नौहीद साइरूसी का दर्द छलका, दो मिसकैरेज के बाद मां न बन पाने पर बताया जीवन का नया मकसद

अभिनेत्री Nauheed Cyrusi ने अपनी जिंदगी के मुश्किल दौर को याद करते हुए बताया कि वह दो बार मिसकैरेज के दर्द से गुजरीं। मां बनने की इच्छा पूरी न होने के बाद

अभिनेत्री Nauheed Cyrusi ने हाल ही में अपनी जिंदगी के एक बेहद मुश्किल दौर को याद किया। उन्होंने बताया कि उन्हें दो बार मिसकैरेज का दर्द झेलना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने अपने जीवन के उद्देश्य और प्राथमिकताओं पर दोबारा विचार किया। 

एंटरटेनमेंट न्यूज़: फिल्म और टेलीविजन अभिनेत्री नौहीद साइरूसी ने हाल ही में अपनी निजी जिंदगी के एक बेहद संवेदनशील अध्याय को साझा किया। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्होंने खुलासा किया कि वह दो बार गर्भपात (मिसकैरेज) के दर्द से गुजरी हैं। इस कठिन अनुभव ने न केवल उनकी जिंदगी को प्रभावित किया, बल्कि उन्हें अपने जीवन के उद्देश्य और प्राथमिकताओं पर दोबारा विचार करने के लिए भी प्रेरित किया।

अभिनेत्री ने बताया कि मातृत्व का सपना पूरा न हो पाने के बावजूद उन्होंने जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने का प्रयास किया और अपने जीवन का नया उद्देश्य तलाशा।

शादी के बाद शुरू हुआ मातृत्व का सफर

नौहीद साइरूसी ने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2017 में हुई थी। शादी के एक साल बाद वह पहली बार गर्भवती हुईं। परिवार में खुशियों का माहौल था और वह अपने जीवन के एक नए चरण की तैयारी कर रही थीं। हालांकि, गर्भावस्था के तीसरे महीने में उन्हें एक बड़ा झटका लगा। उन्होंने बताया कि नियमित जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि गर्भ में पल रहे शिशु की धड़कन बंद हो चुकी है। 

यह खबर उनके और उनके परिवार के लिए बेहद भावनात्मक और दर्दनाक थी। अभिनेत्री ने कहा कि उस समय इस स्थिति को स्वीकार करना उनके लिए आसान नहीं था।

कोविड-19 के दौरान दूसरा मिसकैरेज

पहले गर्भपात के बाद भी नौहीद और उनके पति ने उम्मीद नहीं छोड़ी। कुछ समय बाद कोविड-19 महामारी के दौरान वह दूसरी बार गर्भवती हुईं। लेकिन दुर्भाग्यवश इस बार भी उन्हें वही दर्द झेलना पड़ा और गर्भावस्था सफल नहीं हो सकी। नौहीद ने कहा कि लगातार दो बार ऐसी स्थिति का सामना करना उनके लिए मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। हालांकि, इसी दौरान उन्होंने अपने जीवन के उद्देश्य को नए तरीके से समझने की कोशिश शुरू की।

“जीवन का मकसद केवल माता-पिता बनना नहीं”

अपने अनुभव साझा करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि इस कठिन दौर के बाद उन्होंने महसूस किया कि जीवन का उद्देश्य केवल माता-पिता बनना ही नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन एक अलग दिशा और जिम्मेदारी के साथ जुड़ा होता है। नौहीद के अनुसार, उन्होंने और उनके पति ने इस बात पर विचार किया कि शायद उनका जीवन किसी और महत्वपूर्ण कार्य के लिए है। इसी सोच ने उन्हें समाज और विशेष रूप से पशु कल्याण के क्षेत्र में काम करने की प्रेरणा दी।

अभिनेत्री ने बताया कि वह और उनके पति लंबे समय से पशुओं की देखभाल और उनके संरक्षण से जुड़े कार्यों में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि कई ऐसे जानवर हैं जिन्हें सहायता, सुरक्षा और देखभाल की जरूरत होती है, और उन्होंने अपना समय तथा ऊर्जा इसी दिशा में लगाने का फैसला किया। नौहीद ने यह भी बताया कि वे बिना किसी प्रचार या सार्वजनिक चर्चा के पशु कल्याण से जुड़े कई कार्य करते रहे हैं। उनका मानना है कि जरूरतमंद जीवों की मदद करना उनके जीवन को एक नया अर्थ देता है।

आईवीएफ न कराने के फैसले पर भी की बात

वीडियो में नौहीद साइरूसी ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) जैसी चिकित्सा प्रक्रिया अपनाने का फैसला नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह उनका व्यक्तिगत निर्णय था। अभिनेत्री के अनुसार, उनका मानना था कि यदि उनके जीवन में संतान का सुख लिखा होगा तो वह स्वाभाविक रूप से मिलेगा। 

इसी सोच के चलते उन्होंने वैकल्पिक चिकित्सा प्रक्रियाओं का रास्ता नहीं चुना। उन्होंने यह भी कहा कि मातृत्व और परिवार से जुड़े फैसले हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकते हैं और उनका सम्मान किया जाना चाहिए।

अभिनय करियर में बनाई अलग पहचान

नौहीद साइरूसी भारतीय फिल्म और टेलीविजन उद्योग का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने वर्ष 2003 में फिल्म सुपारी से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह इंतहा, अनवर, भूतनाथ और लाइफ में कभी-कभी जैसी फिल्मों में नजर आईं। फिल्मों के अलावा उन्होंने लोकप्रिय टेलीविजन शो हिप हिप हुर्रे में भी काम किया, जिससे उन्हें दर्शकों के बीच पहचान मिली। अपने अभिनय करियर के दौरान उन्होंने कई तरह की भूमिकाएं निभाईं और मनोरंजन जगत में अपनी अलग जगह बनाई।

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