NEET UG परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में “कुछ चूक” हुई है और सरकार इसे स्वीकार करती है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की पूरी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है ताकि दोषियों तक पहुंचा जा सके।
नई दिल्ली: शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों के हितों की रक्षा करना और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
3 मई को हुई परीक्षा, 7 मई को सामने आई गड़बड़ी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि NEET UG परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। 7 मई को यह जानकारी सामने आई कि कुछ “गेस पेपर” से जुड़े प्रश्न असली प्रश्नों से मिलते-जुलते हैं।
इसके बाद 2-3 दिनों में यह स्पष्ट हो गया कि प्रश्न पत्र लीक होने की संभावना है। स्थिति गंभीर होते ही सरकार ने जांच एजेंसियों को अलर्ट किया और राज्य स्तरीय एजेंसियों से भी संपर्क किया गया।
21 जून को दोबारा होगी NEET UG परीक्षा
शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि NEET UG परीक्षा अब 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य छात्रों को बिना किसी डर और भ्रम के परीक्षा देने का अवसर देना है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस बार सरकार की नीति “जीरो टॉलरेंस” की होगी और परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की गड़बड़ी को पूरी गंभीरता से लिया जाएगा।
छात्रों पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त आर्थिक बोझ
धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों को राहत देते हुए कहा कि दोबारा परीक्षा के लिए किसी भी अभ्यर्थी से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि छात्रों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
इसके अलावा छात्रों को अपने पसंदीदा परीक्षा शहर चुनने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा, ताकि उन्हें सुविधा मिल सके।

परीक्षा प्रक्रिया में किए गए नए बदलाव
शिक्षा मंत्री ने परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कई सुधारों की भी घोषणा की।
प्रमुख बदलाव:
- परीक्षा के दौरान अतिरिक्त 15 मिनट का समय दिया जाएगा
- परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से 5:15 बजे तक रहेगा
- सभी अभ्यर्थियों को 14 जून तक नए एडमिट कार्ड जारी कर दिए जाएंगे
- यात्रा और लॉजिस्टिक समस्याओं को कम करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी
- खराब मौसम की स्थिति के लिए वैकल्पिक योजना तैयार की जाएगी
अफवाहों से बचें, छात्रों पर असर न पड़े
धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाकर छात्रों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार और NTA का लक्ष्य परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।
CBI करेगी पूरे मामले की गहराई से जांच
सरकार ने इस मामले की जांच CBI को सौंप दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जांच एजेंसी यह पता लगाएगी कि गड़बड़ी कहां और कैसे हुई।
उन्होंने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द सामने लाया जाएगा और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
अगले साल से कंप्यूटर आधारित परीक्षा की तैयारी
धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में NEET परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित करने की योजना पर काम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल परीक्षा प्रणाली से पेपर लीक जैसी समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है और पारदर्शिता बढ़ेगी।
हर साल 1 करोड़ छात्रों की परीक्षा कराती है NTA
शिक्षा मंत्री ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) हर साल करीब एक करोड़ छात्रों की परीक्षा आयोजित करती है। इतने बड़े स्तर पर परीक्षा संचालन एक बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन सरकार इसे और अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
“राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों के बाद भी चूक हुई”
उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों को लागू करने के बावजूद इस बार कुछ कमियां रह गईं, जिनकी जिम्मेदारी सरकार लेती है। उन्होंने इसे सिस्टम की चूक बताते हुए कहा कि सुधारात्मक कदम जल्द लागू किए जाएंगे।
छात्रों के लिए सरकार का संदेश
शिक्षा मंत्री ने छात्रों से कहा कि वे बिना किसी डर के परीक्षा की तैयारी जारी रखें। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर छात्र को निष्पक्ष और पारदर्शी अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि “यह लड़ाई छात्रों की नहीं, परीक्षा माफियाओं के खिलाफ है।”









