मदन राठौड़ का कांग्रेस पर हमला, बोले- ‘सभी नेता एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे’

राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके नेता एक-दूसरे को नीचा दिखा रहे हैं। उन्होंने EVM और चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए।

राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के नेता एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं। उन्होंने डोटासरा और टीकाराम जूली पर भी टिप्पणी की और चुनावी हार के बाद EVM मुद्दे पर सवाल उठाए।

जयपुर: राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर नेता एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पर भी निशाना साधा। राठौड़ ने चुनावी हार के बाद EVM और मुख्य चुनाव आयुक्त को जिम्मेदार ठहराने के कांग्रेस के रुख पर भी सवाल उठाए।

डोटासरा और टीकाराम जूली पर साधा निशाना

मदन राठौड़ ने कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि गोविंद सिंह डोटासरा ‘बिना फुटबॉल के फुटबॉल खेल रहे हैं’। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को लेकर कहा कि वह ‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने’ देख रहे हैं। राठौड़ के इन बयानों की रिपोर्ट 30 सितंबर को राजस्थान की राजनीति से जुड़ी स्थानीय रिपोर्टों में सामने आई।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच पुराने मतभेदों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि जब दोनों नेताओं का आमना-सामना होगा तो वे एक-दूसरे की नजरों में नजरें नहीं मिला पाएंगे। हालांकि, यह टिप्पणी राठौड़ का राजनीतिक दावा है और इसे कांग्रेस के भीतर संबंधों की स्वतंत्र पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

‘कांग्रेस के सभी नेता एक-दूसरे को नीचा दिखा रहे’

राठौड़ ने कांग्रेस संगठन को लेकर भी टिप्पणी की। उनके मुताबिक, कांग्रेस का संगठन बिखरा हुआ है और पार्टी के सभी नेता एक-दूसरे को नीचा दिखाने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने यह बयान ऐसे समय दिया है जब राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज है। राठौड़ ने पंचायती राज चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत का दावा भी किया। साथ ही उन्होंने राजनीति में हल्के स्तर की बयानबाजी को लेकर कहा कि नेताओं को शब्दों का चयन सही तरीके से करना चाहिए।

EVM और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस पर पलटवार

मदन राठौड़ ने निकाय चुनाव में कांग्रेस की ओर से लगाए गए कथित धांधली के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस के रुख को ‘डबल स्टैंडर्ड’ बताते हुए कहा कि एक तरफ पार्टी यह कहकर अपनी पीठ थपथपाती है कि उसे भाजपा से थोड़े ही कम वोट मिले, जबकि दूसरी तरफ सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाती है।

राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस जहां चुनाव जीतती है, वहां अपनी जीत का श्रेय लेती है, लेकिन जहां हारती है, वहां कभी EVM और कभी मुख्य चुनाव आयुक्त पर हार का ठीकरा फोड़ती है।

उन्होंने इसी संदर्भ में कांग्रेस के संगठन पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के भीतर नेता एक-दूसरे को कमजोर करने में लगे हैं। ये सभी टिप्पणियां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की ओर से कांग्रेस के खिलाफ की गई राजनीतिक आलोचना हैं।

दिल्ली में INDIA गठबंधन की अहम बैठक

मदन राठौड़ की टिप्पणियों के बीच 30 सितंबर को नई दिल्ली में कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन के कई दलों के नेताओं की बैठक भी हुई। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। विपक्षी दलों ने संयुक्त आंदोलन की रूपरेखा पर भी विचार किया।

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी के अलावा तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, RJD नेता तेजस्वी यादव और NCP (SP) की सांसद सुप्रिया सुले समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, TMC, NCP (SP), शिवसेना (UBT), RJD, CPI(M), CPI, JKNC, PDP, JMM और अन्य दलों समेत 19 विपक्षी दलों की भागीदारी बताई गई।

अखिलेश यादव, AAP और DMK बैठक से दूर

INDIA गठबंधन की बैठक में सभी प्रमुख सहयोगी दल शामिल नहीं हुए। PTI के अनुसार, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं हुए। वहीं, आम आदमी पार्टी और DMK ने भी बैठक से दूरी बनाए रखी। अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी को उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के नामांकन से जुड़ी व्यस्तताओं से जोड़ा गया।

बैठक के बाद विपक्षी दलों ने SIR को लेकर संयुक्त आंदोलन की योजना बनाई। PTI के मुताबिक, 2 से 8 अक्टूबर के बीच ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च और जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों के सामने प्रदर्शन आयोजित करने की योजना पर सहमति बनी।

चुनावी मुद्दों पर भाजपा और विपक्ष आमने-सामने

INDIA गठबंधन की बैठक में विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया और SIR को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं। Reuters के अनुसार, विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर देशव्यापी विरोध अभियान शुरू करने की योजना बनाई है। विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े सवाल उठाए हैं।

दूसरी ओर, भाजपा नेता विपक्ष के इन आरोपों को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। इसी राजनीतिक संदर्भ में राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस के संगठन, उसके नेताओं के बीच मतभेद और चुनावी हार के बाद EVM तथा चुनाव आयोग पर सवाल उठाने के मुद्दे को लेकर हमला बोला है।

राजस्थान की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच यह बयानबाजी आने वाले स्थानीय और चुनावी मुद्दों को लेकर दोनों दलों की रणनीति का हिस्सा है। राठौड़ के बयान कांग्रेस के खिलाफ भाजपा के राजनीतिक रुख को दर्शाते हैं, जबकि INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने मुद्दों को संयुक्त रूप से उठाने की तैयारी में हैं।

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