना बताया जा रहा है।
बातचीत प्रक्रिया को फिर से गति देने की कोशिश

लद्दाख के मुद्दों पर बातचीत की प्रक्रिया चार फरवरी से शुरू हुई थी, लेकिन अब तक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। पिछले दौर की चर्चाओं में क्षेत्र के संगठनों ने राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्राथमिकता देने की मांग रखी थी, जिन पर अब तक कोई स्पष्ट सहमति नहीं बन सकी है।
सितंबर 2025 में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद संवाद प्रक्रिया और धीमी पड़ गई थी, जिसमें कई लोगों की जान भी गई थी। अब केंद्र सरकार इस बैठक के जरिए संवाद को दोबारा प्रभावी बनाने और भरोसा बहाल करने की कोशिश कर रही है।
उपराज्यपाल ने जताई उम्मीद, हितधारकों के बीच सहमति की संभावना
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस बैठक को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई यह बैठक क्षेत्र के हितधारकों के बीच रचनात्मक और लोकतांत्रिक संवाद को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और इससे स्थायी समाधान का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
हालांकि, लेह अपेक्स बॉडी के प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्हें अभी तक गृह मंत्रालय से औपचारिक आमंत्रण नहीं मिला है। संगठन इस बैठक में भागीदारी को लेकर अंतिम निर्णय अपनी संयुक्त बैठक के बाद लेने की बात कह रहे हैं, साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि वे अब मुख्य मुद्दों पर ठोस बातचीत की उम्मीद कर रहे हैं।









