16 वर्षीय नाबालिग को शादी का झांसा देकर बार-बार दुष्कर्म करने और गर्भवती करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी माना। पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई हुई और न्यायालय ने कड़ी सजा सुनाई।
Chhattisgarh: अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने 7 दिसंबर 2024 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसके मोहल्ले में रहने वाला कार्तिक जायसवाल (25) पिछले दो साल से उससे प्यार करने और शादी करने की बात कहता था। इसी भरोसे में आकर पीड़िता उसकी बातों में फंस गई।
जुलाई 2024 की एक रात करीब 12 बजे आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने पुराने घर में बुलाया। वहां उसने शादी का वादा करते हुए उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता उस समय सिर्फ 16 साल की थी, जो कानूनन नाबालिग है।
गर्भवती होने पर शादी से किया इनकार

घटना के बाद पीड़िता अपने परिवार के साथ कोरबा चली गई थी। वहां भी आरोपी उसका पीछा करता रहा। जब पीड़िता के माता-पिता काम पर चले जाते थे, तब आरोपी उसके पास पहुंच जाता और शारीरिक संबंध बनाता रहा।
कुछ समय बाद पीड़िता पांच महीने की गर्भवती हो गई। जब उसने आरोपी से शादी की बात कही, तो उसने साफ इनकार कर दिया। आरोपी के इस रवैये से टूट चुकी पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद परिवार ने खरसिया थाने में मामला दर्ज कराया।
कोर्ट का कड़ा फैसला
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच पूरी होने के बाद चालान न्यायालय में पेश किया गया।
एफटीएससी (पॉक्सो) के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र साहू ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने कार्तिक जायसवाल को 20 साल के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर चार महीने की अतिरिक्त सजा भी तय की गई है।










