मालदीव में बड़ा डाइविंग हादसा: समुद्र की गुफाओं की खोज के दौरान इटली के 5 गोताखोरों की मौत

Maldives में समुद्र के नीचे गुफाओं की खोज के दौरान 5 इटालियन गोताखोरों की मौत हो गई। खराब मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में मुश्किलें आ रही हैं। एक शव मिला है

Maldives के वावू एटोल में समुद्र के नीचे गुफाओं की खोज के दौरान 5 इटालियन गोताखोरों की मौत हो गई। खराब मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित रहा। अब तक सिर्फ एक शव बरामद किया गया है, जबकि बाकी की तलाश जारी है।

माले: हिंद महासागर में स्थित पर्यटन स्वर्ग मालदीव एक दर्दनाक समुद्री हादसे के बाद अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है। मालदीव के वावू एटोल क्षेत्र में समुद्र के भीतर गुफाओं की खोज पर निकले इटली के पांच अनुभवी गोताखोरों (Divers) की मौत हो गई। स्थानीय प्रशासन ने इसे देश के इतिहास का सबसे बड़ा डाइविंग हादसा बताया है।

यह हादसा उस समय हुआ जब गोताखोरों की टीम लगभग 50 मीटर गहराई में मौजूद अंडरवॉटर केव सिस्टम की खोज के लिए समुद्र में उतरी थी। लेकिन टीम वापस नहीं लौटी। अब तक केवल एक शव बरामद किया जा सका है, जबकि बाकी चार गोताखोरों के शव गुफा के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

खराब मौसम, तेज हवाओं और समुद्र के कठिन हालात के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि खोज अभियान दोबारा शुरू किया जाएगा।

मृतकों की पहचान हुई

मालदीव सरकार ने मृत गोताखोरों की पहचान इस प्रकार की है:

  • मोनिका मोंटेफाल्कोने
  • जॉर्जिया सोमाकाल
  • फेडेरिको गुआल्तिएरी
  • म्यूरियल ओडेनिनो
  • जियानलुका बेनेडेट्टी

ये सभी ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ नामक बोट के जरिए डाइविंग मिशन पर निकले थे।

अधिकारियों के अनुसार, जियानलुका बेनेडेट्टी का शव ही अब तक बरामद किया जा सका है। बाकी चार डाइवर्स के शव समुद्र के भीतर जटिल गुफा प्रणाली में फंसे होने की आशंका है।

यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा से जुड़े थे कई डाइवर्स

रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतकों में से कम से कम चार इटली की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा से जुड़े हुए थे।

मोनिका मोंटेफाल्कोने

मोनिका मोंटेफाल्कोने एक प्रसिद्ध मरीन बायोलॉजिस्ट थीं। वह यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा में ट्रॉपिकल मरीन इकोलॉजी और अंडरवॉटर साइंस की प्रोफेसर थीं।

इतालवी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह मालदीव में चल रहे एक आइलैंड मॉनिटरिंग कैंपेन की साइंटिफिक डायरेक्टर भी थीं।

जॉर्जिया सोमाकाल

जॉर्जिया सोमाकाल मोनिका की बेटी थीं और उन्हें भी समुद्री विज्ञान तथा डाइविंग में गहरी रुचि थी।

उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोवा से बायोमेडिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और वैज्ञानिक अनुसंधान गतिविधियों में सक्रिय थीं।

म्यूरियल ओडेनिनो

31 वर्षीय म्यूरियल ओडेनिनो एक मरीन बायोलॉजिस्ट और इकोलॉजिस्ट थीं। उन्होंने समुद्री पारिस्थितिकी पर कई रिसर्च पेपर प्रकाशित किए थे।

फेडेरिको गुआल्तिएरी

31 वर्षीय फेडेरिको गुआल्तिएरी ने हाल ही में मरीन बायोलॉजी और इकोलॉजी में अपनी डिग्री पूरी की थी। वह एक प्रमाणित स्कूबा डाइविंग इंस्ट्रक्टर भी थे।

जियानलुका बेनेडेट्टी

बेनेडेट्टी पहले बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में काम करते थे। बाद में डाइविंग के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने 2017 में मालदीव में बसने का फैसला किया।

वह ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ बोट पर ऑपरेशंस मैनेजर के रूप में कार्यरत थे।

