ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वे लोगों के बीच बैठे और बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। ईरानी मीडिया ने फुटेज जारी किया, लेकिन रिकॉर्डिंग की तारीख नहीं बताई गई, जिससे सवाल बने हुए हैं।
तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का एक नया वीडियो सामने आने के बाद उनकी सेहत को लेकर चल रही अटकलों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर ने यह फुटेज जारी किया है। वीडियो में मुजतबा जमीन पर बैठे कुछ लोगों के बीच दिखाई दे रहे हैं और उनसे बातचीत करते नजर आते हैं। हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इस फुटेज को उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता।
यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब पिछले कुछ दिनों से मुजतबा खामेनेई की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर कई तरह की खबरें और दावे प्रसारित हो रहे थे। कुछ इजराइली मीडिया रिपोर्टों में उनकी हालत गंभीर होने और अस्पताल में भर्ती होने का दावा किया गया था। यहां तक कहा गया कि उनकी स्थिति इतनी खराब है कि उनकी मौत की आशंका भी जताई जा रही है। नए वीडियो ने इन दावों पर सवाल जरूर खड़े किए हैं, लेकिन इसकी तारीख स्पष्ट नहीं होने के कारण तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है।
वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है?
जारी फुटेज में मुजतबा खामेनेई लोगों के बीच बैठे हुए दिखाई देते हैं। वह वहां मौजूद लोगों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। ईरानी मीडिया ने इसे उनकी मौजूदगी का नया दृश्य बताया है। हालांकि, वीडियो में ऐसा कोई स्पष्ट संकेत नहीं है जिससे यह निश्चित रूप से कहा जा सके कि इसे हाल ही में रिकॉर्ड किया गया है।
यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी वीडियो की तारीख को लेकर सावधानी बरती है। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे अनडेटेड यानी बिना तारीख वाला वीडियो बताया गया है। ऐसे में वीडियो को सीधे तौर पर उन रिपोर्टों का खंडन मानना जल्दबाजी होगी, जिनमें मुजतबा की गंभीर स्वास्थ्य समस्या का दावा किया गया था।
मुजतबा की सेहत को लेकर क्यों बढ़ी थी चिंता?
मुजतबा खामेनेई लंबे समय से सार्वजनिक रूप से बेहद कम नजर आए हैं। उनके सुप्रीम लीडर बनने के बाद भी उनकी सार्वजनिक उपस्थिति सीमित रही। मार्च 2026 में युद्ध शुरू होने के बाद उनके नाम से एक बयान जारी किया गया था, लेकिन वह खुद वीडियो में दिखाई नहीं दिए थे। बयान को ईरानी टेलीविजन पर एक समाचार प्रस्तोता ने पढ़ा था।
इस तरह की सीमित सार्वजनिक मौजूदगी ने उनकी सेहत और ठिकाने को लेकर अटकलों को जन्म दिया। बाद में उनकी संभावित चोटों को लेकर भी अलग-अलग रिपोर्टें सामने आईं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि युद्ध की शुरुआत में हुए हमलों के दौरान उन्हें गंभीर चोटें लगी थीं, जबकि ईरानी अधिकारियों ने ऐसे दावों को खारिज किया।
मार्च में ईरानी मीडिया ने मुजतबा का एक और वीडियो जारी किया था, जिसमें वह धार्मिक अध्ययन पढ़ाते दिखाई दिए थे। उस फुटेज की तारीख भी स्पष्ट नहीं की गई थी। इसलिए उनके बारे में जारी होने वाले वीडियो को लेकर सबसे बड़ा सवाल हमेशा उनकी रिकॉर्डिंग की तारीख रहा है।
पहले भी सामने आ चुके हैं बीमारी से जुड़े अलग-अलग दावे
मुजतबा की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर समय-समय पर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में उन्हें गंभीर रूप से घायल बताया गया, जबकि अन्य दावों में अस्पताल में इलाज या यहां तक कि कोमा की बात कही गई। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि लगातार मुश्किल रही है। ईरानी अधिकारियों ने कई मौकों पर उनकी स्थिति को लेकर गंभीर बीमारी या गंभीर चोट की खबरों को खारिज किया है।
इसी वजह से उनकी सेहत को लेकर सूचना का बड़ा हिस्सा परस्पर विरोधी दावों पर आधारित रहा है। हालिया वीडियो भी इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण है। फुटेज में मुजतबा सामान्य रूप से लोगों के साथ बातचीत करते नजर आते हैं, लेकिन केवल दृश्य के आधार पर उनकी चिकित्सकीय स्थिति का आकलन करना संभव नहीं है।

