नवलगढ़ पंचायत समिति का प्रधान पद इस बार अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित किया गया है। बुधवार को पंचायत समिति सदस्य वार्डों की लॉटरी भी हुई। 17 वार्डों में आरक्षण तय हुआ। अब 24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंचों की लॉटरी होगी।
नवलगढ़: पंचायत समिति में इस बार प्रधान पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित किया गया है। पंचायत राज चुनाव 2026 की तैयारियों के बीच बुधवार को जिला मुख्यालय पर आरक्षण निर्धारण के लिए लॉटरी निकाली गई। इसके साथ ही पंचायत समिति सदस्यों के वार्डों का आरक्षण भी तय कर दिया गया। राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव की तैयारियों के तहत 23 और 24 सितंबर को आरक्षण की प्रक्रिया आयोजित की जा रही है।
पिछली बार से बदला प्रधान पद का आरक्षण
नवलगढ़ पंचायत समिति के प्रधान पद पर इस बार अनारक्षित महिला वर्ग के लिए आरक्षण तय हुआ है। पिछली बार यह पद अनारक्षित ओपन श्रेणी में था। आरक्षण की नई स्थिति सामने आने के बाद अब प्रधान पद के संभावित दावेदारों और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना है।
आरक्षण लॉटरी के जरिए तय होने के कारण अब महिला उम्मीदवारों के लिए प्रधान पद पर चुनाव लड़ने का रास्ता खुल गया है। वहीं पिछली बार अनारक्षित ओपन श्रेणी में चुनावी तैयारी कर रहे पुरुष दावेदारों को इस बार अलग विकल्प तलाशना पड़ सकता है।
जिले की अन्य पंचायत समितियों के प्रधान पदों का आरक्षण भी इसी प्रक्रिया में तय किया गया है। झुंझुनूं जिले में कुल 14 पंचायत समितियों के प्रधान पदों, जिला परिषद के 41 सदस्य पदों और पंचायत समिति के 248 वार्ड सदस्य पदों का आरक्षण बुधवार को निर्धारित किया गया।
पंचायत समिति के 17 वार्डों का आरक्षण तय
नवलगढ़ पंचायत समिति के पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए भी वार्डवार आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। उपलब्ध सूची के अनुसार कुल 17 वार्डों में अलग-अलग श्रेणियों के लिए आरक्षण निर्धारित किया गया है।
वार्डवार स्थिति इस प्रकार है:
आरक्षण श्रेणी वार्ड संख्या कुल वार्ड
अनारक्षित ओपन 8, 11, 13, 14, 16 5- अनारक्षित महिला 3, 5, 6, 10, 12, 15 6
- ओबीसी ओपन 7, 17 2
- ओबीसी महिला 4 1
- अनुसूचित जाति (SC) ओपन 2, 9 2
- अनुसूचित जाति (SC) महिला 1 1
- अनुसूचित जनजाति (ST) ओपन कोई नहीं 0
- अनुसूचित जनजाति (ST) महिला कोई नहीं 0
इस तरह नवलगढ़ पंचायत समिति के 17 वार्डों में 6 वार्ड अनारक्षित महिला, 5 अनारक्षित ओपन, 2 ओबीसी ओपन, 1 ओबीसी महिला, 2 एससी ओपन और 1 एससी महिला के लिए आरक्षित किया गया है। एसटी वर्ग के लिए इस बार कोई वार्ड आरक्षित नहीं हुआ है।
आरक्षण के बाद बदलेगा चुनावी समीकरण
वार्डों का आरक्षण तय होने के बाद स्थानीय स्तर पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों के समीकरण बदलना स्वाभाविक है। जिन वार्डों पर सामान्य वर्ग के उम्मीदवार चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे, उनमें से कुछ महिला या अन्य आरक्षित श्रेणी में चले गए हैं।
इसी तरह पहले से आरक्षित रहे किसी वार्ड का आरक्षण इस बार बदल सकता है। पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण व्यवस्था में रोटेशन का प्रावधान होने के कारण प्रत्येक चुनाव में सीटों का वर्गीकरण पहले की स्थिति से अलग हो सकता है।
रोटेशन से तय होता है आरक्षण
पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण का निर्धारण रोटेशन व्यवस्था के तहत किया जाता है। इसका मतलब है कि किसी पंचायत समिति, वार्ड या अन्य पद पर पिछली बार जो आरक्षण था, वह जरूरी नहीं कि अगले चुनाव में भी वही रहे।
