Meta में संभावित बड़ी छंटनी की चर्चा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी करीब 20% कर्मचारियों की कटौती पर विचार कर रही है, जिससे लगभग 16 हजार नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं। यह फैसला AI में बढ़ते निवेश और लागत नियंत्रण से जुड़ा है।
Meta Layoffs: दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में से एक Meta Platforms में संभावित बड़े स्तर की छंटनी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी अपने वैश्विक कार्यबल में करीब 20 प्रतिशत तक कटौती करने पर विचार कर रही है। अगर यह फैसला लागू होता है तो लगभग 16 हजार कर्मचारियों की नौकरियों पर असर पड़ सकता है।
बताया जा रहा है कि कंपनी यह कदम बढ़ते खर्च को नियंत्रित करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI में हो रहे भारी निवेश के दबाव को संतुलित करने के लिए उठा सकती है। हालांकि अभी तक कंपनी की ओर से इस बारे में कोई अंतिम निर्णय घोषित नहीं किया गया है।
मेटा दुनिया के लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook, Instagram और WhatsApp का संचालन करती है। कंपनी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर तक Meta में लगभग 79 हजार कर्मचारी काम कर रहे थे। ऐसे में अगर 20 प्रतिशत तक कटौती होती है तो यह टेक इंडस्ट्री की बड़ी छंटनियों में से एक मानी जाएगी।
AI में बढ़ते निवेश के कारण बदल रही कंपनी की रणनीति
रिपोर्ट्स के अनुसार मेटा अब अपने भविष्य को AI आधारित तकनीकों के साथ जोड़कर देख रही है। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कई कामों को अधिक तेजी और कम लागत में पूरा करने में सक्षम होगा।
AI टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल से कर्मचारियों की उत्पादकता भी बढ़ सकती है। साथ ही कुछ ऐसे काम हैं जिनमें भविष्य में कम कर्मचारियों की जरूरत रह सकती है। इसी वजह से कंपनी अपने संगठनात्मक ढांचे को अधिक कुशल बनाने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटाने जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है।
हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फिलहाल यह केवल संभावित योजना के स्तर पर है और इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की गई है।
कंपनी के भीतर शुरू हुई रणनीतिक चर्चा
सूत्रों के अनुसार मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों ने हाल ही में कंपनी के शीर्ष नेतृत्व के साथ इस संभावित कदम को लेकर बातचीत की है। अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने विभागों में कामकाज को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के तरीके तलाशें।
इन रिपोर्ट्स पर प्रतिक्रिया देते हुए मेटा के प्रवक्ता Andy Stone ने कहा कि फिलहाल यह केवल संभावित रणनीतियों से जुड़ी अटकलें हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी की ओर से अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
पहले भी कर चुकी है बड़े स्तर पर छंटनी
अगर मेटा इस स्तर की छंटनी करती है तो यह कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनियों में से एक हो सकती है। इससे पहले भी कंपनी ने 2022 और 2023 के दौरान बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की संख्या कम की थी।
नवंबर 2022 में मेटा ने लगभग 11 हजार कर्मचारियों की छंटनी की थी। इसके बाद 2023 की शुरुआत में कंपनी ने करीब 10 हजार और कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। उस समय कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Mark Zuckerberg ने उस अवधि को “Year of Efficiency” यानी दक्षता का वर्ष बताया था। कंपनी का लक्ष्य खर्च कम करना और संगठन को अधिक प्रभावी बनाना था।
जेनेरेटिव AI पर तेजी से बढ़ रहा खर्च
मेटा के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार कंपनी इस समय जेनेरेटिव AI तकनीक पर तेजी से निवेश बढ़ा रही है। पिछले एक वर्ष में AI कंपनी की रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
