दयारा बुग्याल ट्रेक के दौरान लापता हुई MBA छात्रा, तीसरे दिन भी नहीं मिला सुराग

उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रेक पर लापता MBA छात्रा बबीता पांडे का तीसरे दिन भी सुराग नहीं मिला। पुलिस, एसडीआरएफ और वन विभाग सर्च अभियान चला रहे हैं।

उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रेक मार्ग पर नैनीताल की 24 वर्षीय MBA छात्रा बबीता पांडे तीन दिन से लापता है। पुलिस, एसडीआरएफ और वन विभाग की टीमें लगातार सर्च अभियान चला रही हैं, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

उत्तरकाशी: उत्तराखंड के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक पर गई नैनीताल निवासी 24 वर्षीय MBA छात्रा बबीता पांडे रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई हैं। तीन दिन बीत जाने के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस, एसडीआरएफ, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से व्यापक सर्च अभियान चला रहे हैं, जबकि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।

दयारा बुग्याल ट्रेक के दौरान लापता हुई बबीता पांडे

उत्तरकाशी जिले के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक क्षेत्र से एक 24 वर्षीय युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। नैनीताल जिले के रामनगर की रहने वाली बबीता पांडे पिछले तीन दिनों से लापता हैं, जिससे परिवार और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। बबीता एमबीए की छात्रा हैं और एक निजी कंपनी के लिए घर से काम भी करती थीं।

जानकारी के अनुसार, बबीता 29 मई को एक ट्रेकिंग एजेंसी के माध्यम से पांच अन्य लोगों के साथ रैथल गांव से दयारा बुग्याल ट्रेक के लिए रवाना हुई थीं। ट्रेकिंग दल ने रात में निर्धारित स्थान पर टेंट लगाए थे। बताया जा रहा है कि रात के समय बबीता किसी कारणवश टेंट से बाहर निकली थीं, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटीं। जब काफी देर तक उनका कोई पता नहीं चला तो साथियों ने उनकी तलाश शुरू की और बाद में प्रशासन को सूचना दी गई।

जंगलों और ट्रेकिंग रूट पर चल रहा व्यापक सर्च ऑपरेशन

30 मई को युवती के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस, वन विभाग और एसडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त खोज अभियान शुरू किया। दयारा बुग्याल, आसपास के जंगलों, घाटियों और ट्रेकिंग मार्गों पर लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

बचाव दल ड्रोन, स्थानीय गाइड और पर्वतीय क्षेत्रों की जानकारी रखने वाले लोगों की मदद भी ले रहा है। हालांकि अब तक युवती का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र का भौगोलिक स्वरूप काफी चुनौतीपूर्ण है, जिसके कारण सर्च अभियान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

पुलिस ने ट्रेकिंग दल के अन्य सदस्यों, गाइड और एजेंसी से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की है। अधिकारियों का प्रयास है कि युवती के अंतिम मूवमेंट और परिस्थितियों के बारे में अधिक से अधिक जानकारी जुटाई जा सके।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

मामले में एक नया पहलू तब सामने आया जब जिला पर्यटन विभाग ने ट्रेकिंग परमिशन को लेकर सवाल उठाए। जिला पर्यटन अधिकारी केके जोशी ने बताया कि ट्रेकिंग के लिए आने वाले सभी पर्यटकों का पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होता है। उनके अनुसार बबीता पांडे के नाम से पोर्टल पर कोई आधिकारिक अनुमति दर्ज नहीं मिली है।

हालांकि वन विभाग को इसी नाम से कुछ अनुमति दस्तावेज जमा होने की जानकारी मिली है। अब संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ट्रेकिंग प्रक्रिया में कहीं कोई अनियमितता तो नहीं हुई।

परिजनों की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला

उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने बताया कि युवती के परिजनों के पहुंचने के बाद मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है और हर संभावित पहलू की पड़ताल की जा रही है।

उन्होंने कहा कि पुलिस का पूरा फोकस युवती को सुरक्षित खोजने पर है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि युवती किन परिस्थितियों में लापता हुई और घटना से पहले क्या-क्या हुआ था।

इस बीच रैथल गांव के स्थानीय लोगों ने दयारा बुग्याल क्षेत्र में स्थायी पुलिस या सुरक्षा चौकी स्थापित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह क्षेत्र देश-विदेश के पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है और यहां सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है।

फिलहाल बबीता पांडे की तलाश लगातार जारी है और परिवार को उम्मीद है कि सर्च अभियान के दौरान जल्द कोई महत्वपूर्ण सुराग सामने आएगा।

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