NEET री-एग्जाम में बड़ा खुलासा AIIMS से PMCH तक के छात्र बने सॉल्वर, 6 राज्यों के मेडिकल कॉलेजों से हायर किए गए स्टूडेंट

NEET री-एग्जाम में सॉल्वर गैंग का बड़ा खुलासा। AIIMS और PMCH समेत 6 राज्यों के मेडिकल कॉलेजों के छात्रों को 15-20 लाख रुपये का ऑफर दिया गया।
NEET री-एग्जाम में बड़ा खुलासा AIIMS से PMCH तक के छात्र बने सॉल्वर, 6 राज्यों के मेडिकल कॉलेजों से हायर किए गए स्टूडेंट
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पटना। NEET री-एग्जाम में सॉल्वर गैंग से जुड़े मामले में जांच एजेंसियों को बड़ा सुराग मिला है। जांच में सामने आया है कि देश के कई प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में सॉल्वर के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश की गई। इनमें All India Institute of Medical Sciences (AIIMS), Patna Medical College and Hospital (PMCH) समेत मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान और हरियाणा के मेडिकल कॉलेजों के छात्र शामिल होने की बात सामने आई है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, सॉल्वर गैंग ने मेडिकल छात्रों को परीक्षा में बैठने या अभ्यर्थियों की मदद करने के लिए 15 से 20 लाख रुपये तक का ऑफर दिया था। कुछ छात्रों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया, जबकि कई मामलों में एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर कितने छात्र इस नेटवर्क से जुड़े थे।

सूत्रों के मुताबिक, गिरोह सोशल मीडिया, कोचिंग नेटवर्क और निजी संपर्कों के जरिए मेडिकल छात्रों तक पहुंचता था। उन्हें परीक्षा केंद्रों पर दूसरे अभ्यर्थियों की जगह बैठने या तकनीकी तरीकों से उत्तर उपलब्ध कराने का लालच दिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि सॉल्वर गैंग ने अलग-अलग राज्यों में अपना नेटवर्क फैला रखा था।

इस मामले में अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस और जांच एजेंसियां गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह का मास्टरमाइंड कौन है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है। डिजिटल डिवाइस, बैंक खातों और कॉल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक किसी विशेष मेडिकल संस्थान के सभी छात्रों पर आरोप नहीं लगाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि केवल उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलेंगे। AIIMS, PMCH या अन्य संस्थानों की ओर से भी मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

इस खुलासे के बाद NEET परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में इस तरह की गड़बड़ियां रोकने के लिए तकनीकी निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा को और मजबूत करना होगा।

फिलहाल मामले की जांच जारी है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सॉल्वर गैंग का नेटवर्क कितना बड़ा था, कितने छात्रों को ऑफर दिया गया और परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश किस स्तर तक की गई। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

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