महाविकास आघाड़ी में दरार? संजय राउत ने बारामती उपचुनाव में गठबंधन की नाराजगी को किया उजागर

Sanjay Raut ने बारामती उपचुनाव को लेकर महाविकास आघाड़ी में गठबंधन की नाराजगी और आंतरिक मतभेदों को उजागर किया है। जानें उनके बयान के राजनीतिक मायने और आगामी

बारामती विधानसभा उपचुनाव ने महाराष्ट्र की विपक्षी गठबंधन Maha Vikas Aghadi के भीतर नाराजगी और मतभेद को सामने ला दिया है। जनवरी में पूर्व उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar की विमान दुर्घटना में मौत के बाद इस उपचुनाव में उनकी पत्नी Sunetra Pawar एनडीए की उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं, जबकि कांग्रेस ने अलग से अपना प्रत्याशी उतारा है।

मुंबई: बारामती विधानसभा उपचुनाव ने महाराष्ट्र की विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (MVA) के भीतर नाराजगी और अंतर स्पष्ट कर दिया है। यह उपचुनाव पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की जनवरी में हुई विमान दुर्घटना के बाद उनके परिवार की राजनीतिक स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण साबित हुआ। अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को एनडीए की ओर से उम्मीदवार बनाया गया, जबकि कांग्रेस ने अलग से अपना उम्मीदवार उतारकर गठबंधन में दरार की आशंका को और मजबूत किया।

कांग्रेस और महाविकास आघाड़ी के बीच विवाद

बारामती परंपरागत रूप से पवार परिवार का गढ़ माना जाता है। अजीत पवार की मौत के बाद सुनेत्रा पवार ने एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष पद संभाली और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (SP) ने सम्मान स्वरूप सुनेत्रा पवार के खिलाफ चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया, लेकिन कांग्रेस ने आकाश मोरे को अपना उम्मीदवार घोषित किया। इस कदम ने महाविकास आघाड़ी के भीतर गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठाए।

शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र सामना के नवीनतम संपादकीय में कांग्रेस की राजनीतिक अपरिपक्वता और संकीर्ण सोच पर तीखा तंज कसा गया। राज्‍यसभा सांसद संजय राउत ने लिखा कि समझना कमजोरी नहीं, परिपक्वता है। संपादकीय में कहा गया कि यदि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीय नेतृत्व चाहती है, तो उसे एक सीट पर मनमुटाव छोड़कर सामूहिक लक्ष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। 

सामना ने कांग्रेस को बड़े भाई की तरह दया दिखाने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि गठबंधन के स्थानीय नेताओं का सम्मान नहीं किया गया तो यह महाविकास आघाड़ी के लिए खतरे का संकेत है।

कांग्रेस का शायरी वाला पलटवार

इस संपादकीय के जवाब में कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि संजय राउत पत्रकार और पार्टी प्रवक्ता की भूमिका में अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। उन्होंने कहा, “वे भूल जाते हैं कि जब वे एक उंगली दूसरों पर उठाते हैं, तो चार उंगलियां खुद उनकी ओर होती हैं।” सावंत ने महाविकास आघाड़ी की स्थिरता और भाजपा के खिलाफ कांग्रेस की ईमानदार लड़ाई को रेखांकित करते हुए अकबर इलाहाबादी की शायरी का हवाला दिया: हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती।"

इस शायरी के माध्यम से कांग्रेस ने साफ किया कि वह गठबंधन में सहयोगियों के साथ अपने सामूहिक हितों के लिए समर्पित है और बाहरी आलोचनाओं से विचलित नहीं होगी।

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