मुजफ्फरपुर में पुलिस ने बिजली तार चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से करीब 1.8 किलोमीटर बिजली का तार बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह महंगे शौक पूरे करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस अब उसके अन्य साथियों और चोरी के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक, लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विशेष निगरानी अभियान चलाया गया था। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर एक व्यक्ति को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उसके पास से बड़ी मात्रा में बिजली का तार बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में यह तार विभिन्न स्थानों से चोरी किया गया बताया जा रहा है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह अपने महंगे शौक और खर्च पूरे करने के लिए बिजली के तार चोरी करता था। पुलिस उसके बयान के आधार पर यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी का सामान किन लोगों को बेचा जाता था और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी रात के समय सुनसान इलाकों और कम आवाजाही वाले स्थानों को चुनता था। इसके बाद बिजली के तार काटकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाता और बाद में कबाड़ी या अन्य माध्यमों से बेचने का प्रयास करता था। हालांकि, पुलिस इन दावों की स्वतंत्र जांच भी कर रही है।
बरामद किए गए 1.8 किलोमीटर बिजली के तार को पुलिस ने जब्त कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या वह पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा है।
पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिजली के तारों की चोरी से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित होती है। इससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और कई बार दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।











