भारतीय क्रिकेट टीम की फास्ट बॉलर मेघना सिंह ने एबीपी लाइव के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में महिला क्रिकेट के हर पहलू पर खुलकर बात की। उन्होंने अपनी क्रिकेट यात्रा, शुरुआती संघर्ष, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने की चुनौतियाँ और महिलाओं को मिलने वाली सैलरी के बारे में विस्तार से बताया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: क्रिकेट खेलने वाला हर खिलाड़ी हाथ में गेंद और बल्ला पकड़ने के साथ ही टीम इंडिया में खेलने का सपना देखता है, लेकिन कुछ ही खिलाड़ी इसे हकीकत में बदल पाते हैं। भारतीय क्रिकेटर मेघना सिंह उन्हीं खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्होंने शुरुआत से ही यह ठान लिया था कि एक दिन वे भारत के लिए खेलेंगी। और साल 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर मेघना सिंह ने इस सपने को साकार किया।
मेघना सिंह के लिए भारत के लिए खेलने की खुशी इतनी बड़ी है कि इसे शब्दों में बयां करना भी आसान नहीं है। भारतीय क्रिकेटर ने एबीपी लाइव के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में महिला क्रिकेट की दुनिया के हर पहलू पर चर्चा की। इस बातचीत में महिलाओं की क्रिकेट में प्रवेश, उन्हें मिलने वाली सैलरी और आज के दौर में आए बदलाव जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मेघना सिंह ने अपने अनुभव साझा किए।
अंडर-19 टीम से अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत
उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली मेघना सिंह ने बताया कि उनके पिता को भी क्रिकेट का शौक था। बचपन में पिता के साथ मैच देखने जाती थी और गली में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलना उनकी आदत बन गई। मेघना कहती हैं, जब गली में लड़कों को क्रिकेट खेलते देखा, तब मेरे मन में भी क्रिकेट खेलने का ख्याल आया। शुरुआती समय में मुझे लड़कों के साथ खेलना पड़ा क्योंकि अन्य लड़कियों के लिए क्रिकेट सुविधाएं नहीं थीं।
मेघना सिंह ने सबसे पहले स्टेट टीम के टॉप 40 खिलाड़ियों में जगह बनाई। इसके बाद साल 2010 में उनका चयन भारत की अंडर-19 टीम में हुआ। उन्होंने बताया कि उस समय एक मैच के लिए केवल 1,000 रुपये मैच फीस मिलती थी और एक साल में केवल 4-5 मैच ही खेले जाते थे। जब मैंने अंडर-19 टीम में पहला मैच खेला, तब मेरी मैच फीस सिर्फ 1,000 रुपये थी।" मेघना बताती हैं।

1 हजार से 1 लाख रुपये तक का सफर
साल 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेलते समय मेघना को एक वनडे मैच के लिए 1 लाख रुपये मैच फीस मिली। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे समय बीता, महिलाओं को बेहतर मैच फीस मिलने लगी और महिला लीग मैचों का आयोजन भी शुरू हुआ। भारत ने हाल ही में वीमेंस वर्ल्ड कप 2025 जीतकर इतिहास रचा। मेघना सिंह के अनुसार, वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेट एकेडमी में लड़कियों का एडमिशन बढ़ गया है। यह जीत कई नई प्रतिभाओं के लिए दरवाजे खोलने वाली साबित हुई है।
मेघना ने बताया कि उनका क्रिकेट में आदर्श भारतीय तेज गेंदबाज ज़हीर खान हैं। मैं बचपन से ज़हीर खान को फॉलो करती रही हूँ। मैं खुद भी तेज गेंदबाज हूँ, इसलिए उनके खेल से प्रेरणा मिलती रही। साथ ही, उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को भी अपना फेवरेट खिलाड़ी बताया। वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2026 का नया सीजन जल्द शुरू होने वाला है। मेघना ने कहा कि पिछले दोनों सीजन में उन्होंने गुजरात जायंट्स के लिए खेला। इस बार उनकी फेवरेट टीम दिल्ली कैपिटल्स है।
लेकिन मुझे जो भी टीम चुनेगी, मैं उसके लिए अपना बेस्ट परफॉर्मेंस दूंगी।" मेघना ने स्पष्ट किया। मेघना सिंह ने इंटरव्यू में महिला क्रिकेट की चुनौतियों और सैलरी असमानताओं पर भी खुलकर बात की। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष जरूरी है, और मेहनत के बिना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता मिलना मुश्किल है।








