राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर अमारा अस्पताल की अनूठी पहल, सेमिनार और 5K वॉकाथॉन से लोगों को किया जागरूक

राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर तिरुपति के अमारा अस्पताल ने सेमिनार और 5K वॉकाथॉन आयोजित कर अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाई। 700 से अधिक लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया

राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर तिरुपति के अमारा अस्पताल ने अंगदान जागरूकता सेमिनार और 5 किलोमीटर वॉकाथॉन आयोजित की। कार्यक्रम में 700 से अधिक लोगों ने भाग लेकर अंगदान के महत्व को समझने और अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

तिरुपति: राष्ट्रीय अंगदान दिवस के अवसर पर आंध्र प्रदेश के तिरुपति स्थित अमारा अस्पताल ने समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में अंगदान जागरूकता सेमिनार और 5 किलोमीटर वॉकाथॉन का आयोजन किया गया, जिसमें 700 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को अंगदान के महत्व से अवगत कराना, इससे जुड़े भ्रमों को दूर करना और अधिक से अधिक नागरिकों को अंगदान के लिए प्रेरित करना था। आयोजन में डॉक्टरों, छात्रों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

डॉक्टरों ने बताया अंगदान का महत्व

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमारा अस्पताल की नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. शिवा पार्वती ने कहा कि अंगदान मानवता की सबसे महान सेवाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके स्वस्थ अंग कई गंभीर रूप से बीमार मरीजों को नया जीवन दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि हृदय, यकृत (लिवर), किडनी, आंखें और अन्य महत्वपूर्ण अंग दान कर कई लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। 

उनके अनुसार अंगदान केवल चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक अमूल्य योगदान है। डॉ. शिवा पार्वती ने सभी लोगों से अंगदान के बारे में सही जानकारी प्राप्त करने और स्वैच्छिक रूप से अंगदाता के रूप में पंजीकरण कराने की अपील की। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान "अंगदान – जीवन का सबसे महान उपहार" का संदेश भी दिया।

अंगदान से कई मरीजों को मिलता है नया जीवन

विशेषज्ञों ने बताया कि दुनिया भर में लाखों मरीज ऐसे हैं जो किडनी, लिवर, हृदय या अन्य अंगों के प्रत्यारोपण का इंतजार कर रहे हैं। अंगों की कमी के कारण अनेक मरीज समय पर उपचार नहीं प्राप्त कर पाते। यदि अधिक लोग अंगदान के लिए आगे आएं तो प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा सूची कम हो सकती है और हजारों लोगों को नया जीवन मिल सकता है। चिकित्सकों ने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाना इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।

5K वॉकाथॉन से दिया जागरूकता का संदेश

सेमिनार के साथ आयोजित 5 किलोमीटर वॉकाथॉन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। प्रतिभागियों ने अंगदान के समर्थन में संदेश लिखी तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाया। वॉकाथॉन का उद्देश्य लोगों को यह समझाना था कि एक व्यक्ति का अंगदान कई परिवारों के जीवन में नई उम्मीद ला सकता है। इस दौरान प्रतिभागियों ने अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

700 से अधिक लोगों ने की भागीदारी

अस्पताल के अनुसार कार्यक्रम में 700 से अधिक लोगों ने भाग लिया। इसमें छात्र, शिक्षाविद, स्वास्थ्यकर्मी, स्वयंसेवी संगठन और स्थानीय नागरिक शामिल रहे। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाया।

विशेषज्ञों ने दूर किए अंगदान से जुड़े भ्रम

कार्यक्रम के दौरान डॉक्टरों ने अंगदान से जुड़े कई सामान्य प्रश्नों और भ्रांतियों का भी समाधान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंगदान पूरी तरह वैज्ञानिक, कानूनी और नैतिक प्रक्रिया है तथा इसे निर्धारित चिकित्सा मानकों के अनुसार ही किया जाता है। विशेषज्ञों ने कहा कि सही जानकारी के अभाव में कई लोग अंगदान को लेकर संकोच करते हैं। इसलिए जागरूकता अभियान समाज में विश्वास बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

गंभीर देखभाल विभाग की भी रही भागीदारी

कार्यक्रम में अमारा अस्पताल के क्रिटिकल केयर विभाग की डॉ. राधिका सहित कई वरिष्ठ चिकित्सकों ने भाग लिया। उन्होंने गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उपचार में अंग प्रत्यारोपण की भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉक्टरों ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने अंग प्रत्यारोपण को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाया है, जिससे हजारों मरीज सामान्य जीवन जीने में सक्षम हो रहे हैं।

अस्पताल की ओर से सामुदायिक पहल

अमारा अस्पताल के मार्केटिंग विभाग द्वारा इस पूरे कार्यक्रम का समन्वय किया गया। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं केवल उपचार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाना भी चिकित्सा संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अस्पताल ने भविष्य में भी अंगदान, स्वास्थ्य जांच और जनजागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।

अंगदान क्यों है महत्वपूर्ण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मृत्यु के बाद दान किए गए अंग कई मरीजों के लिए जीवनदायी साबित हो सकते हैं। एक व्यक्ति का अंगदान अनेक लोगों को नया जीवन देने में सक्षम होता है। विश्वभर में अंगों की मांग उपलब्धता की तुलना में कहीं अधिक है। इसलिए सरकारें, अस्पताल और स्वास्थ्य संगठन लगातार लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित करने वाले अभियान चला रहे हैं।

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