मुंबई में 11वीं मंजिल पर भीषण आग, ढाई साल के बच्चे समेत 2 की मौत; 15 लोग छत पर फंसे

महारष्ट्र: मुंबई के विले पार्ले में शांता भवन की 11वीं मंजिल पर भीषण आग लगने से ढाई साल के बच्चे समेत दो लोगों की मौत हो गई है। 15 लोग छत पर फंसे रहे।

मुंबई के विले पार्ले में शांता भवन की 11वीं मंजिल पर मंगलवार रात आग लगने से ढाई साल के बच्चे समेत दो लोगों की मौत हो गई। आठ लोग घायल हुए, जबकि करीब 15 लोग तीन घंटे तक छत पर फंसे रहे।

मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के विले पार्ले इलाके में मंगलवार रात एक रिहायशी इमारत की 11वीं मंजिल पर भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। शांता भवन नाम की इमारत में रात करीब 10 बजे लगी आग में ढाई साल के बच्चे समेत दो लोगों की मौत हो गई। हादसे में आठ लोग घायल हुए हैं। आग लगने के बाद करीब 15 लोग लगभग तीन घंटे तक इमारत की छत पर फंसे रहे, जिन्हें बाद में फायर ब्रिगेड और बचाव टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाला।

शांता भवन की 11वीं मंजिल पर लगी आग

मुंबई के विले पार्ले इलाके में स्थित शांता भवन में मंगलवार रात करीब 10 बजे अचानक आग लग गई। आग इमारत की 11वीं मंजिल पर शुरू हुई और देखते ही देखते फ्लैट के बड़े हिस्से में फैल गई। आग की लपटें और धुआं काफी दूर से दिखाई दे रहा था। घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

मुंबई फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के अनुसार, रात 10:08 बजे आग को शुरुआती तौर पर लेवल-1 की श्रेणी में रखा गया था। हालांकि, आग तेजी से फैलने के कारण करीब आठ मिनट बाद रात 10:16 बजे इसे लेवल-2 की आग घोषित कर दिया गया। इसके बाद दमकल की अतिरिक्त टीमों और अन्य आपातकालीन सेवाओं को मौके पर बुलाया गया।

ढाई साल के बच्चे समेत दो की मौत

इस हादसे में दो लोगों की जान चली गई। नानावटी अस्पताल के मुताबिक, ढाई साल के अबीर और 23 वर्षीय अंकिता को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया। आग लगने के बाद दोनों को बचाने और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

हादसे में आठ अन्य लोग घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। आग की घटना के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इमारत में रहने वाले लोगों और उनके परिजनों के बीच भी काफी देर तक चिंता बनी रही।

करीब तीन घंटे छत पर फंसे रहे 15 लोग

आग लगने के बाद इमारत में मौजूद करीब 15 लोग अपनी जान बचाने के लिए छत पर पहुंच गए। आग और धुएं के कारण उनके लिए नीचे उतरना मुश्किल हो गया था। इसके चलते ये लोग लगभग तीन घंटे तक छत पर फंसे रहे।

फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर पहले आग को नियंत्रित करने की कोशिश की और इसके बाद छत पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद सभी 15 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया। राहत की बात यह रही कि छत पर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

4,000 वर्ग फीट इलाके में फैली आग

अधिकारियों के मुताबिक, आग करीब 4,000 वर्ग फीट के क्षेत्र में फैल गई थी। आग ने इमारत की इलेक्ट्रिकल वायरिंग, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन और एसी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया। इसके अलावा घरेलू सामान भी आग की चपेट में आ गया।

फ्लैट के अंदर रखा सोफा, बेड, फॉल्स सीलिंग और किचन का सामान जल गया। इन चीजों के जलने से आग के साथ धुआं भी तेजी से फैल गया। इसके कारण इमारत में मौजूद लोगों के लिए सुरक्षित तरीके से बाहर निकलना चुनौतीपूर्ण हो गया।

आग दो बिल्डिंग तक पहुंची

बताया गया कि आग एक ही कॉम्प्लेक्स की दो बिल्डिंगों तक फैल गई थी। आग की तेज लपटों के कारण आसपास रहने वाले लोगों में भी डर का माहौल बन गया। घटना की तस्वीरों और वीडियो में इमारत से निकलता धुआं और आग की लपटें साफ दिखाई दीं।

आग की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड, पुलिस, एंबुलेंस सेवा और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। इलाके में बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनी के कर्मचारी और बीएमसी वार्ड का स्टाफ भी बचाव अभियान में शामिल रहा।

फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा

मुंबई फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने के लिए कई स्तरों पर अभियान चलाया। दमकल कर्मियों ने आग को दूसरी जगह फैलने से रोकने के साथ-साथ इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने पर ध्यान दिया।

आग बुझाने के बाद भी दमकलकर्मी काफी देर तक मौके पर मौजूद रहे। इमारत के प्रभावित हिस्सों में कूलिंग ऑपरेशन चलाया गया, ताकि गर्म हुए सामान या किसी अन्य हिस्से से दोबारा आग न भड़क सके। देर रात तक कूलिंग और निगरानी का काम जारी रहा।

आग लगने की वजह अभी साफ नहीं

अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने की वास्तविक वजह अभी सामने नहीं आई है। फिलहाल आग के कारणों की जांच की जा रही है। इलेक्ट्रिकल वायरिंग और इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन आग से प्रभावित हुए हैं, लेकिन आग की शुरुआत किस वजह से हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

प्रशासन की ओर से आग से हुए कुल नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग किस स्थान से शुरू हुई और इतनी तेजी से इमारत के अन्य हिस्सों तक कैसे पहुंची।

हाईराइज बिल्डिंग में आग ने बढ़ाई चिंता

मुंबई जैसे महानगर में बड़ी संख्या में बहुमंजिला रिहायशी इमारतें हैं। ऊंची मंजिलों पर आग लगने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालना दमकल विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। विले पार्ले की इस घटना में भी 11वीं मंजिल पर आग लगने के बाद करीब 15 लोगों को छत पर शरण लेनी पड़ी।

इस घटना ने हाईराइज इमारतों में फायर सेफ्टी, इलेक्ट्रिकल वायरिंग, आपातकालीन निकास और बचाव व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इस मामले में सुरक्षा मानकों में किसी तरह की कमी थी या नहीं, इस पर अधिकारियों की ओर से फिलहाल कोई अंतिम जानकारी नहीं दी गई है।

जांच के बाद सामने आएगा आग का कारण

फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और छत पर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। हादसे में दो लोगों की मौत और आठ लोगों के घायल होने से प्रभावित परिवारों में शोक का माहौल है।

मुंबई फायर ब्रिगेड और संबंधित एजेंसियां घटना की जांच कर रही हैं। आग के कारण हुए नुकसान और इसकी वास्तविक वजह का पता जांच पूरी होने के बाद चल सकेगा। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों की सुरक्षा और इमारत को पूरी तरह सुरक्षित करना है।

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