दिल्ली में ‘ब्रिटानिया चौक’ का नाम बदलकर ‘अश्विनी चोपड़ा मिन्ना चौक’ किया गया, पत्रकारिता को समर्पित श्रद्धांजलि

दिल्ली में ब्रिटानिया चौक का नाम बदलकर मिन्ना चौक रखा गया। सीएम रेखा गुप्ता ने अश्विनी चोपड़ा को श्रद्धांजलि दी है। रजत शर्मा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

दिल्ली में ब्रिटानिया चौक का नाम बदलकर मिन्ना चौक रखा गया है। Rekha Gupta ने इसे अश्विनी चोपड़ा को श्रद्धांजलि बताया। Rajat Sharma भी कार्यक्रम में शामिल हुए। यह कदम निर्भीक पत्रकारिता को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है।

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राजधानी के शकरपुर क्षेत्र स्थित ‘ब्रिटानिया चौक’ का नाम बदलकर अब ‘अश्विनी चोपड़ा मिन्ना चौक’ रखने की घोषणा की है। यह निर्णय वरिष्ठ पत्रकार, समाजसेवी और पूर्व सांसद अश्विनी कुमार चोपड़ा की स्मृति में लिया गया है, जिन्हें उनके साहसिक और निर्भीक पत्रकारिता योगदान के लिए जाना जाता था।

इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में औपचारिक शिलापट्टिका का अनावरण किया गया। सरकार ने इस कदम को पत्रकारिता की स्वतंत्रता और ईमानदारी के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया है।

शिलान्यास समारोह में उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री मौजूद

नामकरण समारोह में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शामिल रहीं। दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से शिलापट्टिका का अनावरण किया और इस निर्णय को लोकतांत्रिक मूल्यों और पत्रकारिता की स्वतंत्रता के प्रति एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि अश्विनी चोपड़ा जैसे निर्भीक पत्रकार को सम्मान देना केवल एक नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि एक विचारधारा को सम्मान देना है। उन्होंने इसे ईमानदार और साहसी पत्रकारिता के लिए सरकार की ओर से सच्ची श्रद्धांजलि बताया।

मुख्यमंत्री का बयान: ‘ईमानदार पत्रकारिता को सम्मान’

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी इस कार्यक्रम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि शकरपुर स्थित ब्रिटानिया चौक को अब अश्विनी चोपड़ा ‘मिन्ना’ चौक के रूप में जाना जाएगा।

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अश्विनी चोपड़ा का जीवन जनसेवा, सामाजिक मूल्यों और पत्रकारिता की ईमानदारी के प्रति समर्पित था। उनका योगदान हमेशा समाज को प्रेरित करता रहेगा और यह नामकरण उसी विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास है।

रजत शर्मा ने याद किए पुराने संबंध

इस अवसर पर इंडिया टीवी के एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने भी अश्विनी चोपड़ा को याद किया और उनके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अश्विनी चोपड़ा उनके बेहद करीबी मित्र थे और उनके साथ उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय यात्राएं भी की थीं।

रजत शर्मा ने कहा कि अश्विनी चोपड़ा एक निर्भीक, स्पष्टवादी और राष्ट्रहित में काम करने वाले पत्रकार थे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका परिवार भी उन्हीं मूल्यों पर चलता है और पत्रकारिता की ईमानदारी का उदाहरण प्रस्तुत करता है।

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू का भावनात्मक संबोधन

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने अश्विनी चोपड़ा को याद करते हुए उन्हें एक बेहद करीबी पारिवारिक मित्र बताया। उन्होंने कहा कि दोनों परिवारों के बीच चार पीढ़ियों से संबंध रहे हैं।

एलजी संधू ने कहा कि अश्विनी चोपड़ा, जिन्हें उनके निकटतम लोग ‘मिन्ना’ कहकर बुलाते थे, बेहद उदार और बड़े दिल वाले व्यक्ति थे। उन्होंने दिल्ली और हरियाणा के सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में भी महत्वपूर्ण रुचि दिखाई।

परिवार ने जताया आभार, कहा- प्रेरणा बनेगा यह सम्मान

इस मौके पर अश्विनी चोपड़ा की पत्नी किरण चोपड़ा ने दिल्ली सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह दिन उनके परिवार के लिए गर्व और भावनात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनके पति की स्मृति को नहीं, बल्कि उस पत्रकारिता को भी सम्मान देता है जो सच, निष्पक्षता और निर्भीकता पर आधारित थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कदम आने वाली पीढ़ी के पत्रकारों को प्रेरित करेगा।

कौन थे अश्विनी कुमार चोपड़ा?

अश्विनी कुमार चोपड़ा भारतीय पत्रकारिता और राजनीति का एक प्रतिष्ठित नाम थे। उन्हें प्यार से ‘मिन्ना’ कहा जाता था। उनका जन्म 11 जून 1956 को पंजाब के जालंधर में हुआ था।

उन्होंने अपनी शिक्षा गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर से स्नातक के रूप में प्राप्त की और पंजाब विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स किया। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले से भी पत्रकारिता का अध्ययन किया।

चोपड़ा न केवल एक पत्रकार थे, बल्कि एक अच्छे क्रिकेटर भी रहे और रणजी ट्रॉफी स्तर तक खेल चुके थे। वे लंबे समय तक पंजाब केसरी समूह से जुड़े रहे और दिल्ली संस्करण के मुख्य संपादक तथा रेजिडेंट एडिटर के रूप में कार्य किया।

पत्रकारिता में बेबाक और साहसी पहचान

अश्विनी चोपड़ा अपनी स्पष्टवादी और निर्भीक लेखनी के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपने करियर में कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बेबाक राय रखी।

उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य हमेशा जनता तक सच्चाई पहुंचाना और सामाजिक मुद्दों को उजागर करना रहा। इसी कारण उन्हें पत्रकारिता जगत में एक साहसी और प्रभावशाली आवाज के रूप में देखा जाता था।

राजनीति में भी निभाई भूमिका

पत्रकारिता के अलावा अश्विनी चोपड़ा ने राजनीति में भी कदम रखा। वर्ष 2014 में वे हरियाणा की करनाल लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर सांसद चुने गए।

संसद में रहते हुए उन्होंने जनहित, मीडिया स्वतंत्रता और सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई।

2020 में निधन, लेकिन विरासत आज भी जीवित

18 जनवरी 2020 को लंबी बीमारी के बाद 63 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। वे फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित थे और गुरुग्राम के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

उनके निधन से पत्रकारिता जगत और राजनीतिक क्षेत्र में गहरा शोक फैल गया था। हालांकि उनकी लेखनी, विचार और योगदान आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं।

नामकरण का महत्व: पत्रकारिता और लोकतंत्र को संदेश

‘अश्विनी चोपड़ा मिन्ना चौक’ नामकरण केवल एक सड़क या स्थान का नाम बदलना नहीं है, बल्कि यह पत्रकारिता की स्वतंत्रता, ईमानदारी और साहस के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

यह कदम इस बात का संदेश देता है कि समाज में उन लोगों को हमेशा याद किया जाना चाहिए जिन्होंने सच्चाई और निष्पक्षता के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

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