Maharashtra Politics: एकनाथ शिंदे की नाराज़गी पर सियासत तेज, उद्धव गुट ने कसा तंज; कांग्रेस बोली- ‘ट्रिपल इंजन की गैंगवार’

एकनाथ शिंदे की नाराज़गी के बाद महाराष्ट्र में सियासत तेज हो गई है। उद्धव गुट ने तंज कसा, जबकि कांग्रेस ने इसे ‘ट्रिपल इंजन की गैंगवार’ बताया। जानें विवाद की

महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों हलचल बेहद तेज़ हो गई है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और बीजेपी के बीच कथित तनाव की खबरों ने महायुति गठबंधन में खटपट की चर्चा को हवा दे दी है। इस विवाद ने न सिर्फ विपक्ष बल्कि शिवसेना (यूबीटी) को भी हमला करने का मौका दे दिया है।

मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) के नेता आनंद दुबे ने महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “बोया पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय”—इशारा देते हुए कि मौजूदा सत्ता गठबंधन से सकारात्मक परिणाम की उम्मीद करना व्यर्थ है। उनका आरोप है कि कुछ साल पहले भाजपा के साथ मिलकर इन नेताओं ने शिवसेना को तोड़ने और उन्हें कमजोर करने की कोशिश की थी, लेकिन आज स्थिति उलट चुकी है और अब इनकी राजनीतिक हैसियत लगातार गिर रही है।

आनंद दुबे ने बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट बैठक का भी ज़िक्र किया और दावा किया कि सत्ता पक्ष के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। उनका कहना है कि बैठक में उनकी ही पार्टी के कई नेता अनुपस्थित रहे, जिससे साफ संकेत मिलता है कि गठबंधन के भीतर दरारें गहरी हो चुकी हैं। दुबे ने कहा कि मौजूदा हालात देखकर लगता है कि इस सरकार से अब कोई ठोस उपलब्धि मिलने की उम्मीद नहीं है और अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं।

उद्धव गुट का वार: 'बोया पेड़ बबूल का…'

शिवसेना (यूबीटी) के नेता आनंद दुबे ने शिंदे गुट पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग हमारी पार्टी तोड़ने में लगे थे, आज वे खुद अलग-थलग पड़ चुके हैं। उन्होंने कहा, बोया पेड़ बबूल का, तो आम कहां से होय? आनंद दुबे का आरोप है कि बीजेपी और शिंदे गुट की मिलीभगत से शिवसेना को तोड़ा गया था, और आज वही लोग अंदरूनी कलह और आपसी अविश्वास के शिकार हो रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में शिंदे खेमे के कई मंत्री शामिल नहीं हुए, यह साफ संकेत है कि शिंदे की अपनी टीम में भी असंतोष बढ़ रहा है। आनंद दुबे ने शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे के लोकसभा क्षेत्र का भी जिक्र किया। उनका आरोप है कि बीजेपी वहां शिवसेना शिंदे गुट के नेताओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चौहान वहां सक्रिय हैं और लगातार शिंदे गुट के नेताओं को बीजेपी में शामिल कर रहे हैं। दुबे के मुताबिक इससे साफ है कि, बीजेपी और शिंदे के रिश्ते अब पहले जैसे नहीं बचे, क्षेत्रीय स्तर पर दोनों दलों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है।

शिंदे शिवसेना में ‘नई फूट’ की भविष्यवाणी

उद्धव गुट के आनंद दुबे ने दावा किया कि शिंदे की शिवसेना में बड़ी फूट होने वाली है। कई नेता या तो बीजेपी में शामिल हो सकते हैं, या फिर शिवसेना (यूबीटी) से हाथ मिला सकते हैं। वे कहते हैं:

कई नेता हमारे संपर्क में हैं।

  • हम उनकी निष्ठा की जांच कर रहे हैं।
  • भविष्य में बड़े स्तर पर भगदड़ देखने को मिलेगी।

उनका यह भी कहना है कि बीजेपी की जांच एजेंसियों पर पकड़ के चलते शिंदे गुट पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जा रहा है। दुबे ने कहा कि 2 दिसंबर को होने वाले महापालिका चुनाव से पहले सरकार में “सिर फुटव्वल” जैसी स्थिति बनने वाली है। महायुति की एकता लगातार कमजोर होती दिख रही है और यह विपक्ष के लिए बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।

कांग्रेस का तंज: ‘ट्रिपल इंजन सरकार में गैंगवार’

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी एकनाथ शिंदे की नाराज़गी पर तंज कसते हुए कहा, यह ट्रिपल इंजन वाली सरकार है, और इसके तीनों इंजन अलग-अलग दिशाओं में भाग रहे हैं। कभी शिंदे नाराज़ होकर गांव में चले जाते हैं, तो कभी दूसरा डिप्टी सीएम गायब हो जाता है। सपकाल ने कहा कि अगर शिंदे वास्तव में नाराज़ हैं, तो उन्हें सत्ता से इस्तीफा देना चाहिए, लेकिन ऐसा संभव नहीं क्योंकि, वह सत्ता के बिना नहीं रह सकते, इसलिए फडणवीस के सभी दबाव चुपचाप सह रहे हैं।

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