Mukka Proteins के शेयर में 474 करोड़ रुपये के बड़े ऑर्डर के बाद तेज़ उछाल देखने को मिला। कंपनी के जॉइंट वेंचर को BSWML से लीचेएट ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट मिला, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और स्टॉक शुरुआती कारोबार में 20% तक चढ़ गया।
Stock Market: पशु आहार निर्माता कंपनी मुक्का प्रोटीन्स (Mukka Proteins) के शेयरों में गुरुवार (4 दिसंबर) को जोरदार तेजी देखने को मिली। बीएसई पर शुरुआती कारोबार में कंपनी का शेयर 20 फीसदी तक उछल गया। सुबह 11 बजे तक शेयर 2.69 रुपये यानी 10.67 प्रतिशत की बढ़त के साथ 27.90 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। जबकि शुरुआती कारोबार में यह शेयर 30.25 रुपये तक भी पहुंच गया था। इस तेजी के पीछे कंपनी को मिला बड़ा ऑर्डर है, जिसने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया और स्टॉक में मांग बढ़ा दी।
474 करोड़ का बड़ा ऑर्डर
मुक्का प्रोटीन्स ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि हार्दिक गौड़ा और एमएस जथिन इंफ्रा के साथ जॉइंट वेंचर (JV) को बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड (BSWML) से 474 करोड़ रुपये का वर्क ऑर्डर मिला है। इस प्रोजेक्ट के तहत JV मित्तगनहल्ली और कन्नूर लैंडफिल स्थलों पर जमा पुराने लीचेएट (leachate) का उपचार और निपटान करेगा। प्रोजेक्ट चार वर्षों में पूरा होगा या लैंडफिल स्थल पर जमा लीचेएट के पूर्ण उपचार और निपटान तक, जो भी पहले हो, पूरा कर लिया जाएगा।
फाइलिंग में कंपनी ने कहा, "हम आपको सूचित करते हैं कि हार्दिक गौड़ा और एमएस जथिन इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के साथ हमारा जॉइंट वेंचर BSWML से यह ऑर्डर प्राप्त हुआ है। आदेश 3 दिसंबर 2025 को जारी किया गया और इसकी कुल कीमत 4,74,89,14,500 रुपये है। यह काम मित्तगनहल्ली और कन्नूर लैंडफिल स्थलों पर जमा पुराने लीचेएट के उपचार और निपटान से जुड़ा है।"
कंपनी का व्यवसाय मॉडल
मुक्का प्रोटीन्स एक एनिमल प्रोटीन कंपनी है जो मुख्य रूप से फिश मील, फिश ऑयल और फिश सॉल्यूबल पेस्ट का उत्पादन करती है। इसके अलावा कंपनी पशु आहार क्षेत्र में ब्लैक सोल्जर फ्लाई (BSF) कीट मील जैसे वैकल्पिक प्रोटीन भी बनाती है। मुक्का ग्रुप फिशमील उद्योग के अग्रणी समूहों में शामिल है और उसने भारत के शुरुआती स्टीम-स्टरलाइज़्ड फिशमील प्लांट्स में से एक की स्थापना की थी। कंपनी का उद्देश्य पशु आहार उद्योग में सतत और वैकल्पिक प्रोटीन समाधान प्रदान करना है।
शेयर का ऐतिहासिक प्रदर्शन
मुक्का प्रोटीन्स के शेयर 7 मार्च 2024 को शेयर बाजार में लिस्ट हुए थे और उस समय अपर प्राइस बैंड 28 रुपये था। शुरुआती कारोबार में शेयर 40 रुपये के भाव पर खुला था। शेयर ने इसी महीने 43.50 रुपये का 52 वीक्स हाई बनाया था, लेकिन उसके बाद करीब 42 प्रतिशत की गिरावट आई। हाल के आंकड़ों के अनुसार, एक महीने में शेयर 12 फीसदी चढ़ा है, तीन महीने में प्रदर्शन सपाट रहा, जबकि छह महीने में स्टॉक में 9.81 फीसदी की गिरावट आई। सालाना आधार पर शेयर 33.41 फीसदी टूटा है। बीएसई पर कंपनी का मार्केट कैप 837 करोड़ रुपये है।









