मॉडल स्कूलों में दाखिला लेकर भी नहीं पहुंच रहे बच्चे: घर से दूरी बनी बड़ी वजह

मुजफ्फरपुर के मॉडल स्कूलों में दाखिला लेने के बावजूद कई बच्चे पढ़ाई के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। स्कूलों की घर से अधिक दूरी को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है।
मॉडल स्कूलों में दाखिला लेकर भी नहीं पहुंच रहे बच्चे: घर से दूरी बनी बड़ी वजह
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मुजफ्फरपुर के मॉडल स्कूलों में एक नई समस्या सामने आई है। यहां बड़ी संख्या में बच्चों ने दाखिला तो ले लिया, लेकिन नियमित रूप से स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। शिक्षा विभाग की समीक्षा में पता चला है कि स्कूलों की घर से अधिक दूरी बच्चों की अनुपस्थिति की सबसे बड़ी वजह बन रही है।

जानकारी के अनुसार, कई मॉडल स्कूल ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्थित हैं। ऐसे में छोटे बच्चों को रोजाना लंबी दूरी तय कर स्कूल पहुंचने में परेशानी हो रही है। खासकर बारिश, गर्मी और खराब सड़क व्यवस्था के कारण स्थिति और कठिन हो जाती है।

शिक्षा विभाग बिहार के अधिकारियों ने बताया कि कई स्कूलों में नामांकन अच्छा हुआ है, लेकिन उपस्थिति अपेक्षा के मुताबिक नहीं है। कुछ स्कूलों में आधे से भी कम बच्चे नियमित रूप से कक्षाओं में पहुंच रहे हैं।

अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों को दूर स्कूल भेजना आसान नहीं है। कई गांवों से स्कूल तक सीधी यातायात सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। कुछ बच्चों को पैदल या निजी साधनों से कई किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है।

बिहार सरकार ने मॉडल स्कूलों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं के उद्देश्य से शुरू किया था। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय और प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था की गई है, लेकिन दूरी की समस्या योजना पर असर डाल रही है।

ग्रामीण इलाकों के कई अभिभावकों ने मांग की है कि बच्चों के लिए बस या अन्य परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना है कि यदि सुरक्षित परिवहन मिलेगा तो बच्चों की उपस्थिति बढ़ सकती है।

जिला शिक्षा कार्यालय ने स्कूलों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार, अभिभावकों से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केवल आधुनिक भवन और सुविधाएं पर्याप्त नहीं होतीं। स्कूल तक बच्चों की आसान पहुंच भी उतनी ही जरूरी है। यदि दूरी ज्यादा होगी तो छोटे बच्चों के लिए नियमित पढ़ाई प्रभावित होना स्वाभाविक है।

कुछ जगहों पर छात्र-छात्राओं ने बताया कि सुबह जल्दी निकलने और देर शाम घर लौटने के कारण पढ़ाई के साथ-साथ उनकी दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। गर्मी के मौसम में परेशानी और बढ़ जाती है।

बिहार में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार नई योजनाएं शुरू की जा रही हैं। मॉडल स्कूलों को भविष्य की शिक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, लेकिन जमीनी चुनौतियां अब सामने आने लगी हैं।

सोशल मीडिया पर भी लोग इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं। कई यूजर्स ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर परिवहन और अधिक संख्या में स्कूल खोलने की जरूरत बताई है।

शिक्षा विभाग बिहार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में स्कूलों तक पहुंच आसान बनाने और बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए नई योजनाओं पर विचार किया जा सकता है।

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