मुंबई मेयर चुनाव विवाद: संजय राउत का बड़ा आरोप, बोले- 'बीजेपी शिवसेना पार्षदों के फोन करवा रही है टैप'

मुंबई मेयर चुनाव विवाद: संजय राउत का बड़ा आरोप, बोले- 'बीजेपी शिवसेना पार्षदों के फोन करवा रही है टैप'

मुंबई के महापौर पद को लेकर चल रही खींचतान के बीच शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और शिवसेना के नवनिर्वाचित पार्षदों के फोन सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा टैप किए जा रहे हैं। 

मुंबई: मुंबई में महापौर (मेयर) पद को लेकर जारी राजनीतिक खींचतान के बीच महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राउत का दावा है कि बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) के नवनिर्वाचित पार्षदों के फोन सत्तारूढ़ दल द्वारा टैप करवाए जा रहे हैं, ताकि मेयर चुनाव में किसी तरह की टूट-फूट न हो।

संजय राउत ने कहा कि बीजेपी अपने ही पार्षदों पर भरोसा नहीं कर पा रही है, इसलिए उन पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ता ही अपने पार्षदों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। राउत के मुताबिक, मुंबई जैसे महत्वपूर्ण महानगर का महापौर कौन होगा, इसका फैसला दिल्ली से किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र और मुंबई की स्वायत्तता का अपमान है।

दिल्ली से तय हो रहा है मुंबई का मेयर: राउत

संजय राउत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना की विचारधारा से समझौता किया गया है और सत्ता के लिए मुंबई के स्वाभिमान को दांव पर लगाया जा रहा है। राउत का कहना है कि मुंबई का महापौर कौन बनेगा, इसका निर्णय मुंबई और महाराष्ट्र में होना चाहिए, न कि दिल्ली में बैठे नेताओं द्वारा।

हाल ही में हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों में बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) के गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। इस गठबंधन ने ठाकरे परिवार के करीब तीन दशक लंबे वर्चस्व को खत्म कर दिया है।

  • बीजेपी को मिलीं: 89 सीटें
  • शिवसेना (शिंदे गुट) को मिलीं: 29 सीटें

इस जीत के बाद महापौर पद को लेकर रस्साकशी तेज हो गई है। हालांकि बहुमत महायुति (बीजेपी–शिंदे सेना) के पास है, लेकिन यह साफ नहीं हो पाया है कि मेयर का पद किस पार्टी के खाते में जाएगा।

शिंदे गुट ने पार्षदों को होटल में ठहराया

राजनीतिक हलकों में उस वक्त हलचल और बढ़ गई जब शिवसेना (शिंदे गुट) ने अपने सभी 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई के एक आलीशान होटल में ठहराया। पार्टी की ओर से कहा गया कि यह कदम नगर निकाय के कामकाज से जुड़ी कार्यशाला के लिए उठाया गया है, लेकिन विपक्ष इसे संभावित टूट से बचाने की रणनीति बता रहा है।

एकनाथ शिंदे लगातार यह संकेत देते रहे हैं कि मुंबई का अगला मेयर महायुति गठबंधन से होगा। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि अगर शिवसेना को यह पद मिलता है, तो इसे बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी के अवसर पर उनके प्रति सम्मान के रूप में देखा जाना चाहिए।

मेयर चुनाव को लेकर बढ़ती राजनीतिक हलचल के बीच संजय राउत ने मंगलवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे से भी मुलाकात की। इस मुलाकात को मुंबई की राजनीति में संभावित नए समीकरणों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि दोनों नेताओं की बातचीत का आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है।

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