अंडरवॉटर केव सिस्टम में फंसे डाइवर्स

रेस्क्यू अधिकारियों के अनुसार, जिस अंडरवॉटर केव सिस्टम में गोताखोर गए थे, वह बेहद जटिल संरचना वाला है।

समाचार एजेंसी AP के मुताबिक इस गुफा प्रणाली में:

  • तीन बड़े चैम्बर्स हैं
  • ये पतले और संकरे रास्तों से जुड़े हैं
  • गहराई और सीमित दृश्यता के कारण नेविगेशन बेहद कठिन है

रेस्क्यू टीम अब तक दो चैम्बर्स की तलाशी ले चुकी है, लेकिन मौसम और सुरक्षा सीमाओं के कारण अभियान को सीमित रखना पड़ा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी गहराई में लंबे समय तक रहना बेहद जोखिमभरा होता है और डाइविंग समय सीमा का सख्ती से पालन करना पड़ता है।

खराब मौसम बना बड़ी चुनौती

मालदीव राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद हुसैन शरीफ ने बताया कि शुक्रवार को आठ डाइवर्स ने सर्च ऑपरेशन में हिस्सा लिया।

रेस्क्यू टीम जोड़ों में बंटकर गुफा के गहरे हिस्सों तक पहुंची, लेकिन खराब मौसम के कारण अभियान रोकना पड़ा।

रिपोर्ट्स के अनुसार हादसे के समय 25 से 30 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं

समुद्र में लहरें तेज थीं

पानी के अंदर विजिबिलिटी काफी कम हो गई थी

विशेषज्ञों का मानना है कि कम दृश्यता के कारण गोताखोर गुफा के भीतर रास्ता भटक गए होंगे।

मौत की वजह अब तक स्पष्ट नहीं

डाइवर्स की मौत का वास्तविक कारण अभी तक सामने नहीं आया है। मालदीव पुलिस और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ कई संभावनाओं की जांच कर रहे हैं।

1. कम विजिबिलिटी

तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण पानी के भीतर दृश्यता बेहद कम हो सकती है।

2. रास्ता भटकना

जटिल गुफा संरचना में गोताखोर दिशा खो बैठे हों।

3. ऑक्सीजन खत्म होना

संभावना जताई जा रही है कि एक डाइवर फंस गया हो और बाकी साथी उसे बचाने की कोशिश में ऑक्सीजन की कमी का शिकार हो गए हों।

4. ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी

BBC की रिपोर्ट के अनुसार कुछ डाइविंग विशेषज्ञ “ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी” की आशंका भी जता रहे हैं।

यह स्थिति तब होती है जब गहराई के अनुसार गैस मिश्रण सही नहीं होता और अधिक दबाव में ऑक्सीजन जहरीली हो जाती है।

परिवार और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

मोनिका मोंटेफाल्कोने के पति कार्लो सोमाकाल ने इतालवी मीडिया से कहा कि डाइविंग के दौरान जरूर कोई अप्रत्याशित घटना हुई होगी। उन्होंने कहा:

मोनिका दुनिया की सबसे अनुभवी डाइवर्स में थीं। वह कभी अपनी बेटी या टीम को खतरे में नहीं डालतीं।

इस बयान ने हादसे को और भावुक बना दिया है, क्योंकि यह मिशन एक वैज्ञानिक और पारिवारिक दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा था।

इटली और मालदीव सरकार की संयुक्त कोशिश

इटली सरकार ने कहा है कि वह “डाइवर्स अलर्ट नेटवर्क” नामक विशेषज्ञ संस्था के साथ मिलकर शवों को वापस लाने के प्रयासों में जुटी है।

मालदीव सरकार भी स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू एजेंसियों के सहयोग से अभियान चला रही है।

मालदीव में एडवेंचर टूरिज्म पर सवाल

यह हादसा मालदीव में तेजी से बढ़ रहे एडवेंचर और डीप-सी डाइविंग टूरिज्म पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि:

  • अंडरवॉटर केव डाइविंग दुनिया की सबसे खतरनाक गतिविधियों में शामिल है
  • खराब मौसम में ऐसे मिशन बेहद जोखिमपूर्ण हो सकते हैं
  • सुरक्षा प्रोटोकॉल और मौसम विश्लेषण को और मजबूत करने की जरूरत है

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