मणिपुर के इम्फाल वेस्ट और ईस्ट में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों में प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े छह कथित सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया। इनमें RPF/PLA की एक महिला सदस्य भी शामिल है। पुलिस ने एक कथित वसूलीकर्ता कैडर को भी पकड़ा है।
इम्फाल: मणिपुर में प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों के अनुसार, इम्फाल वेस्ट और इम्फाल ईस्ट जिलों में अलग-अलग अभियानों के दौरान प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े छह सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया गया। इनमें एक महिला सदस्य भी शामिल है। इसके अलावा सुरक्षा बलों ने एक कथित वसूलीकर्ता कैडर को भी हिरासत में लिया है।
इम्फाल वेस्ट में RPF/PLA के दो सदस्य गिरफ्तार
अधिकारियों के मुताबिक, 16 अगस्त को सुरक्षा बलों ने इम्फाल वेस्ट जिले के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए Revolutionary People’s Front (RPF) और उसके सशस्त्र संगठन People’s Liberation Army (PLA) से जुड़े दो कथित सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया।
पहले मामले में 19 वर्षीय खुमंथेम लानचेनबा मेइती को थियाम लीशांगखोंग इलाके से पकड़ा गया। वह बिष्णुपुर जिले के नापत अवांग लीकाई का रहने वाला बताया गया है और अधिकारियों के अनुसार लैम्फेल सुपर मार्केट इलाके में रह रहा था। उसे वांगोई पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया गया।
इसी दिन दूसरी कार्रवाई में 25 वर्षीय ग्रेटसन लुरेमबाम उर्फ गेरे को गिरफ्तार किया गया। वह इम्फाल वेस्ट में CRPF गेट नंबर 3 के पास लैंगजिंग इलाके का रहने वाला बताया गया है। उसे सेक्माई पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले अवांग लीकिंथाबी शांतिपुर इलाके से पकड़ा गया।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, दोनों पर प्रतिबंधित संगठन RPF/PLA की गतिविधियों से जुड़े होने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद दोनों मामलों में आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
PREPAK (Pro) से जुड़े कैडर की गिरफ्तारी
सुरक्षा बलों ने 15 अगस्त को भी एक अलग अभियान चलाया था। इस कार्रवाई में 38 वर्षीय वाहेंगबाम मोमोचा मेइती उर्फ लोया को उसके आवास से गिरफ्तार किया गया।
अधिकारी के अनुसार, वह इम्फाल वेस्ट के ताओथोंग मामांग लीकाई का रहने वाला है और प्रतिबंधित संगठन PREPAK (Pro) का सदस्य बताया गया है। उसे लामसांग पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान पकड़ा गया।
सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी संगठन की गतिविधियों में किस स्तर तक शामिल था और उसके संपर्क किन अन्य लोगों से थे।
UNLF-Koireng के कथित सक्रिय कैडर पर भी कार्रवाई
16 अगस्त को इम्फाल ईस्ट जिले से जुड़े एक अन्य मामले में 45 वर्षीय नंगोम शांता मेइती उर्फ माइकल को गिरफ्तार किया गया। वह लाउशांगखोंग अवांग लीकाई, इम्फाल ईस्ट का निवासी बताया गया है।
अधिकारियों ने उसे United National Liberation Front (UNLF-Koireng) का सक्रिय कैडर और संगठन में स्वयंभू “Private” बताया है। उसे इम्फाल वेस्ट के RIMS रोड इलाके में चलाए गए अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया।
इस गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां संगठन के साथ उसके कथित संपर्क, गतिविधियों और क्षेत्र में उसकी भूमिका की जांच कर रही हैं।
कथित वसूलीकर्ता कैडर भी गिरफ्तार
सुरक्षा बलों की कार्रवाई केवल सक्रिय उग्रवादी कैडरों तक सीमित नहीं रही। 14 अगस्त को एक अलग तलाशी अभियान के दौरान कथित वसूलीकर्ता कैडर को भी गिरफ्तार किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, 44 वर्षीय मोहम्मद अमीरखान को इम्फाल ईस्ट के क्षेत्रिगाओ अवांग लीकाई में पकड़ा गया। वह इसी इलाके का रहने वाला बताया गया है। कार्रवाई पोरोम्पाट पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में की गई थी।
अधिकारी ने उसे People’s Democratic Alliance (PDA) से जुड़ा कथित वसूलीकर्ता कैडर बताया है। जांच एजेंसियां अब उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों और कथित वसूली गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
RPF/PLA की महिला सदस्य भी गिरफ्तार
मणिपुर पुलिस ने 11 अगस्त को एक महिला सदस्य को भी गिरफ्तार किया था। अधिकारियों के मुताबिक, 39 वर्षीय अधिकारिमयुम सरिता देवी को उसके आवास से पकड़ा गया।
वह इम्फाल वेस्ट के सागोलबंद सायांग कोंथौजाम लीकाई की रहने वाली बताई गई है। पुलिस के अनुसार, वह RPF/PLA की सक्रिय महिला सदस्य है।
यह गिरफ्तारी उसके आवास पर की गई कार्रवाई के दौरान हुई। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की भी जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां संगठन से उसके कथित संबंधों तथा गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।
अलग-अलग अभियानों में हुई गिरफ्तारियां
इन घटनाओं को एक ही अभियान का हिस्सा नहीं बताया गया है। सुरक्षा बलों और पुलिस ने 11 से 16 अगस्त के बीच इम्फाल वेस्ट और इम्फाल ईस्ट के विभिन्न इलाकों में अलग-अलग कार्रवाई की। इन अभियानों में प्रतिबंधित संगठनों से कथित तौर पर जुड़े लोगों और एक कथित वसूलीकर्ता को गिरफ्तार किया गया।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ऐसे अभियान स्थानीय स्तर पर प्राप्त सूचनाओं और तलाशी अभियानों के आधार पर चलाए जाते हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के जरिए उनके संभावित नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा सकती है।
मणिपुर में सुरक्षा चुनौती के बीच कार्रवाई तेज
मणिपुर लंबे समय से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे माहौल में प्रतिबंधित संगठनों की गतिविधियों पर नियंत्रण और जबरन वसूली जैसे मामलों पर कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकताओं में शामिल है।
इम्फाल क्षेत्र में हुई हालिया गिरफ्तारियों से संकेत मिलता है कि सुरक्षा बल प्रतिबंधित संगठनों के स्थानीय नेटवर्क पर नजर बनाए हुए हैं। अलग-अलग इलाकों में संदिग्ध कैडरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस तथा केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच समन्वय भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
हालांकि, गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और आगे होने वाली जांच पर निर्भर करेगी। फिलहाल अधिकारियों ने सभी मामलों में जांच जारी रहने की जानकारी दी है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
सुरक्षा एजेंसियां अब गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों की कथित गतिविधियों की जांच कर रही हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या आरोपियों के बीच किसी प्रकार का संपर्क था या वे अलग-अलग संगठनों के स्थानीय नेटवर्क के तहत स्वतंत्र रूप से काम कर रहे थे।
इसके साथ ही कथित वसूली गतिविधियों, संगठनात्मक संपर्कों और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है। पुलिस और सुरक्षा बलों की ओर से आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी मामलों में आगे की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही गिरफ्तार किए गए लोगों की कथित भूमिका और मामलों से जुड़े अन्य पहलुओं पर अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।











