विंबलडन में नाओमी ओसाका ने जापानी संस्कृति को सम्मान देते हुए सफेद किमोनो पहनकर कोर्ट पर प्रवेश किया। उन्होंने फ्रांसीसी खिलाड़ी को हराकर पहले दौर में जीत दर्ज की और इसे अपनी विरासत को समर्पित एक खास पल बताया।
विंबलडन 2026: विंबलडन 2026 की शुरुआत के साथ ही टेनिस कोर्ट पर जहां बड़े मुकाबले देखने को मिल रहे हैं, वहीं जापान की स्टार खिलाड़ी और चार बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन नाओमी ओसाका ने अपने फैशन और सांस्कृतिक प्रस्तुति से भी सुर्खियां बटोरी हैं। ऑल इंग्लैंड क्लब में अपने पहले मैच के लिए ओसाका पारंपरिक जापानी परिधान किमोनो में नजर आईं, जिसे उन्होंने पूरी तरह सफेद रंग में चुना ताकि विंबलडन के सख्त ड्रेस कोड का पालन हो सके।
28 वर्षीय ओसाका ने फ्रेंच ओपन में "एफिल टावर एट नाइट" थीम वाली गोल्डन ड्रेस और ऑस्ट्रेलियन ओपन में जेलीफिश से प्रेरित ड्रेस पहनकर पहले ही फैशन की दुनिया में हलचल मचा दी थी। अब विंबलडन में उनका यह किमोनो लुक खेल और संस्कृति के अनोखे संगम के रूप में देखा जा रहा है।
जापानी और हाईटियन विरासत का सुंदर मिश्रण
मैच के बाद नाओमी ओसाका ने बताया कि उनका यह लुक केवल फैशन नहीं बल्कि उनकी पहचान और विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विंबलडन की परंपरा को देखते हुए उनके मन में सफेद रंग और जापानी संस्कृति दोनों का विचार आया। ओसाका ने कहा, "जब मैं विंबलडन के बारे में सोचती हूं, तो मेरे दिमाग में सफेद रंग और परंपरा आती है।
इसके साथ ही मैं अपनी जापानी और हाईटियन संस्कृति के बारे में भी सोचती हूं। उन्होंने आगे बताया कि जापानी संस्कृति में किमोनो सबसे प्रतिष्ठित परिधान है और बिना रंग देखे भी उसकी पहचान की जा सकती है। ओसाका के अनुसार, किमोनो उनकी जड़ों और पहचान का प्रतीक है, जिसे उन्होंने गर्व के साथ पेश किया।
किमोनो लुक के पीछे फिल्म और प्रेरणा का प्रभाव
ओसाका ने यह भी खुलासा किया कि उनके इस खास आउटफिट के पीछे फिल्मों और पॉप कल्चर की भी प्रेरणा है। उन्होंने क्वेंटिन टैरेंटिनो की फिल्म “किल बिल” का जिक्र किया और बताया कि लुसी लियू का सफेद किमोनो वाला किरदार उन्हें बहुत प्रभावित करता है।

उन्होंने कहा, "मैंने जब उस किरदार को देखा था, तभी मुझे लगा था कि यह बहुत शानदार है। वहीं से मेरे इस लुक का विचार धीरे-धीरे विकसित हुआ।"
ओसाका ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल स्टाइल दिखाना नहीं था, बल्कि जापान की संस्कृति के प्रति सम्मान और प्रेम व्यक्त करना भी था।
दर्शकों के बीच ओसाका का आकर्षण और प्रतिक्रिया
क्योंकि ओसाका का यह मैच बाहरी कोर्ट पर खेला गया था, इसलिए उन्हें दर्शकों के बीच से गुजरकर कोर्ट तक पहुंचना पड़ा। इस दौरान कई फैंस उनके किमोनो लुक को देखकर रुक गए और तस्वीरें लेने लगे।
ओसाका ने इस अनुभव को मजेदार बताया। उन्होंने कहा, "मुझे लगा नहीं था कि लोग इतनी उत्सुकता दिखाएंगे। कई लोग देखकर मुड़ गए, कुछ ने तारीफ भी की। यह अनुभव मेरे लिए बहुत मजेदार था।"
विंबलडन में शानदार शुरुआत, लेकिन आगे चुनौती बाकी
मैदान पर ओसाका ने फ्रांस की खिलाड़ी एल्सा जैक्वेमोट को 6-1, 7-5 से हराकर टूर्नामेंट की मजबूत शुरुआत की। यह जीत उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही, खासकर तब जब वह हाल के वर्षों में मातृत्व के बाद वापसी कर रही हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फैशन और प्रदर्शन दोनों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं है। ओसाका ने कहा कि कभी-कभी ऐसे आकर्षक आउटफिट उन्हें अतिरिक्त दबाव भी देते हैं, क्योंकि वे चाहती हैं कि वह अच्छा प्रदर्शन करें ताकि आगे भी ऐसे खास परिधान पहन सकें।
खेल और फैशन के बीच बढ़ता संबंध
ओसाका के अनुसार, आधुनिक खेल अब सिर्फ प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह फैशन और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का भी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी की अपनी अलग शैली होती है और वे इसे अपने तरीके से दिखाते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें अक्सर लॉकर रूम में साथी खिलाड़ियों से उनके आउटफिट्स पर सवाल मिलते हैं, जिससे यह साफ है कि फैशन अब टेनिस संस्कृति का हिस्सा बन चुका है।
विंबलडन में आगे की राह और उम्मीदें
नाओमी ओसाका ने पिछले साल यूएस ओपन में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था और अब वह धीरे-धीरे अपनी पुरानी फॉर्म में लौट रही हैं। हालांकि, विंबलडन में अब तक उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तीसरे दौर तक ही रहा है। उन्होंने कहा कि वह आगे के मैचों में भी अपने खेल और स्टाइल दोनों को संतुलित रखने की कोशिश करेंगी, लेकिन मुख्य फोकस हमेशा जीत पर रहेगा।












