लखनऊ में कमल की आकृति में बनेगी नई विधानसभा 900 सीटों की क्षमता सहारा शहर की 200 एकड़ जमीन पर तैयार होगा आधुनिक परिसर

लखनऊ के सहारा शहर क्षेत्र में करीब 200 एकड़ में नई विधानसभा परिसर बनाने की तैयारी है। कमल की आकृति वाले भवन में लगभग 900 सीटों की क्षमता प्रस्तावित है।
लखनऊ में कमल की आकृति में बनेगी नई विधानसभा 900 सीटों की क्षमता सहारा शहर की 200 एकड़ जमीन पर तैयार होगा आधुनिक परिसर
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लखनऊ में उत्तर प्रदेश की नई विधानसभा को आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। प्रस्तावित योजना के अनुसार नया विधानसभा परिसर सहारा शहर (सहारा शाहर) क्षेत्र में लगभग 200 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। भवन का डिजाइन कमल (Lotus) की आकृति से प्रेरित होगा और इसमें करीब 900 लोगों के बैठने की क्षमता प्रस्तावित है।

नई विधानसभा का उद्देश्य केवल एक नया भवन बनाना नहीं, बल्कि ऐसा एकीकृत प्रशासनिक एवं विधायी परिसर तैयार करना है, जहां वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा जा सके। मौजूदा विधानसभा भवन ऐतिहासिक महत्व का है, लेकिन बढ़ती विधायी और प्रशासनिक जरूरतों के कारण लंबे समय से बड़े परिसर की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

प्रस्तावित परिसर में विधानसभा कक्ष के अलावा विधान परिषद से जुड़े भवन, विधायकों और अधिकारियों के कार्यालय, आधुनिक समिति कक्ष, मीडिया सेंटर, डिजिटल कॉन्फ्रेंस हॉल, विशाल पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, हरित क्षेत्र और आगंतुकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित किए जाने की योजना है। इसका उद्देश्य विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाना है।

बताया जा रहा है कि सहारा शहर की जमीन बड़े क्षेत्रफल और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण इस परियोजना के लिए उपयुक्त मानी जा रही है। सरकार पहले विभिन्न स्थानों का परीक्षण कर चुकी है, जिसके बाद इस क्षेत्र को प्रमुख विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि परियोजना को अंतिम रूप देने से पहले विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

नई विधानसभा का डिजाइन भारतीय सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक वास्तुकला का मिश्रण होगा। कमल की आकृति वाले भवन में प्राकृतिक रोशनी, ऊर्जा दक्ष तकनीक, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा। परिसर में भविष्य में विधायकों की संख्या बढ़ने या प्रशासनिक विस्तार की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है।

मौजूदा विधानसभा भवन वर्ष 1928 में निर्मित ऐतिहासिक धरोहर है और आज भी उत्तर प्रदेश की विधायी परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। इसके बावजूद सीमित स्थान के कारण नई विधानसभा परिसर की योजना पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है।

यदि परियोजना निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ती है, तो लखनऊ को आने वाले वर्षों में देश के सबसे आधुनिक और विशाल विधानसभा परिसरों में से एक मिलने की संभावना है। फिलहाल परियोजना से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर कार्य जारी है तथा अंतिम स्वीकृतियों के बाद निर्माण प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

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