नालंदा में बिहार बंद और छात्र आंदोलन को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है। 88 स्थानों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि 40 जगह बैरिकेडिंग की गई है।
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बिहार बंद और छात्र आंदोलन के मद्देनजर नालंदा जिले में जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सख्त कर दिया है। शुक्रवार सुबह से ही पूरे जिले में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं। विभिन्न छात्र संगठनों, विशेषकर आइसा (AISA) कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और कई स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार, जिले के 88 संवेदनशील स्थानों पर दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके अलावा 40 प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही और भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सभी महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
आइसा कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस लगातार मौजूद रही और पूरे कार्यक्रम की निगरानी करती रही। प्रशासन का प्रयास रहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार विभिन्न इलाकों का दौरा कर रहे हैं। पुलिस की मोबाइल टीमें शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त कर रही हैं। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैयार रखा गया है।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कई स्थानों पर वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं। बैरिकेडिंग वाले क्षेत्रों में वाहनों की जांच की जा रही है और लोगों से सहयोग की अपील की जा रही है। प्रशासन ने अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या जबरन सड़क और सरकारी कार्य बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि किसी भी स्थान पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल नालंदा जिले में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। जिला प्रशासन लगातार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही। अधिकारियों का कहना है कि बिहार बंद के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा और शांति बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।