मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में प्रशासन ने फर्जी आधार कार्ड बनाने के मामले का खुलासा करते हुए एक साइबर कैफे संचालक को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान मौके से कई संदिग्ध दस्तावेज, आधार कार्ड की कॉपियां और कंप्यूटर उपकरण बरामद किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के फर्जीवाड़े को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, स्थानीय प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि एक साइबर कैफे में अवैध रूप से आधार कार्ड में बदलाव और फर्जी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद अंचलाधिकारी (CO) और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। जांच के दौरान कई आधार कार्ड की फोटो कॉपी, संदिग्ध आवेदन फॉर्म और डिजिटल डेटा जब्त किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संचालक कथित रूप से गलत जानकारी के आधार पर आधार कार्ड बनवाने या संशोधित करने का काम करता था। इससे सरकारी योजनाओं और पहचान संबंधी दस्तावेजों में गड़बड़ी की आशंका थी।
अंचलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि पहचान पत्रों में किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा गंभीर अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित साइबर कैफे को सील करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जब्त कंप्यूटर और डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने लोगों के दस्तावेजों में हेरफेर किया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क में अन्य लोग शामिल हैं या नहीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में फर्जीवाड़ा करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने दस्तावेज केवल अधिकृत केंद्रों से ही बनवाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने दोहराया है कि सरकारी पहचान पत्रों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को सख्ती से रोका जाएगा।