सऊदी मीडिया की रिपोर्ट ने भी बढ़ाया था रहस्य
मुजतबा के सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आने के बीच सऊदी मीडिया अल-हदथ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि वह उस समय ईरान में मौजूद नहीं थे। रिपोर्ट में एक इजराइली सुरक्षा सूत्र के हवाले से कहा गया था कि मुजतबा के नाम से जारी किए जा रहे आधिकारिक संदेशों को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स यानी IRGC के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य अधिकारियों की ओर से तैयार किया जा रहा था।
हालांकि, ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी। यही कारण है कि मुजतबा के वास्तविक ठिकाने और स्वास्थ्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में लगातार सवाल बने रहे। उनकी सार्वजनिक अनुपस्थिति ने इस रहस्य को और बढ़ाया। रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने भी पहले कहा था कि मुजतबा से सीधे संपर्क करना मुश्किल था। अब नए वीडियो के सामने आने के बाद यह चर्चा फिर तेज हो गई है कि वह वास्तव में किस स्थिति में हैं और फुटेज कब का है।
पिता की मौत के बाद बने ईरान के सुप्रीम लीडर
मुजतबा खामेनेई ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे हैं। उनके पिता की मृत्यु के बाद उन्हें देश का नया सर्वोच्च नेता चुना गया। वह 56 वर्ष की उम्र में इस पद पर पहुंचे। मुजतबा का राजनीतिक और धार्मिक प्रभाव लंबे समय से ईरान की सत्ता के भीतर चर्चा में रहा है। उन्होंने पहले कोई निर्वाचित राजनीतिक पद नहीं संभाला था और न ही चुनावी राजनीति में प्रमुख भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद उन्हें अपने पिता के बेहद करीबी लोगों में माना जाता रहा।
उन्होंने ईरान-इराक युद्ध के अंतिम दौर में IRGC से जुड़कर सेवा की और बाद में कोम में धार्मिक अध्ययन किया। वह शिया इस्लामी धर्मशास्त्र और कानून की पढ़ाई से भी जुड़े रहे हैं।
पर्दे के पीछे प्रभावशाली भूमिका का दावा
सुप्रीम लीडर बनने से पहले मुजतबा का सार्वजनिक प्रोफाइल अपेक्षाकृत सीमित था, लेकिन ईरान की सत्ता व्यवस्था में उनके प्रभाव को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही। विशेष रूप से उनके पिता के कार्यालय, सुरक्षा तंत्र और IRGC के साथ उनके संबंधों का उल्लेख विभिन्न रिपोर्टों में मिलता रहा है। 2009 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी उनका नाम सत्ता के भीतर प्रभाव रखने वाले लोगों के संदर्भ में सामने आया था। बाद में अमेरिका ने 2019 में उन पर प्रतिबंध लगाए और आरोप लगाया कि वह बिना किसी निर्वाचित पद के भी अपने पिता के प्रतिनिधि के रूप में प्रभाव रखते थे।
नए वीडियो से क्या बदला?
नए वीडियो ने कम से कम इतना जरूर दिखाया है कि मुजतबा का एक दृश्य ईरानी मीडिया के माध्यम से सामने आया है। लेकिन इससे उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, वीडियो की तारीख या उनके वास्तविक ठिकाने से जुड़े सभी सवालों का जवाब नहीं मिलता। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस फुटेज को लेकर सबसे अहम सावधानी यही है कि इसे बिना तारीख के जारी किया गया है। इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि वीडियो उनकी मौजूदा स्थिति की पूरी तस्वीर पेश करता है।
फिलहाल मुजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर पहले के दावे और ईरानी अधिकारियों के बयान एक-दूसरे से अलग हैं। ऐसे में किसी स्वतंत्र और आधिकारिक चिकित्सकीय जानकारी के अभाव में उनकी स्थिति पर अंतिम निष्कर्ष निकालना मुश्किल है। फिर भी, युद्ध के बाद पहली बार सामने आया यह नया दृश्य ईरान के नए सुप्रीम लीडर की सार्वजनिक मौजूदगी को लेकर जारी रहस्य को कुछ हद तक कम करता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था और आने वाले दिनों में क्या मुजतबा खुद सार्वजनिक रूप से सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हैं।











