उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को भाजपा की ओर से लोकतंत्र बचाओ रैली और पदयात्रा निकाली गई। इस दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। रैली में लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू वोट चोरी करके प्रधानमंत्री बने थे। वहीं उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस लोगों को परेशान कर रही है। भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
इस पदयात्रा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा की ओर से इस अभियान को लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ नाम दिया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों का जवाब जनता के बीच जाकर दिया जाएगा।
लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने रैली के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जिक्र करते हुए उन पर वोट चोरी करके प्रधानमंत्री बनने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र को लेकर विपक्ष की ओर से जो बातें कही जा रही हैं उनकी सच्चाई जनता के सामने रखी जानी चाहिए। मेयर के इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। यह बयान भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच आया है।
वहीं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस लोगों को परेशान कर रही है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा का कहना है कि मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है। पार्टी नेताओं ने लोगों से चुनावी प्रक्रिया को लेकर फैलाए जा रहे कथित भ्रम से सतर्क रहने की अपील की।
दरअसल कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार तथा चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दलों ने रैली आयोजित की थी। इसके बाद भाजपा ने भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में पदयात्रा और जनसभाएं आयोजित करने का निर्णय लिया।
लखनऊ में निकाली गई पदयात्रा लोकभवन से शुरू होकर परिवर्तन चौक तक पहुंची। इसमें भाजपा के नेता और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। पदयात्रा के दौरान नेताओं ने जनता के बीच जाकर विपक्ष के आरोपों पर अपना पक्ष रखा। पार्टी की ओर से इस अभियान के जरिए चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर अपनी बात लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की गई।
भाजपा ने उत्तर प्रदेश के छह संगठनात्मक क्षेत्रों में तीन से पांच नवंबर तक पदयात्रा आयोजित करने की योजना बनाई है। तीन नवंबर को लखनऊ और बरेली में कार्यक्रम आयोजित किए गए। चार नवंबर को गोरखपुर प्रयागराज और कानपुर में पदयात्रा निकाली जाएगी। पांच नवंबर को गाजियाबाद में कार्यक्रम प्रस्तावित है। इन कार्यक्रमों में भाजपा के केंद्रीय और प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेता हिस्सा ले रहे हैं।
भाजपा नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्ष चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हैं। वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां लगातार उठा रहे हैं। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। लखनऊ में मेयर के नेहरू पर दिए गए बयान और उपमुख्यमंत्री के कांग्रेस पर हमले के बाद यह मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।










