MPSC Drug Inspector Recruitment: परीक्षा से दो दिन पहले पेपर पहुंचने के आरोप, महाराष्ट्र में भर्ती प्रक्रिया रद्द

MPSC Drug Inspector Recruitment परीक्षा से दो दिन पहले पेपर पहुंचने के आरोपों के बाद महाराष्ट्र में भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी गई। मामले की जांच को लेकर

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B पद की पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है। यह फैसला 22 मार्च 2026 को आयोजित स्क्रीनिंग परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की शिकायतों की प्रारंभिक जांच के बाद लिया गया।

मुंबई: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का फैसला किया है। यह कदम 22 मार्च को आयोजित स्क्रीनिंग परीक्षा में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं की शिकायतों के बाद उठाया गया। शिकायतों में दावा किया गया था कि परीक्षा से करीब दो दिन पहले यानी 20 मार्च को कुछ अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र या उसके सवाल पहुंच गए थे।

परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद आयोग को अभ्यर्थियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से ईमेल के जरिए शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों की प्रारंभिक जांच कराई गई। इसके बाद आयोग ने भर्ती प्रक्रिया को आगे जारी रखने के बजाय उसे रद्द करने का निर्णय लिया।

परीक्षा से दो दिन पहले पेपर पहुंचने का आरोप

ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर सबसे गंभीर आरोप यह है कि 22 मार्च को होने वाली स्क्रीनिंग परीक्षा के प्रश्नपत्र या उसमें पूछे जाने वाले कुछ सवाल कथित तौर पर 20 मार्च को ही कुछ अभ्यर्थियों के पास पहुंच गए थे। शिकायतों के अनुसार, परीक्षा से पहले उपलब्ध कराए गए कथित सवालों को बाद में सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के जरिए प्रसारित किए जाने का भी आरोप लगा। 

यदि ये आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो इससे परीक्षा की निष्पक्षता और पूरी चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। इसी वजह से मामले को लेकर अभ्यर्थियों के बीच भी चिंता बढ़ी और आयोग के सामने शिकायतें पहुंचीं।

शिकायतों के बाद MPSC ने की प्रारंभिक जांच

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग को परीक्षा में अनियमितता की शिकायतें मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की गई। जांच में सामने आए तथ्यों और शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B पदों की पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द करने का फैसला किया। आयोग के इस निर्णय का सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा, जिन्होंने परीक्षा में हिस्सा लिया था और भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण का इंतजार कर रहे थे। अब नई भर्ती या दोबारा परीक्षा को लेकर आयोग के अगले आधिकारिक फैसले का इंतजार रहेगा।

MNS नेता संदीप देशपांडे ने उठाया FIR का मुद्दा

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) नेता संदीप देशपांडे ने भर्ती परीक्षा रद्द किए जाने के बाद राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कथित पेपर लीक मामले में प्राथमिकी यानी FIR दर्ज किए जाने की मांग की है। देशपांडे का कहना है कि यदि शुरुआती जांच में परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र या उसके सवाल किसी व्यक्ति तक पहुंचने की बात सामने आई है, तो पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं की गई। 

उन्होंने सरकार से पूछा कि कथित पेपर लीक के मामले में अब तक FIR दर्ज क्यों नहीं हुई। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

'अगर पेपर लीक हुआ तो FIR क्यों नहीं?'

MNS नेता ने सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षा से दो दिन पहले यदि किसी अभ्यर्थी के पास प्रश्नपत्र पहुंचने की बात सामने आई है, तो यह बेहद गंभीर मामला है। ऐसे में केवल परीक्षा रद्द करना पर्याप्त नहीं होना चाहिए। देशपांडे ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि मामले में आपराधिक जांच कब शुरू होगी और कथित तौर पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने वाले लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि शुरुआती जांच के आधार पर अनियमितताओं की पुष्टि हुई है, तो FIR दर्ज करने में देरी क्यों हो रही है।

पेपर लीक के आरोपों के बीच देशपांडे ने सरकारी एजेंसियों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच करने की मांग की। उन्होंने आशंका जताई कि यदि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र बाहर पहुंचा था, तो यह केवल कुछ अभ्यर्थियों तक सीमित मामला नहीं हो सकता। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग करते हुए यह पता लगाने पर जोर दिया कि प्रश्नपत्र तक कथित पहुंच कैसे हुई और उसे आगे किस तरह प्रसारित किया गया।

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