राज्य के नगर निकाय चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद राजनीति में हलचल बढ़ गई है। इस बीच कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद ने बीजेपी और उसके घटक दलों पर तीखा हमला किया है।
मुंबई: महाराष्ट्र निकाय चुनाव के नतीजों पर सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी अपने ही घटक दलों को कमजोर कर रही है। मसूद ने कहा कि इस पर अजित पवार और एकनाथ शिंदे को गंभीरता से विचार करना चाहिए। कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, “हमारी स्थिति पर क्या कहा जाए, हम जहां थे, वहीं खड़े हैं, लेकिन एकनाथ शिंदे और अजित पवार से पूछिए कि वे आज कहां खड़े हैं।
अगले चुनाव तक उनका अस्तित्व खत्म हो जाएगा, इसलिए उन्हें इस पर सोच-विचार करना चाहिए।” इस दौरान उन्होंने बीजेपी के घटक दलों को नसीहत भी दी।
सांसद ने बीजेपी और घटक दलों को दी चेतावनी
सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद ने महाराष्ट्र निकाय चुनाव के नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हमारी स्थिति वही है जहां हम पहले खड़े थे। लेकिन एकनाथ शिंदे और अजित पवार से पूछिए कि वह कहां खड़े हैं। अगले चुनाव तक उनका अस्तित्व खत्म हो जाएगा।" उन्होंने साफ कहा कि बीजेपी अपने घटक दलों को दबाकर अपने लिए जगह बना रही है। मसूद ने घटक दलों को नसीहत देते हुए कहा कि अगर वे अपनी पार्टी को बचाना चाहते हैं, तो सरकार और सत्ता का मोह छोड़ना होगा। उनका कहना था, "वरना आपकी पार्टियां बीजेपी की आंधी में ध्वस्त हो जाएंगी।"
बीएमसी चुनाव में कांग्रेस को कुल 24 सीटें मिली हैं। इमरान मसूद ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा प्रचारित आंकड़े भ्रामक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस जहां पहले खड़ी थी, आज भी वहीं खड़ी है। उनके अनुसार, बीजेपी ने अपने घटक दलों के माध्यम से शहर की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। मसूद ने विशेष रूप से शिवसेना का जिक्र करते हुए कहा कि बीएमसी में शिवसेना के झंडे के नीचे काम करने वाले कार्यकर्ताओं को यह सोचने की जरूरत है कि 45 साल बाद उनका कब्जा वहां से खत्म हो गया है। उन्होंने कहा, चाहे एकनाथ शिंदे हों या उद्धव ठाकरे, उनका शिवसैनिक होने का दावा अब जनता के लिए मायने नहीं रखता।

बीएमसी चुनाव के परिणाम
इमरान मसूद ने एनसीपी और अन्य घटक दलों की स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि एनसीपी और अजित पवार की स्थिति भी बीजेपी की रणनीति के चलते कमजोर हुई है। मसूद ने कहा, बीजेपी घटक दलों को खत्म करने पर भरोसा करती है। यदि ये दल सत्ता का मोह नहीं छोड़ते, तो आने वाले चुनावों में इनका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने बहुमत हासिल कर लिया। प्रमुख नतीजे इस प्रकार हैं:
- बीजेपी: 89 सीटें
- शिवसेना (यूबीटी): 65 सीटें
- शिवसेना (शिंदे): 29 सीटें
- कांग्रेस: 24 सीटें
इन नतीजों ने मुंबई की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दिया है। खासकर बीएमसी, जो देश की सबसे धनी महानगरपालिका मानी जाती है, वहां बीजेपी ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।











