Maharashtra BMC Election 2026: महायुति गठबंधन की जीत, भाई के साथ भी राज ठाकरे की मनसे रहे असफल

Maharashtra BMC Election 2026: महायुति गठबंधन की जीत, भाई के साथ भी राज ठाकरे की मनसे रहे असफल

महाराष्ट्र BMC और नगर निगम चुनाव में बीजेपी और महायुति गठबंधन ने जोरदार जीत दर्ज की। मनसे कमजोर साबित हुई, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना मजबूत स्थिति में रही। नागपुर और पुणे में बीजेपी मेयर बनाने की राह पर।

Maharashtra BMC Election 2026: महाराष्ट्र में बीएमसी समेत 29 नगर निगमों के चुनाव के नतीजे सामने आने लगे हैं। इस बार चुनावों में बीजेपी और महायुति गठबंधन ने धुंआधार प्रदर्शन किया है। बीएमसी में पहली बार बीजेपी को बहुमत मिलता दिख रहा है, जबकि शिवसेना के शिंदे गुट भी मजबूत स्थिति में है। नागपुर, पुणे और अन्य बड़े शहरों में बीजेपी अपने मेयर बनाने की ओर अग्रसर है।

इन चुनावों में सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा राज ठाकरे की मनसे और ठाकरे ब्रदर्स की जोड़ी को लेकर रही। चुनाव से पहले राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की सेनाओं ने साथ आकर गठबंधन किया था। जनता ने इस जोड़ को नजरअंदाज करते हुए 22 शहरों में मनसे को पूरी तरह असफल कर दिया।

ठाकरे ब्रदर्स का जादू खत्म

राज ठाकरे की पार्टी मनसे ने इस चुनाव में मराठी मानुष और मराठी अस्मिता के मुद्दे को प्रमुखता दी। हालांकि, परिणामों से स्पष्ट हुआ कि जनता ने मनसे को नकार दिया। बीएमसी सहित महाराष्ट्र के 22 शहरों में मनसे का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा।

बीजेपी और महायुति के गठबंधन ने हर शहर में मजबूती दिखाते हुए सत्ता पर कब्जा जमाया। वहीं मनसे को ना तो मुंबई में, ना पुणे में और ना ही राज्य के किसी अन्य प्रमुख शहर में जनता का समर्थन मिला।

बीएमसी में मतगणना का हाल

बीएमसी के 227 वार्डों की मतगणना में बीजेपी 88 सीटों पर आगे चल रही है। शिंदे गुट की शिवसेना भी अपने दम पर मजबूत स्थिति में है। इस समय रुझानों से स्पष्ट हो रहा है कि बीजेपी और महायुति गठबंधन बीएमसी में बहुमत हासिल कर सकता है।

राज ठाकरे की मनसे ने गठबंधन के तहत कुछ ही सीटों पर चुनाव लड़ा और 20 से 30 वार्डों में ही उनकी पकड़ मजबूत दिखाई दी। इसके बावजूद मनसे को अब तक सिर्फ पांच सीटों पर जीत की संभावना नजर आ रही है।

मुंबई और अन्य शहरों में मनसे का कमजोर प्रदर्शन

मुंबई ही नहीं, बल्कि राज्य के बाहर भी मनसे का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। 29 नगर निगमों में मनसे का सफाया होने के संकेत मिल रहे हैं। जबकि बीजेपी और महायुति ने हर शहर में सक्रिय चुनाव प्रचार और मजबूत संगठनात्मक रणनीति के दम पर जन समर्थन हासिल किया।

बीजेपी ने बीएमसी में पहली बार बहुमत प्राप्त कर अपनी ताकत का परिचय दिया। नागपुर, पुणे और ठाणे जैसे शहरों में बीजेपी जीत की ओर अग्रसर है। इसके साथ ही महायुति गठबंधन ने भी अपने उम्मीदवारों के माध्यम से सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत की।

चुनाव रणनीति

राज ठाकरे की मनसे ने सभी 29 नगर निगमों में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे। मुंबई में 227 वार्ड में कुछ प्रमुख सीटों पर ही मनसे उम्मीदवारों को उतारा गया। गठबंधन के तहत मनसे ने उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के साथ चुनाव लड़ा।

मुख्य वार्डों में मनसे ने अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन जनता ने उन्हें नकार दिया। बीएमसी में मनसे का प्रदर्शन कमजोर रहा और जीत की संख्या बहुत कम दिख रही है।

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