NEET री-एग्जाम से पहले असम सरकार अलर्ट, CM हिमंत बिस्वा सरमा ने की तैयारियों की समीक्षा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा के निर्देश दिए।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को परीक्षा निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से कराने के निर्देश दिए तथा किसी भी अनियमितता को रोकने पर जोर दिया।

गुवाहटी: असम सरकार ने 21 जून को आयोजित होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या सुरक्षा चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET-UG लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है। ऐसे में पुनर्परीक्षा के आयोजन को लेकर प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है ताकि अभ्यर्थियों का विश्वास कायम रखा जा सके और परीक्षा की विश्वसनीयता पर कोई सवाल न उठे।

मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

गुवाहाटी में आयोजित समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग, पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पुनर्परीक्षा के दौरान सुरक्षा, गोपनीयता और संचालन से जुड़े सभी मानकों का सख्ती से पालन हो।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। बैठक में विभिन्न जिलों में परीक्षा केंद्रों की तैयारियों, प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन, उम्मीदवारों के प्रवेश प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रतिस्पर्धी परीक्षा की सफलता केवल उसके आयोजन से नहीं, बल्कि उसकी निष्पक्षता और पारदर्शिता से तय होती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी व्यवस्थाएं ऐसी हों जिससे प्रत्येक अभ्यर्थी को समान अवसर मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखना बेहद आवश्यक है। यदि छात्र और अभिभावक परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा करते हैं, तभी उसकी विश्वसनीयता बनी रह सकती है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने इस बार अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा उपाय लागू करने का निर्णय लिया है।

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की तैयारी

बैठक के दौरान परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि परीक्षा स्थलों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएं और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास भी सुरक्षा घेरा मजबूत करने की योजना बनाई गई है।

प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि परीक्षा के दौरान किसी बाहरी हस्तक्षेप, नकल या तकनीकी धोखाधड़ी की संभावना पूरी तरह समाप्त हो। रकार ने यह भी संकेत दिया कि आधुनिक निगरानी प्रणालियों और डिजिटल सुरक्षा उपायों का उपयोग कर परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा।

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परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर

हाल के वर्षों में भारत में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर पारदर्शिता और सुरक्षा संबंधी बहस तेज हुई है। ऐसे माहौल में असम सरकार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने को लेकर अतिरिक्त सतर्क नजर आ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने हमेशा परीक्षा आयोजन के दौरान सख्त मानकों का पालन किया है और इस बार भी किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की निगरानी की जाए ताकि किसी भी संभावित खामी को पहले ही दूर किया जा सके। उनके अनुसार, परीक्षा से जुड़े सभी विभागों के बीच समन्वय और त्वरित निर्णय प्रक्रिया को मजबूत बनाना भी आवश्यक है।

छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी उम्मीदें

पुनर्परीक्षा की घोषणा के बाद हजारों छात्र और उनके अभिभावक परीक्षा को लेकर तैयारियों में जुटे हुए हैं। कई उम्मीदवारों के लिए यह परीक्षा मेडिकल शिक्षा में प्रवेश का महत्वपूर्ण अवसर है। इसलिए वे चाहते हैं कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष वातावरण में आयोजित हो।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासनिक स्तर पर समय रहते की गई ऐसी समीक्षाएं परीक्षा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाती हैं। इससे न केवल संभावित चुनौतियों की पहचान होती है, बल्कि उम्मीदवारों में भी विश्वास पैदा होता है कि उनकी मेहनत का मूल्यांकन निष्पक्ष तरीके से होगा।

परीक्षा केंद्रों पर विशेष व्यवस्थाएं

अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के प्रवेश और सत्यापन की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है। उम्मीदवारों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

प्रशासन यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि परीक्षा के दिन भीड़भाड़, अव्यवस्था या किसी प्रकार की तकनीकी समस्या न हो। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। परीक्षा केंद्रों पर चिकित्सा सहायता, आपातकालीन सेवाएं और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था भी मजबूत करने पर विचार किया गया है ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा सुरक्षा को लेकर बढ़ी जागरूकता

भारत में उच्च शिक्षा और पेशेवर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षाओं का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में परीक्षा सुरक्षा और पारदर्शिता राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण विषय बन चुकी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल तकनीकी व्यवस्थाएं ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और निरंतर निगरानी भी परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। असम सरकार द्वारा की गई यह समीक्षा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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