लखनऊ में महिला ने लगाया मतांतरण के प्रयास का आरोप, बिरयानी में गोमांस खिलाने की शिकायत

कानपुर की एक महिला ने लखनऊ में सहेली और उसके पति पर गोमांस खिलाकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत प्रशासन को भेजी गई है।

कानपुर की एक महिला ने लखनऊ में अपनी सहेली और उसके पति पर गोमांस खिलाकर मतांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल और मुख्यमंत्री को भेजे पत्र के माध्यम से की है।

Lucknow: कानपुर निवासी एक महिला ने लखनऊ में रहने वाली अपनी सहेली और उसके पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसे बकरीद के मौके पर घर बुलाकर कथित रूप से गोमांस से बनी बिरयानी खिलाई गई और बाद में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया। मामले की शिकायत प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।

महिला ने सहेली और उसके पति पर लगाए गंभीर आरोप

कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र की रहने वाली अनीता गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि उनकी बचपन की सहेली ने उन्हें बकरीद के अवसर पर लखनऊ स्थित अपने घर आमंत्रित किया था। महिला के अनुसार वह 28 मई को अपने बेटे और भतीजे के साथ सहेली के घर पहुंची थी।

पीड़िता का दावा है कि रात के भोजन के दौरान माहौल अचानक बदल गया। आरोप है कि सहेली के पति ने उनसे अपने पति को छोड़ने और एक मुस्लिम युवक से निकाह करने की बात कही। महिला का कहना है कि उन्होंने इस प्रस्ताव का विरोध किया, जिसके बाद घटनाक्रम ने गंभीर रूप ले लिया।

बिरयानी में गोमांस खिलाने का आरोप

महिला का आरोप है कि भोजन के दौरान उन्हें बिना जानकारी दिए गोमांस से बनी बिरयानी परोसी गई। बाद में इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। पीड़िता के अनुसार भोजन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें उल्टियां होने लगीं।

महिला ने दावा किया कि विरोध करने पर सहेली और उसके पति ने अपने धर्म से जुड़ी बातें समझाने की कोशिश की। उनका आरोप है कि इसके बाद एक मौलाना को भी बुलाया गया, जिसने धार्मिक ग्रंथों की आयतें पढ़ने के लिए कहा। महिला का कहना है कि उन्होंने ऐसा करने से इंकार कर दिया।

मतांतरण के दबाव का दावा

शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि उन पर धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक दबाव बनाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें जबरन पानी पिलाया गया, जिसके बाद उन्हें चक्कर आने लगे।

हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी या जांच में पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर मामले की सत्यता की जांच होना बाकी है।

जेवर चोरी का आरोप लगाने की भी शिकायत

पीड़िता का कहना है कि अगले दिन जब वह वहां से जाने की तैयारी कर रही थीं, तब उन पर कथित रूप से जेवर चोरी का आरोप लगाया गया। उनके अनुसार आरोपित पक्ष ने पुलिस को बुला लिया, जिसके बाद उन्हें चौकी ले जाया गया। बाद में पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

महिला का आरोप है कि यह कदम उन्हें डराने और शिकायत करने से रोकने के लिए उठाया गया। इसी के बाद उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर मामले की जांच की मांग की।

पुलिस ने जांच की बात कही

मामले पर संबंधित पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार अभी तक उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह मामला आरोप और शिकायत के स्तर पर है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि यदि पीड़िता औपचारिक शिकायत दर्ज कराती है या मामला संबंधित थाने तक पहुंचता है, तो सभी पक्षों के बयान लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

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