मेरठ में प्री-मानसून बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दिलाई है। गुरुवार रात 62 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जबकि मानसून के 29 जून के आसपास पहुंचने की संभावना है।
Meerut: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में जून महीने की पहली अच्छी प्री-मानसून बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है। कई दिनों से पड़ रही तेज गर्मी के बाद मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी, जबकि मानसून के निर्धारित समय के आसपास पहुंचने की उम्मीद है।
जून में पहली बार मेहरबान हुए बादल

मेरठ में जून महीने के दौरान पहली बार अच्छी बारिश देखने को मिली है। गुरुवार देर रात शुरू हुई बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार रात भर में 62 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस सीजन की प्रमुख वर्षा घटनाओं में से एक मानी जा रही है।
बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं ने तापमान को काफी हद तक नीचे ला दिया। सुबह तक मौसम सुहावना बना रहा और लोगों ने लंबे समय बाद गर्मी से राहत महसूस की।
तापमान में आई बड़ी गिरावट
बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। पिछले कुछ दिनों से अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर बना हुआ था, लेकिन बारिश के बाद इसमें उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं तथा सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह बदलाव देखने को मिला है। यही सिस्टम अगले कुछ दिनों तक क्षेत्र में मौसम को प्रभावित कर सकता है।
कब पहुंचेगा मेरठ में मानसून?
हालांकि बारिश के बाद लोगों के मन में मानसून को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार मेरठ में मानसून के पहुंचने का सामान्य समय 29 जून माना जाता है। फिलहाल जो बारिश हो रही है वह प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून इस समय देश के विभिन्न हिस्सों में आगे बढ़ रहा है, लेकिन उसकी गति में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में मेरठ में मानसून के आगमन को लेकर अभी पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी करना संभव नहीं है। हालांकि मौसम विभाग को उम्मीद है कि निर्धारित समय के आसपास मानसून पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंच सकता है।
बारिश से किसानों को भी राहत
प्री-मानसून बारिश का फायदा केवल आम लोगों को ही नहीं बल्कि किसानों को भी मिला है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गन्ना, सब्जियों और फलदार पौधों के लिए यह बारिश बेहद लाभकारी साबित होगी। पिछले कुछ दिनों की अत्यधिक गर्मी फसलों के लिए चिंता का विषय बन रही थी, लेकिन बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ी है और पौधों को राहत मिली है।
विशेष रूप से आम, लीची, लुकाट और अन्य फलदार फसलों के लिए यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि वे कई दिनों से ऐसी बारिश का इंतजार कर रहे थे।
प्रदूषण स्तर में भी सुधार
बारिश और तेज हवाओं के कारण मेरठ की हवा की गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया है। हाल के दिनों में जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार ऊंचा बना हुआ था, वहीं बारिश के बाद इसमें गिरावट आई है। वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक तत्वों के कम होने से लोगों को साफ हवा भी मिल रही है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि अगले दो दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो तापमान और प्रदूषण दोनों में और सुधार देखने को मिल सकता है।
अगले दो दिन भी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों तक मेरठ और आसपास के इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियों ने गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन सभी की नजर अब इस बात पर टिकी है कि मेरठ में मानसून तय समय पर दस्तक देता है या नहीं।