नवलगढ़ में भी इस बार इसी प्रक्रिया के तहत प्रधान पद और पंचायत समिति सदस्य वार्डों का आरक्षण निर्धारित किया गया है। इसलिए पिछले चुनाव में किसी वार्ड के आरक्षित होने के आधार पर इस बार की स्थिति का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
रोटेशन व्यवस्था का उद्देश्य विभिन्न चुनावों में आरक्षित श्रेणियों को अलग-अलग क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व का अवसर उपलब्ध कराना है। स्थानीय चुनावों में इसका सीधा असर उम्मीदवारों की पात्रता और चुनावी रणनीति पर पड़ता है।
अब ग्राम पंचायतों में सरपंच-पंचों की लॉटरी
जिला स्तर पर प्रधान और पंचायत समिति सदस्य पदों की आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब ग्राम पंचायत स्तर की प्रक्रिया होगी। सरपंच और वार्ड पंच पदों के आरक्षण की लॉटरी 24 सितंबर को एसडीएम कार्यालय में निकाली जाएगी।
प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस प्रक्रिया के बाद नवलगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण की तस्वीर भी स्पष्ट हो जाएगी।
राज्यभर में भी 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर ग्राम पंचायतों के सरपंच और वार्ड पंच पदों के आरक्षण की प्रक्रिया निर्धारित है।
पहले 17 और 18 सितंबर को होनी थी प्रक्रिया
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 2026 के लिए आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पहले 17 और 18 सितंबर को प्रस्तावित थी। बाद में इसे स्थगित कर नई तारीख 23 और 24 सितंबर निर्धारित की गई।
रिपोर्टों के अनुसार, शहरी स्थानीय निकाय चुनाव से जुड़ी प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण पंचायती राज आरक्षण की प्रक्रिया के कार्यक्रम में बदलाव किया गया था। अब 23 सितंबर को जिला स्तर पर जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति प्रधान और पंचायत समिति सदस्य पदों के आरक्षण की प्रक्रिया की गई, जबकि 24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए लॉटरी आयोजित की जा रही है।
आरक्षण लॉटरी के बाद चुनाव कार्यक्रम का इंतजार
आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब पंचायती राज चुनाव 2026 की औपचारिक घोषणा का इंतजार है। हालांकि, केवल आरक्षण लॉटरी पूरी हो जाने से चुनाव की तारीख घोषित नहीं हो जाती। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अलग से चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
नवलगढ़ सहित राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में आरक्षण प्रक्रिया को चुनावी तैयारियों का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। प्रधान पद, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच और वार्ड पंच के आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद संभावित उम्मीदवार अब अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी तैयारी तेज कर सकेंगे।
नवलगढ़ पंचायत समिति के लिए इस बार प्रधान पद का अनारक्षित महिला वर्ग में जाना विशेष रूप से महत्वपूर्ण बदलाव है। वहीं 17 पंचायत समिति वार्डों का नया आरक्षण भी उम्मीदवारों की पात्रता और स्थानीय चुनावी समीकरणों को प्रभावित करेगा।
अब 24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंचों की लॉटरी पूरी होने के बाद नवलगढ़ की ग्राम पंचायतों में भी आरक्षण की तस्वीर साफ हो जाएगी। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायती राज चुनावों का कार्यक्रम जारी किए जाने की उम्मीद है।









