मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, पांच उग्रवादी गिरफ्तार, चोरी की स्कूटर भी बरामद

मणिपुर पुलिस और सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियान चलाकर प्रतिबंधित संगठनों के 5 सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। चोरी की स्कूटर भी बरामद हुई है।

मणिपुर पुलिस और सुरक्षा बलों ने राज्यभर में चलाए गए अभियानों में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के पांच सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया। अलग कार्रवाई में चोरी की एक स्कूटर भी बरामद की गई। पुलिस ने सुरक्षा अभियान जारी रखने की बात कही।

इम्फाल: मणिपुर पुलिस और सुरक्षा बलों ने राज्य में कानून व्यवस्था मजबूत करने और उग्रवादी गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से व्यापक अभियान चलाया। 26 और 27 जुलाई को विभिन्न जिलों में की गई अलग-अलग कार्रवाई में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के पांच सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, चोरी की एक स्कूटर बरामद करते हुए दो संदिग्ध व्यक्तियों को भी हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, अभियान राज्य के कई संवेदनशील क्षेत्रों में चलाया गया और गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य उग्रवादी नेटवर्क, अवैध गतिविधियों और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

काकचिंग जिले से SOREPA के दो सक्रिय सदस्य गिरफ्तार

27 जुलाई को मणिपुर पुलिस ने काकचिंग जिले के सुगनू थाना क्षेत्र के नुंगू लामखाई इलाके में छापेमारी कर प्रतिबंधित संगठन SOREPA के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मार्कस थियाम उर्फ टॉम्पोक (22) और हाइकृजाम विलियम मेइती (22) के रूप में हुई है। दोनों काकचिंग जिले के खोंगयाम मखा लीकाई क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों लंबे समय से संगठन की गतिविधियों से जुड़े होने के संदेह में निगरानी में थे। पूछताछ के दौरान उनके नेटवर्क और संभावित गतिविधियों की जांच की जा रही है।

चोरी की स्कूटर के साथ दो व्यक्ति पकड़े गए

इसी दिन काकचिंग पुलिस ने चंदेल रोड पर लगाए गए मोबाइल चेकपॉइंट के दौरान दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार लोगों की पहचान मोहम्मद इजाज (19) और मोहम्मद मुजीबुर रहमान (23) के रूप में हुई, जो सोरा मामांग लीकाई क्षेत्र के निवासी हैं। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से बिना पंजीकरण नंबर वाली लाल रंग की होंडा एक्टिवा 125 डिस्क स्कूटर बरामद हुई। पुलिस जांच में पता चला कि यह स्कूटर पहले इंफाल के एमजी एवेन्यू क्षेत्र से चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज थी। वाहन को जब्त कर लिया गया है और दोनों आरोपियों से वाहन चोरी से जुड़े नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा रही है।

RPF/PLA के सक्रिय सदस्य की गिरफ्तारी

27 जुलाई को ही पुलिस ने एक अन्य अभियान में प्रतिबंधित संगठन RPF/PLA के सक्रिय सदस्य येंद्रेमबाम अथौबा मेइती उर्फ अटोम्बा उर्फ ताखेलंगबा (21) को गिरफ्तार किया। वह तेंगनौपाल जिले के मोरेह प्रेमनगर वार्ड नंबर 4 का निवासी है। पुलिस ने उसे इंफाल के पोरोमपत थाना क्षेत्र के न्यू लाम्बुलाने स्थित एक परित्यक्त मकान से गिरफ्तार किया। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, आरोपी की गतिविधियों और संगठन में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। पूछताछ से संगठन के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

KCP (MFL) से जुड़े कथित उगाहीकर्ता की गिरफ्तारी

एक अलग अभियान में पुलिस ने केसीपी (एमएफएल) के सक्रिय सदस्य और कथित उगाहीकर्ता येंसेनबाम चंद्रसेन मेइती उर्फ पासे (52) को गिरफ्तार किया। उसे इरिलबुंग थाना क्षेत्र के लांगडुम लामखाई इलाके से हिरासत में लिया गया। पुलिस का आरोप है कि आरोपी लंबे समय से उगाही जैसी अवैध गतिविधियों में शामिल था। मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसके संपर्क किन अन्य व्यक्तियों या संगठनों से जुड़े थे।

KCP (PWG) के सदस्य पर भी कार्रवाई

26 जुलाई को सुरक्षा बलों ने एक अन्य संयुक्त अभियान के दौरान केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के सक्रिय सदस्य खोइसनाम नाओबा सिंह (29) उर्फ वांगलेन को गिरफ्तार किया। वह इंफाल पश्चिम जिले के नगामापाल फौगेसांगबाम लीकाई क्षेत्र का निवासी है। उसे लांफेल थाना क्षेत्र के RIMS गेट के पास से हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उससे संगठन की गतिविधियों के बारे में पूछताछ जारी है।

लगातार जारी हैं सुरक्षा अभियान

मणिपुर में पिछले कुछ समय से सुरक्षा एजेंसियां उग्रवादी संगठनों, अवैध हथियारों, उगाही और अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही हैं। इन अभियानों का उद्देश्य राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिस का कहना है कि राज्य के संवेदनशील इलाकों में गश्त और खुफिया निगरानी को और मजबूत किया गया है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है।

जांच जारी, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

गिरफ्तार सभी आरोपियों से अलग-अलग मामलों में पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इनका संपर्क किन लोगों और संगठनों से था तथा क्या ये किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे। सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली किसी भी गतिविधि के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस और सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ अभियान संचालित कर रहे हैं।

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