पिथौरागढ़ के तवाघाट-सोबला-ढाकर मार्ग पर पर्यटकों से भरे वाहन पर पहाड़ी से बोल्डर गिरने से बड़ा हादसा हो गया। दुर्घटना में चालक समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं। बचाव दल मौके पर राहत कार्य में जुटा है।
Pithoragarh: उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में शुक्रवार को चीन सीमा को जोड़ने वाले मार्ग पर दर्दनाक हादसा हो गया। पंचाचूली ग्लेशियर बेस कैंप से लौट रहे पर्यटकों के वाहन पर अचानक पहाड़ी से भारी बोल्डर गिर गया। हादसे में दो लोगों की जान चली गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। प्रशासन और बचाव एजेंसियों ने तत्काल राहत अभियान शुरू कर दिया है।
पंचाचूली से लौट रहे पर्यटकों के साथ हुआ हादसा
पिथौरागढ़ जिले के तवाघाट-सोबला-ढाकर मार्ग पर शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पंपावे क्षेत्र के पास एक पर्यटक वाहन पर पहाड़ी से विशाल बोल्डर आ गिरा। जानकारी के अनुसार वाहन पंचाचूली ग्लेशियर बेस कैंप से पर्यटकों को लेकर धारचूला लौट रहा था। रास्ते में अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा दरक गया और भारी चट्टान सीधे वाहन पर गिर गई।

बोल्डर की चपेट में आने से वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही चालक समेत दो लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल प्रशासन और बचाव एजेंसियों को सूचना दी।
तीन लोग घायल, राहत कार्य जारी
हादसे में तीन अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम घटनास्थल पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया। साथ ही राजस्व पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों को भी मौके पर भेजा गया।
घायलों को सुरक्षित निकालने और उन्हें उपचार उपलब्ध कराने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
दुर्गम क्षेत्र होने से बढ़ी चुनौती
हादसा जिस स्थान पर हुआ वह क्षेत्र काफी दुर्गम माना जाता है। पंपावे इलाका तहसील मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित है। पहाड़ी और कठिन भूभाग होने के कारण बचाव दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा।
इसके बावजूद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए राहत कार्य शुरू कराया। बीआरओ की मशीनों की मदद से सड़क पर गिरे मलबे और चट्टानों को हटाने का प्रयास किया गया ताकि यातायात बहाल किया जा सके और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
भूस्खलन और बोल्डर गिरने का बढ़ा खतरा
मानसून पूर्व और बरसात के मौसम में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। विशेष रूप से सीमा क्षेत्रों को जोड़ने वाले मार्गों पर यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार मौसम में बदलाव और पहाड़ियों में नमी बढ़ने से ऐसे हादसों का जोखिम बढ़ जाता है।
स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे पहाड़ी मार्गों पर सफर करते समय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतें।
प्रशासन जुटा जांच में
हादसे के बाद प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। साथ ही यह भी आकलन किया जा रहा है कि मार्ग पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत बनाने के लिए किन अतिरिक्त कदमों की आवश्यकता है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा के दौरान मौजूद प्राकृतिक जोखिमों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने मृतकों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।











