लखनऊ में तीन दिवसीय आम महोत्सव की शुरुआत आज से होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका उद्घाटन करेंगे। महोत्सव में 800 से अधिक आम की प्रजातियां प्रदर्शित की जाएंगी और सात राज्यों के 900 से ज्यादा बागबान हिस्सा लेंगे।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज से तीन दिवसीय आम महोत्सव का आगाज होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। महोत्सव में आम की सैकड़ों दुर्लभ और लोकप्रिय प्रजातियों के साथ आधुनिक बागवानी तकनीकों, निर्यात और विपणन से जुड़े कई कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सजेगा आम का सबसे बड़ा आयोजन
लखनऊ में गुरुवार से शुरू हो रहा तीन दिवसीय आम महोत्सव देशभर के आम उत्पादकों, बागवानों और कृषि विशेषज्ञों के लिए एक बड़ा मंच बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। 5 जुलाई तक चलने वाले इस आयोजन में आम की 800 से अधिक दुर्लभ, पारंपरिक और लोकप्रिय प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा। उद्यान विभाग के अनुसार इस बार महोत्सव को पहले से अधिक भव्य बनाया गया है, ताकि आम उत्पादकों को नई तकनीकों, बेहतर बाजार और निर्यात के अवसरों से जोड़ा जा सके।
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आयोजन में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र सहित सात राज्यों के 900 से अधिक प्रगतिशील बागबान, उत्पादक और निर्यातक भाग लेंगे। इससे विभिन्न राज्यों के किसानों और व्यापारियों को अनुभव साझा करने और नए व्यावसायिक संबंध बनाने का अवसर मिलेगा।
800 प्रजातियां बनेंगी आकर्षण का केंद्र
उद्यान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह के अनुसार महोत्सव में सात श्रेणियों और 56 वर्गों के अंतर्गत 800 से अधिक आम की प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा। आगंतुक केवल इन दुर्लभ किस्मों को देख ही नहीं सकेंगे, बल्कि कई प्रजातियों का स्वाद भी ले पाएंगे। इसके साथ ही उन्हें आम के पौधे, नई किस्मों और उनकी खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
महोत्सव के दौरान बच्चों के लिए आम खाने की प्रतियोगिता और आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। आयोजकों का मानना है कि इससे बच्चों और युवाओं में बागवानी तथा फलों के प्रति रुचि बढ़ेगी।
किसानों और निर्यातकों को मिलेगा नया मंच
चार जुलाई को जनभवन में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जहां देश-विदेश के खरीदार और आम उत्पादक आमने-सामने बातचीत कर सकेंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और आम के निर्यात को बढ़ावा देना है। इसके अलावा महोत्सव में विशेषज्ञों द्वारा उन्नत बागवानी तकनीक, फल तुड़ाई के बाद प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, गुणवत्ता सुधार और विपणन से जुड़े विषयों पर कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी।
विशेषज्ञ किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों और उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी देंगे। इससे आम उत्पादकों को नई तकनीक अपनाने और बेहतर गुणवत्ता वाला उत्पादन तैयार करने में मदद मिलेगी।
आम उत्पादन और निर्यात में उत्तर प्रदेश अग्रणी
उत्तर प्रदेश देश में आम उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश में लगभग 3.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आम की खेती की जाती है और सालाना 61.96 लाख टन उत्पादन होता है, जो देश के कुल उत्पादन का 26.22 प्रतिशत है। दशहरी, लंगड़ा, चौसा, लखनऊ सफेदा, रटौल और आम्रपाली जैसी किस्में देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी अलग पहचान रखती हैं।
राज्य सरकार के अनुसार वर्ष 2025-26 में प्रदेश से आम और आम पल्प का निर्यात बढ़कर 12.67 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। निर्यात को और बढ़ावा देने के लिए लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी और अमरोहा में मैंगो पैक हाउस स्थापित किए गए हैं। वहीं जेवर एयरपोर्ट के पास आधुनिक टेस्टिंग और ट्रीटमेंट सेंटर विकसित किया जा रहा है। सरकार बागबानों को फल बैग वितरण और पुराने बागों के कैनोपी प्रबंधन पर 40 प्रतिशत तक अनुदान भी उपलब्ध करा रही है। इन प्रयासों से प्रदेश के आम उत्पादकों को घरेलू और वैश्विक बाजार में बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।









