Meesho Shopping Alert: नकली सनस्क्रीन की लिस्टिंग पर दिल्ली हाई कोर्ट का सख्त आदेश, ऑनलाइन खरीदार रहें सावधान

Meesho Shopping Alert: दिल्ली हाई कोर्ट ने Meesho पर कथित नकली सनस्क्रीन प्रोडक्ट्स की लिस्टिंग हटाने का आदेश दिया है। ऑनलाइन शॉपिंग करते समय खरीदारों को सावधान

आज के डिजिटल दौर में घर बैठे कई जरूरी काम आसानी से किए जा सकते हैं। अगर किसी को शॉपिंग का शौक है, तो अब खरीदारी के लिए बाजार जाने की जरूरत नहीं है। ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए लोग घर बैठे अपनी पसंद का सामान ऑर्डर कर सकते हैं।

बिजनेस न्यूज़: ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर प्रोडक्ट खरीदने वाले ग्राहकों के लिए अहम खबर है। दिल्ली हाई कोर्ट ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho पर सन फार्मास्युटिकल्स के नाम से कथित तौर पर बेचे जा रहे नकली सनस्क्रीन प्रोडक्ट्स से जुड़ी लिस्टिंग हटाने का निर्देश दिया है। यह मामला खास तौर पर उन ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से स्किनकेयर, कॉस्मेटिक्स और हेल्थ से जुड़े उत्पाद खरीदते हैं।

ऑनलाइन खरीदारी की सुविधा बढ़ने के साथ नकली या अनधिकृत उत्पादों की बिक्री को लेकर कंपनियों और ग्राहकों की चिंताएं भी सामने आती रही हैं। ऐसे में अदालत का यह निर्देश ब्रांड की पहचान, उपभोक्ता सुरक्षा और ऑनलाइन मार्केटप्लेस की जिम्मेदारी से जुड़े सवालों को भी सामने लाता है।

सन फार्मास्युटिकल्स ने कोर्ट में क्या कहा?

मामला सन फार्मास्युटिकल्स की ओर से अदालत के सामने उठाया गया। कंपनी ने आरोप लगाया कि Meesho पर उसके ब्रांड नाम का इस्तेमाल करते हुए कुछ सनस्क्रीन प्रोडक्ट्स की लिस्टिंग की गई थी, जबकि कंपनी के अनुसार संबंधित असली उत्पाद प्लेटफॉर्म पर उसके अधिकृत तरीके से उपलब्ध नहीं थे।कंपनी ने अदालत को बताया कि Belo Photostable और Photostable Gold जैसे नामों से कथित तौर पर प्रोडक्ट्स बेचे जा रहे थे। सन फार्मास्युटिकल्स ने ऐसे कई ऑनलाइन लिंक और URL की जानकारी भी अदालत के सामने रखी, जिन पर उसके ब्रांड से जुड़े उत्पादों की लिस्टिंग होने का दावा किया गया।

कंपनी की चिंता केवल बिक्री तक सीमित नहीं थी। उसका कहना था कि यदि ग्राहक नकली उत्पाद को असली ब्रांड का सामान समझकर खरीदते हैं, तो इससे कंपनी की प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। साथ ही, ग्राहकों के बीच वास्तविक उत्पादों की विश्वसनीयता को लेकर भी भ्रम पैदा हो सकता है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने Meesho को क्या आदेश दिया?

मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने Meesho को संबंधित लिस्टिंग हटाने का निर्देश दिया। अदालत ने कंपनी को मामले में बताए गए URL को हटाने के लिए कहा है। यह आदेश ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर ब्रांड नाम का गलत इस्तेमाल किए जाने और कथित नकली उत्पादों की बिक्री से जुड़े विवाद के संदर्भ में आया है। हालांकि, किसी प्रोडक्ट के नकली होने का अंतिम निर्धारण संबंधित कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करता है।

इस मामले से यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग विक्रेताओं द्वारा लिस्ट किए जाने वाले उत्पादों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए कितनी निगरानी जरूरी है।

ऑनलाइन कॉस्मेटिक्स खरीदते समय क्या करें?

स्किनकेयर और कॉस्मेटिक उत्पाद सीधे त्वचा के संपर्क में आते हैं। इसलिए इन्हें खरीदते समय केवल कीमत या ऑफर देखकर फैसला करना उचित नहीं है। ग्राहक को प्रोडक्ट की पैकेजिंग, निर्माता की जानकारी और अन्य जरूरी विवरणों की जांच करनी चाहिए। खरीदारी से पहले विक्रेता की जानकारी, ग्राहक रिव्यू और रेटिंग देखना भी उपयोगी हो सकता है। हालांकि, केवल रिव्यू के आधार पर किसी उत्पाद को असली मान लेना पर्याप्त नहीं है।

ऑनलाइन कॉस्मेटिक या सनस्क्रीन खरीदते समय बैच नंबर, एक्सपायरी डेट, निर्माता की जानकारी, पैकेजिंग और लेबल को ध्यान से देखें। यदि कीमत बाजार की सामान्य कीमत से असामान्य रूप से कम है, तो अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहतर है। प्रोडक्ट मिलने के बाद पैकेजिंग और सामान की जानकारी को ऑर्डर से मिलाएं। यदि पैकेज क्षतिग्रस्त हो, लेबल संदिग्ध लगे या प्रोडक्ट की प्रामाणिकता पर संदेह हो, तो उसका इस्तेमाल करने से बचें।

ग्राहक संबंधित ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर प्रोडक्ट की जानकारी भी क्रॉस-चेक कर सकते हैं। किसी संदिग्ध या गलत उत्पाद की स्थिति में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के कस्टमर सपोर्ट और संबंधित उपभोक्ता शिकायत तंत्र का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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