मणिपुर में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के खिलाफ अभियान चलाकर पांच कथित सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट और थौबल में हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ उग्रवादी गतिविधियों और जबरन वसूली से जुड़े आरोपों की जांच जारी है।
इंफाल: मणिपुर में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये गिरफ्तारियां 9 अगस्त को राज्य के अलग-अलग इलाकों में चलाए गए तलाशी और अभियान के दौरान हुईं। गिरफ्तार किए गए लोगों पर अलग-अलग प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े होने और कुछ मामलों में जबरन वसूली जैसी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को राज्य में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारियां इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट और थौबल जिलों के अलग-अलग इलाकों से की गईं।
इंफाल ईस्ट में PREPAK कैडर गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, इंफाल ईस्ट जिले में सुरक्षा बलों ने Md. Nawaz Khullapam उर्फ Waiba को उसके आवास से गिरफ्तार किया। उसकी उम्र 24 वर्ष बताई गई है। पुलिस का दावा है कि वह प्रतिबंधित संगठन PREPAK से जुड़ा सक्रिय कैडर है और संगठन में खुद को लांस कॉरपोरल बताता था। अधिकारियों के मुताबिक, Nawaz को Purum Pangaltabi इलाके में उसके घर से पकड़ा गया। सुरक्षा एजेंसियां उसके संगठन से कथित जुड़ाव और क्षेत्र में उसकी गतिविधियों को लेकर आगे पूछताछ कर रही हैं। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई सुरक्षा बलों द्वारा संदिग्ध उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों का हिस्सा थी।
इंफाल वेस्ट में PREPAK (Pro) का कैडर पकड़ा गया
एक अन्य कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने इंफाल वेस्ट जिले के Yumnam Huidrom इलाके में तलाशी अभियान चलाया। यह क्षेत्र Wangoi पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है। इस अभियान के दौरान Wahengbam Abhinash Singh को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, उसकी उम्र 21 वर्ष है और वह PREPAK (Pro) का सक्रिय कैडर बताया गया है। अधिकारियों ने बताया कि Abhinash Singh मूल रूप से Bishnupur जिले के Phubala Awang Mamang Leikai का रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां संगठन से उसके कथित संबंधों और उसकी भूमिका की जांच कर रही हैं। पुलिस ने बताया कि इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद तलाशी अभियान चलाया गया था। इसी दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
UNLF कैडर पर जबरन वसूली का आरोप
सुरक्षा बलों ने इंफाल ईस्ट के Lamlong इलाके में एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया। उसकी पहचान Konsam Sanatomba के रूप में हुई है। उसकी उम्र 44 वर्ष बताई गई है। पुलिस के अनुसार, Sanatomba प्रतिबंधित UNLF (Koireng) संगठन का सक्रिय सदस्य है। उसके खिलाफ जबरन वसूली से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। पुलिस का दावा है कि Sanatomba ने Telepati इलाके में रहने वाले एक गैर-मणिपुरी व्यक्ति को कथित तौर पर जिंदा कारतूस दिखाकर पैसे की मांग को पूरा करने के लिए धमकाया था। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियां कथित वसूली नेटवर्क और संगठन से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी की गतिविधियां किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ी थीं या नहीं।

थौबल जिले में RPF/PLA कैडर गिरफ्तार
सुरक्षा बलों ने थौबल जिले में भी एक कार्रवाई को अंजाम दिया। Khongjom पुलिस स्टेशन के अंतर्गत Khongjom-Langathel इलाके में तलाशी अभियान के दौरान Shagolshem Rokeshwar Singh उर्फ Shanta को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, Rokeshwar Singh की उम्र 59 वर्ष है और वह RPF/PLA का सक्रिय कैडर बताया गया है। वह Langathel Mayai Leikai का निवासी है। सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तारी के बाद उससे संगठन की गतिविधियों और राज्य में कथित उग्रवादी नेटवर्क से जुड़े मामलों को लेकर पूछताछ शुरू की है।
अलग-अलग जिलों में एक साथ अभियान
पुलिस के अनुसार, पांचों गिरफ्तारियां एक ही स्थान पर नहीं हुईं, बल्कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में चलाए गए अभियानों के दौरान की गईं। इनमें इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट और थौबल जिले शामिल हैं। सुरक्षा बलों की ओर से की गई इन कार्रवाइयों में स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर तलाशी अभियान चलाए। अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े सक्रिय सदस्यों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लेना और उग्रवादी गतिविधियों पर नियंत्रण करना है। मणिपुर में लंबे समय से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चुनौती बनी हुई है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों, जबरन वसूली और प्रतिबंधित संगठनों के नेटवर्क पर लगातार नजर रख रही हैं।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उनके कथित संगठनात्मक संबंध कितने व्यापक हैं और क्या वे किसी अन्य आपराधिक या उग्रवादी गतिविधि से जुड़े हुए थे। विशेष रूप से जबरन वसूली के आरोप वाले मामले में पुलिस संभावित सहयोगियों और पैसे की मांग के पीछे मौजूद नेटवर्क की जानकारी जुटा सकती है। वहीं, अन्य आरोपियों से प्रतिबंधित संगठनों की स्थानीय गतिविधियों और संपर्कों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने अभी इन मामलों में आगे की जांच से जुड़े सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं। गिरफ्तारियों के बाद संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ कार्रवाई जारी
मणिपुर में सुरक्षा बलों की ओर से प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के खिलाफ अभियान लगातार जारी हैं। ऐसे अभियानों में सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी लेने के साथ-साथ संगठन से जुड़े सक्रिय सदस्यों की पहचान करने पर भी ध्यान देती हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा अभियान का उद्देश्य राज्य में हिंसा, धमकी और जबरन वसूली जैसी गतिविधियों को रोकना है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचाने की अपील की है।
हालिया कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए पांचों व्यक्तियों पर लगे आरोपों की जांच जारी है। पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही इन मामलों में आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। मणिपुर में सुरक्षा स्थिति को लेकर प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रतिबंधित संगठनों की गतिविधियों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर डर और जबरन वसूली जैसी शिकायतों पर नियंत्रण बनाए रखना है। 9 अगस्त की कार्रवाई में पांच कथित सक्रिय कैडरों की गिरफ्तारी इसी व्यापक सुरक्षा अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।