Mark Zuckerberg ने कई बार संकेत दिए हैं कि आने वाले वर्षों में AI को मजबूत करने के लिए भारी निवेश किया जाएगा। इसी योजना के तहत मेटा ने वर्ष 2028 तक अत्याधुनिक डेटा सेंटर बनाने के लिए लगभग 600 अरब डॉलर तक निवेश करने की योजना बनाई है।
इन डेटा सेंटरों का उद्देश्य बड़े AI मॉडल को ट्रेन करना और उन्हें चलाने के लिए मजबूत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। इससे कंपनी अपने AI प्लेटफॉर्म को और अधिक शक्तिशाली बनाने की कोशिश कर रही है।
AI विशेषज्ञों की भर्ती पर भी जोर
AI परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मेटा केवल इंफ्रास्ट्रक्चर पर ही खर्च नहीं कर रही है बल्कि विशेषज्ञ प्रतिभाओं की भर्ती भी कर रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी AI क्षेत्र के प्रमुख शोधकर्ताओं और इंजीनियरों को आकर्षित करने के लिए बहुत बड़े वेतन पैकेज ऑफर कर रही है। कुछ मामलों में चार साल की अवधि के लिए सैकड़ों मिलियन डॉलर तक के पैकेज की पेशकश की गई है।
इन विशेषज्ञों को एक विशेष “Superintelligence” टीम में शामिल किया जा रहा है। इस टीम का उद्देश्य AI तकनीक के विकास को तेज करना और नए उन्नत मॉडल तैयार करना है।
अधिग्रहण और साझेदारी से भी मजबूत हो रही AI रणनीति
AI क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए मेटा अधिग्रहण और रणनीतिक साझेदारी पर भी ध्यान दे रही है। हाल ही में कंपनी ने AI एजेंट्स के लिए विकसित सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म Moltbook का अधिग्रहण किया है।
इसके अलावा मेटा लगभग 2 अरब डॉलर खर्च कर चीनी AI स्टार्टअप Manus को खरीदने की प्रक्रिया में भी बताई जा रही है। इन कदमों का उद्देश्य AI तकनीक के विकास में अपनी स्थिति को और मजबूत बनाना है।
टेक कंपनियों में तेजी से बदल रहा वर्कफोर्स मॉडल
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव केवल मेटा तक सीमित नहीं है। दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियां AI के बढ़ते प्रभाव के साथ अपने कार्यबल के ढांचे में बदलाव कर रही हैं।
कई कंपनियां पारंपरिक कार्य क्षेत्रों में कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं और AI रिसर्च, मशीन लर्निंग तथा डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही हैं। इस बदलाव का उद्देश्य लागत को नियंत्रित करना और नई तकनीकों के विकास में अधिक संसाधन लगाना है।
Amazon और Block में भी छंटनी
हाल के महीनों में कई बड़ी टेक कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या कम करने का फैसला लिया है। ई-कॉमर्स कंपनी Amazon ने जनवरी में लगभग 16 हजार कर्मचारियों की छंटनी की पुष्टि की थी। कंपनी का कहना था कि वह अपने संचालन को अधिक कुशल बनाने और AI तकनीकों का उपयोग बढ़ाने के लिए यह कदम उठा रही है।
इसी तरह फिनटेक कंपनी Block, जिसका नेतृत्व Jack Dorsey करते हैं, ने भी हाल ही में अपने कार्यबल में भारी कटौती की है। कंपनी ने लगभग आधे कर्मचारियों को कम कर दिया। इसके पीछे मुख्य कारण AI की बढ़ती क्षमता को बताया गया है।
AI रणनीति के सामने मेटा की चुनौतियां
हालांकि AI के क्षेत्र में मेटा की राह पूरी तरह आसान नहीं रही है। कंपनी के Llama 4 मॉडल के शुरुआती संस्करणों को लेकर उसे आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।
कुछ विशेषज्ञों ने इसके बेंचमार्क परिणामों पर सवाल उठाए थे, जिससे कंपनी की AI क्षमताओं को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। इन चुनौतियों के चलते मेटा ने अपने प्रस्तावित बड़े AI मॉडल “Behemoth” को लॉन्च करने की योजना भी रद्द कर दी थी।
फिलहाल कंपनी की AI रिसर्च टीम एक नए मॉडल “Avocado” पर काम कर रही है। हालांकि रिपोर्ट्स के अनुसार अभी इसका प्रदर्शन कंपनी की उम्मीदों के स्तर तक नहीं पहुंच पाया है।












