NEET-UG पेपर लीक केस में बड़ी कार्रवाई: महाराष्ट्र के कोचिंग डायरेक्टर गिरफ्तार

NEET UG पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र के कोचिंग डायरेक्टर की गिरफ्तारी से बड़ा खुलासा हुआ है। CBI ने लीक पेपर, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत बरामद किए।

NEET पेपर लीक मामले में CBI ने महाराष्ट्र के केमिस्ट्री कोचिंग डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। जांच में मोबाइल से लीक पेपर मिला है और कई सबूत बरामद हुए हैं। अब तक इस केस में 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

दिल्ली/मुंबई: देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक प्रमुख कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में अब तक कुल 10 लोगों को हिरासत में लिया है, जिससे यह मामला और अधिक गंभीर हो गया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर के रूप में हुई है, जो लातूर सहित कई जिलों में संचालित एक केमिस्ट्री कोचिंग सेंटर के प्रमुख हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, यह गिरफ्तारी एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा है, जो कथित रूप से परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी लीक करने में शामिल था।

मोबाइल फोन से मिला लीक पेपर, जांच में बड़ा खुलासा

CBI के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन की जांच के दौरान NEET-UG परीक्षा का लीक पेपर बरामद किया गया है। यह खुलासा रविवार को की गई तलाशी के दौरान हुआ, जिसमें कई डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए।

एजेंसी का दावा है कि आरोपी ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर 23 अप्रैल को ही परीक्षा से संबंधित प्रश्न और उत्तर प्राप्त कर लिए थे, जिन्हें बाद में कई छात्रों तक पहुंचाया गया।

यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक संगठित रैकेट के रूप में देखा जा रहा है।

कोचिंग सेंटर पर छापेमारी, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त

CBI ने लातूर स्थित आरोपी के मुख्य कोचिंग सेंटर पर भी छापेमारी की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध रिकॉर्ड जब्त किए गए।

जांच एजेंसी का मानना है कि कोचिंग सेंटर का उपयोग छात्रों को लीक प्रश्न उपलब्ध कराने के लिए किया गया था। साथ ही कुछ डॉक्टरों और अभ्यर्थियों द्वारा भी कथित रूप से इस लीक नेटवर्क से लाभ उठाने की बात सामने आई है।

100 करोड़ के टर्नओवर वाले नेटवर्क पर शक

सूत्रों के अनुसार, संबंधित कोचिंग संस्थान का कारोबार लगभग 100 करोड़ रुपये के आसपास बताया जा रहा है। एजेंसियों को संदेह है कि इस बड़े नेटवर्क का उपयोग परीक्षा में गड़बड़ी फैलाने के लिए किया गया।

लातूर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित इस नेटवर्क में कई जिलों तक फैले कोचिंग सेंटर शामिल हैं, जिससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।

अब तक 10 गिरफ्तार, महाराष्ट्र से सबसे ज्यादा आरोपी

NEET-UG पेपर लीक मामले में अब तक कुल 10 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें से अधिकांश आरोपी महाराष्ट्र राज्य से जुड़े हैं। CBI का कहना है कि यह नेटवर्क विभिन्न राज्यों में फैला हुआ है और इसमें कई स्तरों पर लोग शामिल हैं।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि लीक हुए प्रश्नपत्र किस स्तर से बाहर आए और उन्हें छात्रों तक कैसे पहुंचाया गया।

NTA में प्रशासनिक बदलाव, 4 नए अधिकारियों की नियुक्ति

इस पूरे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में प्रशासनिक फेरबदल किया है। दो IRS अधिकारियों सहित चार नए अधिकारियों को नियुक्त किया गया है।

यह कदम परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और सवालों की बौछार

इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। विपक्षी नेताओं ने परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और सरकार से जवाब मांगा है कि बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं।

इस मुद्दे ने देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि NEET जैसी परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है।

जांच में सामने आए अन्य नाम और नेटवर्क

CBI की जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ अन्य व्यक्ति भी इस रैकेट में शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ कोचिंग से जुड़े लोग और पूर्व परीक्षा पैनल सदस्य भी जांच के दायरे में हैं।

जांच एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या परीक्षा से पहले विशेष कक्षाओं के माध्यम से छात्रों को लीक प्रश्न हल करवाए गए थे।

परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल

NEET-UG जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक की घटना ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा होता है, ऐसे में किसी भी प्रकार की अनियमितता पूरे सिस्टम पर भरोसा कम करती है।

NEET-UG परीक्षा रद्द, री-एग्जाम की तैयारी

NEET-UG परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर लगभग 23 लाख छात्रों ने भाग लिया था।

जांच में अनियमितताओं की पुष्टि के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और पुनः परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय से छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

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