उत्तराखंड में भारी बारिश का येलो अलर्ट, पौड़ी-बागेश्वर समेत कई जिलों में बारिश के आसार

उत्तराखंड के पौड़ी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी। कई जिलों में तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तराखंड के पौड़ी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कई अन्य जिलों में भी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई है।

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता से पहले मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने पौड़ी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि अगले दो दिनों में मानसून के और सक्रिय होने के संकेत हैं।

पर्वतीय जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

उत्तराखंड में मौसम लगातार करवट ले रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने पौड़ी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही राज्य के अन्य कई जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के अनुसार हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर के कुछ इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बुधवार को भी देहरादून और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है, जिससे स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मानसून की रफ्तार धीमी, गर्मी और उमस बरकरार

इस वर्ष उत्तराखंड में मानसून की प्रगति सामान्य से धीमी रही है। इसके चलते कई इलाकों में तापमान अपेक्षाकृत अधिक बना हुआ है और लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। देहरादून में सोमवार को अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही के बीच दोपहर बाद कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई, जिससे कुछ समय के लिए राहत मिली, लेकिन शाम होते-होते उमस फिर बढ़ गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में मानसून प्रदेश के अधिक हिस्सों में सक्रिय हो सकता है।

मानसून से पहले नगर निगम की तैयारियां तेज

बारिश के मौसम को देखते हुए देहरादून नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर में नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि भारी बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को कम किया जा सके। नगर निगम का कहना है कि संभावित प्रभावित इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

हालांकि, हर साल की तरह इस बार भी कई शहरों और कस्बों में जल निकासी व्यवस्था चुनौती बनी हुई है। बारिश के दौरान नालों का ओवरफ्लो होना और सड़कों पर जलभराव की स्थिति प्रशासन के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के आसपास सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

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